{"_id":"601447718ebc3e32c276e30a","slug":"etawah-news-etawha-news-knp608741544","type":"story","status":"publish","title_hn":"ना कोहरा बढ़ा रहा गलन भरी ठंड, हल्की धूप से मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ना कोहरा बढ़ा रहा गलन भरी ठंड, हल्की धूप से मिली राहत
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फोटो संख्या 12 धूप निकलने के बाद नुमाइश में बैठे लोग
- फोटो : ETAWHA
इटावा। पिछले एक हफ्ते से न्यूनतम पारा एक डिग्री के पास ही है। इसका असर है कि कई दिनों से सुबह की शुरुआत घने कोहरे और गलन से हो रही है। पिछले 10 दिनों से मौसम बेहद सर्द है। लगातार दूसरे दिन भी शुक्रवार को न्यूनतम पारा एक डिग्री पर टिका रहा। अधिकतम पारे में दो डिग्री की कमी आई। वह 18 से 16 डिग्री आ गया।
सुबह नौ बजे भी घने कोहरे के कारण मात्र 100 मीटर की दृश्यता रही। सुबह 11 बजे तक यही हालात रहे। दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा छंटने लगा और दोपहर 12 बजे हल्की-हल्की धूप निकलने लगी। धूप में तपिश न होने से लोगों को खासी राहत नहीं मिली। कुछ घंटों बाद बदली फिर छा गई। गलन भरी ठंड का असर पशु पक्षियों पर भी पड़ रहा है। इस मौसम में चकरनगर के सेंक्चुअरी क्षेत्र में विदेशी पक्षी भी आए हैं। धूप निकलने पर पेड़ों की टहनियों पर बैठा उनका झुंड देखा गया।
अरहर के फूल बचाने को करें कीटनाशक का छिड़काव
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विजय बहादुर जायसवाल ने कहा कि पाला पड़ने की आशंका को देखते हुए अरहर की फसल खासकर जिनमें फूल आ गए या आ रहे हैं, उन्हें बचाने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। ऐसा करके अरहर की फसल को पाले से बचाया जा सकता है।
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सुबह नौ बजे भी घने कोहरे के कारण मात्र 100 मीटर की दृश्यता रही। सुबह 11 बजे तक यही हालात रहे। दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा छंटने लगा और दोपहर 12 बजे हल्की-हल्की धूप निकलने लगी। धूप में तपिश न होने से लोगों को खासी राहत नहीं मिली। कुछ घंटों बाद बदली फिर छा गई। गलन भरी ठंड का असर पशु पक्षियों पर भी पड़ रहा है। इस मौसम में चकरनगर के सेंक्चुअरी क्षेत्र में विदेशी पक्षी भी आए हैं। धूप निकलने पर पेड़ों की टहनियों पर बैठा उनका झुंड देखा गया।
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अरहर के फूल बचाने को करें कीटनाशक का छिड़काव
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विजय बहादुर जायसवाल ने कहा कि पाला पड़ने की आशंका को देखते हुए अरहर की फसल खासकर जिनमें फूल आ गए या आ रहे हैं, उन्हें बचाने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। ऐसा करके अरहर की फसल को पाले से बचाया जा सकता है।
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