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हॉलमार्क सेंटर के बिना नहीं लागू होने देंगे यूआडी
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इटावा। हॉलमार्किंग के नाम पर अधूरी तैयारियों के बीच उद्योगपतियों का रेड कॉरपेट स्वागत करने का प्रयास कर रही सरकार का सराफा कारोबारी विरोध करेंगे। इंडियन बुलियंस एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (इब्जा) के सदस्यों ने कहा कि हॉलमार्क को समर्थन है, मगर हॉलमार्क यूनिक आईडी (एचयूआईडी) का पुरजोर विरोध किया जाएगा। एचयूआईडी किसी कीमत पर मंजूर नहीं है।
बिहारी धाम शास्त्री चौराहा पर मंगलवार को हुई संगठन की बैठक में कमेटी के प्रदेश सह प्रभारी आकाशदीप जैन बेटू ने कहा कि सरकार 15 जून से हॉलमार्किंग ज्वैलरी की बिक्री को अनिवार्य कर रही है।
सरकार की तैयारियां अधूरी हैं। इटावा समेत कई शहरों और कस्बों में हॉलमार्किंग केंद्र ही नहीं हैं। दुकानदार हॉलमार्क प्राप्त नहीं कर सकेगा। ऐसे में छोटे शहरों में सोने-चांदी का काम करने वाले व्यापारियों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। जनपद में लगभग चार हजार सोने-चांदी का कार्य करने वाले कारीगर परिवार हैं।
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जिलाध्यक्ष पारस जैन ने कहा अनिवार्य हॉलमार्किंग को कम से कम एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जाए। पर्याप्त संख्या में हॉलमार्किंग सेंटर होने तक इसे लागू न किया जाए।
दुकानों पर पुरानी ज्वैलरी मौजूद है। उसकी बिक्री करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। सचिव राजीव चंदेल ने कहा कि हॉलमार्क सभी पर एक समान लागू होने की लाइसेंसी परिभाषा को खत्म करके पंजीयन का उपयोग किया जाए।
साथ ही दुकान के लाइसेंस रद्द करने की धाराओं को वापस लिया जाए। कई ज्वैलर्स के पास लैपटॉप या कंप्यूटर नहीं है। कंप्यूटर में इंट्री करने वाले ऑपरेटर भी रखना आसान नहीं है।
ग्राहकों की घरेलू, पुश्तैनी ज्वैलरी को अवैध न माना जाए, क्योंकि पारिवारिक एवं जड़ाऊ ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग संभव नहीं है। बैठक में जितेंद्र सोनी, सचिन वर्मा, रंजीत वर्मा, मयस्कर त्रिवेदी ने विरोध दर्ज कराया।
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बिहारी धाम शास्त्री चौराहा पर मंगलवार को हुई संगठन की बैठक में कमेटी के प्रदेश सह प्रभारी आकाशदीप जैन बेटू ने कहा कि सरकार 15 जून से हॉलमार्किंग ज्वैलरी की बिक्री को अनिवार्य कर रही है।
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सरकार की तैयारियां अधूरी हैं। इटावा समेत कई शहरों और कस्बों में हॉलमार्किंग केंद्र ही नहीं हैं। दुकानदार हॉलमार्क प्राप्त नहीं कर सकेगा। ऐसे में छोटे शहरों में सोने-चांदी का काम करने वाले व्यापारियों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। जनपद में लगभग चार हजार सोने-चांदी का कार्य करने वाले कारीगर परिवार हैं।
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जिलाध्यक्ष पारस जैन ने कहा अनिवार्य हॉलमार्किंग को कम से कम एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जाए। पर्याप्त संख्या में हॉलमार्किंग सेंटर होने तक इसे लागू न किया जाए।
दुकानों पर पुरानी ज्वैलरी मौजूद है। उसकी बिक्री करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। सचिव राजीव चंदेल ने कहा कि हॉलमार्क सभी पर एक समान लागू होने की लाइसेंसी परिभाषा को खत्म करके पंजीयन का उपयोग किया जाए।
साथ ही दुकान के लाइसेंस रद्द करने की धाराओं को वापस लिया जाए। कई ज्वैलर्स के पास लैपटॉप या कंप्यूटर नहीं है। कंप्यूटर में इंट्री करने वाले ऑपरेटर भी रखना आसान नहीं है।
ग्राहकों की घरेलू, पुश्तैनी ज्वैलरी को अवैध न माना जाए, क्योंकि पारिवारिक एवं जड़ाऊ ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग संभव नहीं है। बैठक में जितेंद्र सोनी, सचिन वर्मा, रंजीत वर्मा, मयस्कर त्रिवेदी ने विरोध दर्ज कराया।