इटावा। मौसमी की बेरुखी ने शुक्रवार को किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सुबह हल्की बारिश के साथ ओले गिरे फिर शाम चार बजे के बाद तेज बारिश के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि हुई। इससे सरसों, गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से आलू भी सड़ने की आशंका बढ़ गई है। तेज हवा से गेहूं की ज्यादातर फसल गिर गई है। हवा के कारण कई जगह पेड़ भी गिर गए।
जिले में 29 फरवरी की रात में मौसम ने करवट ली थी। तब से आसमान पर बादल छाए ही हैं। तीन दिन बारिश चुकी है। शुक्रवार सुबह फिर घने बादल छाए और करीब 9:30 बजे बूंदाबांदी के साथ ओले गिरने लगे। ओले शहर के कटरा साहबखां मोहल्ले से लेकर इकदिल के आसपास तक गिरे। दोपहर में हल्की धूप निकली लेकिन शाम दो बजे के बाद फिर घने बादल छा गए। तीन बजे से फिर बारिश शुरू हो गई। चकनगर, बकेवर, इकदिल के अलावा शहर में ओलावृष्टि भी हुई। चकरगनर और बकेवर में बारिश के पहले करीब पांच मिनट तक ओले ही गिरे। बस्तियों और खेतों में बेर के बराबर के ओलों की परत बिछ गई। शहर में करीब 4:30 बजे ओले के साथ तेज बारिश हुई। ओलों से सरसों की पकी फसल काफी झड़ गई और गेहूं को भी भारी नुकसान हुआ है।