{"_id":"6150aedb8ebc3efd896dc377","slug":"etawah-news-initiative-should-be-taken-to-build-a-memorial-in-the-name-of-k-asif-etawah-news-knp6546454194","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिल्म निर्माता के आसिफ के नाम पर स्मारक बनाने की हो पहल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिल्म निर्माता के आसिफ के नाम पर स्मारक बनाने की हो पहल
विज्ञापन
फोटो संख्या 08- इस्लामियां कालेज में के आसिफ जन्म शताब्दी समारोह का शुभारंभ करते फिल्मकार राजेश ब?
- फोटो : ETAWAH
इटावा। शहर इटावा में जन्मे मुगले आजम सहित कई जानी मानी फिल्मों के निर्माता के.आसिफ का जन्म शताब्दी समारोह आसिफ चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की पांचवीं कड़ी के तौर पर आयोजित हुआ। समारोह में के आसिफ के नाम पर इटावा में स्मारक बनाए जाने की मांग की गई।
इटावा के साहित्यकार डा.कुश चतुर्वेदी ने कहा कि इटावा में जन्मे कमरुद्दीन आसिफ का बचपन गरीबी में गुजरा लेकिन वह धुन के पक्के थे। पूरी उम्र बेहद सादगी से रहने वाले के.आसिफ ने मुगले आजम के रूप में उस वक्त की सबसे महंगी और सफल फिल्म बनाई।
यहां फजल यूसुफ खान ने के.आसिफ के मकान को के.आसिफ स्मारक बनाने का प्रस्ताव रखा। मुख्य अतिथि फिल्मकार राजेश बादल ने कहा कि इटावा में फिल्म इंस्टीट्यूट बनाया जाए।
विज्ञापन
फिल्म समीक्षक अजित राय ने कहा कि के-आसिफ ने एक-एक घटना को पर्दे पर ऐसे उतारा कि उसकी तपिश या शीतलता को लोगों ने सिनेमा हॉल में बैठकर महसूस किया।
अनारकली की कहानी का जिक्र इतिहास में नहीं मिलता लेकिन के.आसिफ ने काल्पनिक कहानी और किरदार को ऐसे पेश किया जिसे हर कोई सच मान बैठा।
चर्चित फिल्म क्रिटिक मुर्तजा अली खान ने कहा कि के.आसिफ ने असंभव को संभव करके दिखाया। 100वें साल पर भारतीय डाक टिकट जारी हो। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राकेश पाठक ने कहा कि के. आसिफ ने हिंदू-मुस्लिम एकता और मुहब्बत का पैगाम दुनिया को दिया है।
पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद ने कहा कि उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा जाना चाहिए। इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैनेजर मो.अल्ताफ ने कहा कि हमें कालेज से पढ़े के.आसिफ जैसी अजीम शख्सियत को उनके पैदाइश के सौवे साल में याद करते हुए बेहद खुशी हो रही है।
इस दौरान प्रेस क्लब इटावा अध्यक्ष दिनेश शाक्य, प्रिंसिपल गुफरान अहमद, दस्तावेजी फिल्म निर्माता शाह आलम, डॉ. रिपुदमन सिंह यादव, डॉ.कमल कुमार कुशवाहा, कुलदीप कुमार बौद्ध, रूद्र प्रताप, मोहित यादव आदि रहे। समारोह में आए हुए फिल्म अभिनेता अवधेश चौहान, प्रसिद्ध फिल्म सिंगर डॉ.नीता और फिल्म निर्देशक डॉ. अवनीश सिंह को भी सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
इटावा के साहित्यकार डा.कुश चतुर्वेदी ने कहा कि इटावा में जन्मे कमरुद्दीन आसिफ का बचपन गरीबी में गुजरा लेकिन वह धुन के पक्के थे। पूरी उम्र बेहद सादगी से रहने वाले के.आसिफ ने मुगले आजम के रूप में उस वक्त की सबसे महंगी और सफल फिल्म बनाई।
विज्ञापन
यहां फजल यूसुफ खान ने के.आसिफ के मकान को के.आसिफ स्मारक बनाने का प्रस्ताव रखा। मुख्य अतिथि फिल्मकार राजेश बादल ने कहा कि इटावा में फिल्म इंस्टीट्यूट बनाया जाए।
विज्ञापन
फिल्म समीक्षक अजित राय ने कहा कि के-आसिफ ने एक-एक घटना को पर्दे पर ऐसे उतारा कि उसकी तपिश या शीतलता को लोगों ने सिनेमा हॉल में बैठकर महसूस किया।
अनारकली की कहानी का जिक्र इतिहास में नहीं मिलता लेकिन के.आसिफ ने काल्पनिक कहानी और किरदार को ऐसे पेश किया जिसे हर कोई सच मान बैठा।
चर्चित फिल्म क्रिटिक मुर्तजा अली खान ने कहा कि के.आसिफ ने असंभव को संभव करके दिखाया। 100वें साल पर भारतीय डाक टिकट जारी हो। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राकेश पाठक ने कहा कि के. आसिफ ने हिंदू-मुस्लिम एकता और मुहब्बत का पैगाम दुनिया को दिया है।
पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद ने कहा कि उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा जाना चाहिए। इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैनेजर मो.अल्ताफ ने कहा कि हमें कालेज से पढ़े के.आसिफ जैसी अजीम शख्सियत को उनके पैदाइश के सौवे साल में याद करते हुए बेहद खुशी हो रही है।
इस दौरान प्रेस क्लब इटावा अध्यक्ष दिनेश शाक्य, प्रिंसिपल गुफरान अहमद, दस्तावेजी फिल्म निर्माता शाह आलम, डॉ. रिपुदमन सिंह यादव, डॉ.कमल कुमार कुशवाहा, कुलदीप कुमार बौद्ध, रूद्र प्रताप, मोहित यादव आदि रहे। समारोह में आए हुए फिल्म अभिनेता अवधेश चौहान, प्रसिद्ध फिल्म सिंगर डॉ.नीता और फिल्म निर्देशक डॉ. अवनीश सिंह को भी सम्मानित किया गया।