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आॅनलाइन आवेदनों पर पेंडिग रखता है औषधि विभाग
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इटावा। जिले के व्यापारियों ने रविवार को कलक्ट्रेट में हुई बैठक में कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग दुकानों के लाइसेंस पर सुनवाई ही नहीं कर रहा है। आवेदन के बावजूद कार्यवाही न होने से लाइसेंस नहीं बन पा रहे हैं। इसपर अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने अफसरों को समय अविधि के अंदर लाइसेंस बनाने के दिए।
रविवार को हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री नरेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि कई दुकानदारों को अभी तक ड्रगिस्ट का लाइसेंस नहीं मिल पाया है, जबकि उनका डाटा अपलोड किया जा चुका है।
व्यापारी निहाल चंद्र केशरवानी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग आवेदनों को एक माह तक पेंडिंग रखे रहता है। एक माह तक कार्यवाही न होने से आवेदन स्वत: निरस्त हो जाता है। इससे व्यापारी परेशान हैं। विभाग जानबूझकर कार्यवाही नहीं कर रहा है। इस पर अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित का स्पष्टीकरण प्राप्त करने को कहा। लाइसेंस को निर्धारित समय सीमा के अंदर बनाने को कहा। यदि ऐसा नहीं होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने व खरीदने से रोकने के लिए दुकानों से सैंपलिंग करने के निर्देश दिए।
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51 नमूने निकले अधोमानक
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अवगत कराया कि एक अप्रैल से 31 दिसंबर 2020 तक खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर छापे डाले गए। इस दौरान 114 नमूने संग्रहीत किए गए। 49 को नोटिस दिया गया। 56 मामले कोर्ट में चल रहे हैं। 56 के फैसले आए। इस दौरान 2654 लाइसेंस जारी किए गए। प्रयोगशाला से 88 की रिपोर्ट प्राप्त हुई। 51 नमूने अधोमानक पाए गए। कुल 21 लाख 60 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए।
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रविवार को हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री नरेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि कई दुकानदारों को अभी तक ड्रगिस्ट का लाइसेंस नहीं मिल पाया है, जबकि उनका डाटा अपलोड किया जा चुका है।
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व्यापारी निहाल चंद्र केशरवानी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग आवेदनों को एक माह तक पेंडिंग रखे रहता है। एक माह तक कार्यवाही न होने से आवेदन स्वत: निरस्त हो जाता है। इससे व्यापारी परेशान हैं। विभाग जानबूझकर कार्यवाही नहीं कर रहा है। इस पर अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित का स्पष्टीकरण प्राप्त करने को कहा। लाइसेंस को निर्धारित समय सीमा के अंदर बनाने को कहा। यदि ऐसा नहीं होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने व खरीदने से रोकने के लिए दुकानों से सैंपलिंग करने के निर्देश दिए।
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51 नमूने निकले अधोमानक
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अवगत कराया कि एक अप्रैल से 31 दिसंबर 2020 तक खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर छापे डाले गए। इस दौरान 114 नमूने संग्रहीत किए गए। 49 को नोटिस दिया गया। 56 मामले कोर्ट में चल रहे हैं। 56 के फैसले आए। इस दौरान 2654 लाइसेंस जारी किए गए। प्रयोगशाला से 88 की रिपोर्ट प्राप्त हुई। 51 नमूने अधोमानक पाए गए। कुल 21 लाख 60 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए।