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क्षमा से बढ़कर कोई शस्त्र नहीं होता: प्रमुख सागर
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फोटो संख्या 22- मौन साधना शिविर में भाग लेते श्रद्घालु
- फोटो : ETAWAH
इटावा। पर्व पर्यूषण (दश लक्षण पर्व) के पहले दिन उत्तम क्षमा पर्व मनाया गया। लालपुरा में शुक्रवार को आचार्य श्री 108 प्रमुख सागर महाराज के सानिध्य में 10 दिवसीय मौन संस्कार साधना शिविर का शुभारंभ हुआ।
तड़के चांदी की पालकी में श्रीजी को विराजमान कर गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकली गई। शिविर में प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि क्षमा से बढ़कर कोई शस्त्र नहीं और शांति से बढ़कर कोई शक्ति नहीं है।
जिनालयों में सुबह से शुरू हुआ भक्ति कार्यक्रम रात तक चलता रहा। आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज के सानिध्य में लालपुरा से सुबह छह बजे चांदी की पालकी पर श्रीजी को विराजमान कर नगर के प्रमुख चौराहों से गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकली।
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उत्तम क्षमा के प्रथम दिन सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य आनंद कुमार जैन बाबा परिवार को प्राप्त हुआ। पालकी यात्रा नगर भ्रमण कर पुन: लालपुरा पहुंची, वहां आचार्य पुजारियों ने श्रीजी का जलाभिषेक किया गया।
मौन संस्कार साधना शिविर में प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि क्षमा से बढ़कर कोई शस्त्र नहीं होता। शांति से बढ़कर कोई शक्ति नहीं होती। वर्तमान में हम दोनों ही खोते चले जा रहे है। हम अपने जीवन में इन दोनों का विकास करें।
शिविर में मौजूद अधिकांश लोगों ने दस दिनों तक उपवास रखने का संकल्प लिया। वहीं नगर स्थित बरहीपुरा, करनपुरा, कटरा, चौगुर्जी, सरायशेख, पंसारी टोला, नया शहर, फूलन देवी डांडा पर पूजा पाठ का क्रम सुबह से ही प्रारंभ हो गया था। छिपैटी में भगवान पार्श्वनाथ का जलाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य राकेश कुमार जैन, संजीव जैन, अवनीश जैन को प्राप्त हुआ।
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तड़के चांदी की पालकी में श्रीजी को विराजमान कर गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकली गई। शिविर में प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि क्षमा से बढ़कर कोई शस्त्र नहीं और शांति से बढ़कर कोई शक्ति नहीं है।
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जिनालयों में सुबह से शुरू हुआ भक्ति कार्यक्रम रात तक चलता रहा। आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज के सानिध्य में लालपुरा से सुबह छह बजे चांदी की पालकी पर श्रीजी को विराजमान कर नगर के प्रमुख चौराहों से गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकली।
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उत्तम क्षमा के प्रथम दिन सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य आनंद कुमार जैन बाबा परिवार को प्राप्त हुआ। पालकी यात्रा नगर भ्रमण कर पुन: लालपुरा पहुंची, वहां आचार्य पुजारियों ने श्रीजी का जलाभिषेक किया गया।
मौन संस्कार साधना शिविर में प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि क्षमा से बढ़कर कोई शस्त्र नहीं होता। शांति से बढ़कर कोई शक्ति नहीं होती। वर्तमान में हम दोनों ही खोते चले जा रहे है। हम अपने जीवन में इन दोनों का विकास करें।
शिविर में मौजूद अधिकांश लोगों ने दस दिनों तक उपवास रखने का संकल्प लिया। वहीं नगर स्थित बरहीपुरा, करनपुरा, कटरा, चौगुर्जी, सरायशेख, पंसारी टोला, नया शहर, फूलन देवी डांडा पर पूजा पाठ का क्रम सुबह से ही प्रारंभ हो गया था। छिपैटी में भगवान पार्श्वनाथ का जलाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य राकेश कुमार जैन, संजीव जैन, अवनीश जैन को प्राप्त हुआ।