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डीएम के आदेश के बाद भी निजी बस स्टैंड बदहाल

Mon, 04 Jul 2022 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 12:18 AM IST
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Even after the order of the DM, the private bus stand is in bad shape
भरथना बस स्टैंड पर गंदगी से गुजरती महिला। संवाद - फोटो : ETAWAH
इटावा। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान निजी बस स्टैंडों के बदले गए स्थानों पर डीएम के आदेश के दो सप्ताह बाद भी इंतजाम नहीं हो सके हैं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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लगभग डेढ़ माह पहले शासन के आदेश पर तत्कालीन डीएम श्रुति सिंह ने अतिक्रमण हटाओ चलवाया था। इसमें भरथना और बिधूना जाने वाले निजी बसों के स्टैंडों को तेग बहादुर पुल के नीचे से हटाकर अशोक नगर की बंगाली बगिया में शिफ्ट कर दिया गया था। बंगाली बगिया में जमीन ऊबड़-खाबड़ होने के साथ गंदगी और जलभराव है। यात्रियों के लिए बैठने, पानी और छाया का भी इंतजाम नहीं है। यात्री पानी खरीदकर पीते हैं। नगर पालिका का पोर्टेबल शौचालय गंदगी के बीच रखा है। इससे यात्री शौचालय तक जाने में बचते हैं। बसें आठ बजे तक जाती संचालित होती हैं, रोशनी के इंतजाम न होने से घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
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इसी तरह ग्वालियर बस स्टैंड को सिंचाई विभाग कार्यालय के पास से टिक्सी मंदिर भेज दिया गया है। वहां सुविधाएं न होने से चालक बसें नुुमाइश गेट के सामने खड़ी करने लगे हैं। यहां फुटपाथ पर सवारियां भरी जाती हैं। यहां पर यात्रियों के लिए पानी और छाया के इंतजाम नहीं हैं। नए डीएम अवनीश कुमार राय ने 15 दिन पहले अधिकारियों को दोनों बस स्टैंडों पर यात्रियों के लिए जरूरी सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया है।
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बिधूना 36, ग्वालियर जाती हैं 18 बसें
बिधूना के लिए दिन में रोडवेज की एक भी बस नहीं है। सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक 36 निजी बसें जाती हैं। ग्वालियर जाने के लिए रात में एक रोडवेज बस है जबकि 18 निजी इस रूट पर चलती हैं। दोनों रूट पर ज्यादातर यात्री निजी बस से ही आते-जाते हैं।
संचालकों ने स्टेडियम के पास मांगी जगह
ग्वालियर अड्डे के बस संचालक बउआ भदौरिया और नितेंद्र भदौरिया ने कहा कि टिक्सी मंदिर शहर से बिल्कुल बाहर है। यात्री इतनी दूर नहीं आना चाहते हैं। वह टेंपो से उदी होते हुए भिंड निकल जाते हैं। प्रशासन स्टेडियम के पास पड़ी भूमि स्टैंड के लिए दे दे या पुराने स्थान पर नंबर के हिसाब से बसें भरने की व्यवस्था कर दी जाए।
यात्रियों की परेशानी
रिश्तेदारी में भरथना जा रहे नितिज कुमार ने बताया कि उनका अक्सर भरथना जाना होता है। यहां बस स्टैंड आने के बाद अव्यवस्थाओं के वजह से परेशान होना पड़ता है। सड़क पर ही खड़े होकर बस का इंतजार कर लेते हैं।

बिधूना जाने वाले यात्री एहसान ने बताया कि काम के सिलसिले में अक्सर जाना रहता है। स्टैंड पर पानी तक नहीं है। जलभराव और गंदगी का अंबार होने की वजह से बहुत परेशानी होती है।

पुलिस लाइन तिराहे पर सड़क किनारे रविवार को सवारियां भरते बस संचालक। संवाद

पुलिस लाइन तिराहे पर सड़क किनारे रविवार को सवारियां भरते बस संचालक। संवाद- फोटो : ETAWAH

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