फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   etawah news,There was an attack in 2019 too, the police imposed FR

2019 में हुआ था हमला, पुलिस ने लगाई एफआर

Sat, 21 Aug 2021 11:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Aug 2021 11:03 PM IST
विज्ञापन
etawah news,There was an attack in 2019 too, the police imposed FR
इटावा। डिप्टी जेलर सिब्ते हसन जाफरी वर्ष 2018 में स्थानांतरित होकर इटावा जिला जेल आए थे। तब से यहीं पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि जेल में सख्ती करने पर 14 अगस्त 2019 को भी दो बदमाशों ने उनके सरकारी आवास में घुसकर मारपीट की थी।
विज्ञापन

एक बदमाश ने तमंचे से फायर कर दिया था। जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में उन्होंने सिविल लाइन थाने में मैनपुरी के करहल निवासी विश्राम सिंह, इटावा के शीलू पंडित व प्रतापगढ़ के विकास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

पुलिस ने उनसे बयान भी नहीं लिए और चुपचाप एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाकर मामला बंद कर दिया। अब इस मामला का पुलिस खुलासा कर पाती है या नहीं। यह वक्त बताएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

डिप्टी जेलर का कहना है कि वर्तमान में शातिर विकास जेल के बाहर हैं। उन्होंने विकास पर साथियों के साथ मिल कर जानलेवा हमला करने की आशंका जताई है। पुलिस विकास व शक के दायरे में आए अन्य लोगों के बारे में तहकीकात कर रही है।
इटावा। डिप्टी जेलर ने वारदात में जेल के किसी व्यक्ति की मिलीभगत होने की संभावना जताई है। उनका कहना है कि सप्ताह में किसी भी एक दिन रात में जेल चेकिंग ड्यूटी होती है। शनिवार को उनकी ड्यूटी थी।
यह बात विभागीय कर्मचारियों व जेल के कुछ अन्य लोगों के अलावा किसी को नहीं पता थी। ऐसे में उनके घर से ड्यूटी के लिए निकलने के बारे में किसी न किसी ने हमलावरों को जानकारी दी।
वरना किसी को क्या पता था कि वह भोर में तीन बजे के आसपास ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकलेंगे। इतना ही नहीं हमलावरों ने रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया है।
हमलावर जेल परिसर में आगे से गेट से न तो आए और न गए। वह जेल के पीछे सिविल लाइन की तरफ अर्से से टूटी पड़ी बाउंड्रीवाल से घुसकर परिसर में आए और वारदात को अंजाम देकर उसी रास्ते से भाग गए।
वह पैदल ही आए थे हमलावर
डिप्टी जेलर का कहना है कि हमलावर परिसर में पीछे के रास्ते से पैदल आए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वह पैदल ही भागे थे। उन्हें बाइक या अन्य किसी वाहन की आवाज नहीं सुनाई दी। हो सकता है कि परिसर के बाहर कहीं दूर हमलावरों ने अपना वाहन खड़ा कर रखा हो।
पीएसी वालों ने कहा साहब से कराओ आदेश
डिप्टी जेलर ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने जेल कर्मियों व सुरक्षा में तैनात पीएसी कर्मियों को फोन कर बुलाया। जेल के कर्मचारी तो आ गए, लेकिन पीएसी कर्मियों ने आने से मना कर दिया।
कहा कि साहब के आदेश के बिना वह लोग कहीं नहीं आ सकते हैं। इसके बाद डिप्टी जेलर ने पुलिस व जेल अधिकारियों को पूरा मामला बताया। मौके पर पहुंचे एसएसपी को भी डिप्टी जेलर ने यह बात बताई। एसएसपी ने ड्यूटी पर तैनात पीएसी कर्मियों के नाम लिखे और जांच कराकर कार्रवाई की बात कही।
सरकारी पिस्टल लेकर नहीं निकले थे
डिप्टी जेलर जब ड्यूटी पर निकले, तो अपनी सरकारी पिस्टल नहीं लिए थे। उनका कहना है कि जेल मैनुअल के मुताबिक ड्यूटी के दौरान जेल में पिस्टल ले जाना प्रतिबंधित है। इसलिए वह सरकारी पिस्टल अमूमन ड्यूटी पर जाते समय लेकर नहीं जाते हैं।
वैसे भी परिसर में जेल व पीएसी कर्मी तैनात रहते हैं। जेल परिसर के बाहर जाने के दौरान वह पिस्टल अपने पास रखते हैं। उन्होंने बताया कि दो बार उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए पिस्टल का लाइसेंस लेने का प्रयास किया। आवेदन भी किया, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते लाइसेंस नहीं बन सका। शनिवार को मौके पर पहुंचे एसएसपी ने उन्हें पिस्टल का लाइसेंस दिलाए में मदद का भरोसा दिया है।
आर्मी से रिटायर्ड है डिप्टी जेलर
डिप्टी जेलर सिब्ते हसन जाफरी सन 1981 से 83 तक आर्मी की इंजीनियरिंग विंग में कैप्टन रहे हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने कारागार विभाग में नौकरी ज्वाइन की।

जेल शिफ्ट होने के चलते नहीं बनाई गई बाउंड्रीवाल
जिला कारागार को सैफई रोड स्थित महौला में बनी नई जेल में शिफ्ट किया जाना था। इसलिए अर्से से टूटी पड़ी इस बाउंड्रीवाल की मरम्मत नहीं कराई गई। नई जेल को सेंट्रल जेल बनाए जाने की तैयारी है। इसलिए अब जिला जेल की टूटी बाउंड्री को बनवाए जाने की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed