{"_id":"610d6edb8ebc3ec1c210b1c6","slug":"etawah-news-etawah-news-knp644711882","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलस्तर गिरने से राहत, फिर भी कम नहीं हुईं दुश्वारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलस्तर गिरने से राहत, फिर भी कम नहीं हुईं दुश्वारियां
विज्ञापन
फोटो संख्या 32- शहर के नजदीक स्थिति ऐतिहासिक कालीबांह मंदिर के अंदर भरा यमुना की बाढ़ का पानी
- फोटो : ETAWAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। पिछले तीन दिनों से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों के लिए संकटकाल में थोड़ी राहत भरी खबर आई है। चंबल का जलस्तर अब नीचे आने लगा है। बृहस्पतिवार की रात 9 बजे चंबल का जलस्तर 128.49 मीटर था, जो शुक्रवार की शाम 6 बजे घटकर 127.50 मीटर पर आ गया। जलस्तर में एक मीटर की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद भी यमुुना और चंबल की बाढ़ से लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
यमुना का जलस्तर अभी धीमी गति से कम हो रहा है। एहतियात के तौर पर यमुना पुल पर भारी वाहनों का यातायात रोक दिया गया है। यमुना में बाढ़ का असर इटावा शहर के नजदीक तक आ गया है। शुक्रवार को शमशान घाट, इटावा ग्वालियर रोड, ऐतिहासिक काली बांह मंदिर और कालीघाट स्थित धूत पापेश्वरम मंदिर में पानी भर गाय। शमशान घाट में पानी भरा होने के कारण इटावा ग्वालियर रोड पर रेडियो टावर के समीप वन विभाग की जमीन पर वैकल्पिक तौर पर शमशान घाट तैयार किया गया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थानीय पुलिस प्रशासन के अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव के काम में जुटी हैं। चंबल व यमुना से सटे कई गांवों में पांच दिन से बिजली नहीं है। यहां की करीब 60 हजार की आबादी अंधेरे मेें रह रही है। अब पानी कम होने के बाद ही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठीक हो सकेगी। बाढ़ प्रभावित कई गांवों में पीड़ितों के पास भोजन नहीं पहुंच पा रहा है। प्रशासन ने प्रधानों के साथ ही राशन कोटेदारों को यह व्यवस्था सौंप दी है।
विज्ञापन
पांच मोटर बोटों से चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान
चकरनगर संवाद के अनुसार प्रशासन ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए पीएसी बल के बाद एनडीआरएफ का सहारा लिया है। एनडीआरएफ का विशेष दल लखनऊ से आया है। 25 लोगों की टुकड़ी में 5 बोटों से पेट्रोलिंग कर वह बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। एनडीआरएफ लखनऊ 11 वाहिनी निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को निरंतर रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। स्थिति गंभीर लेकिन नियंत्रण में है। उप जिलाधिकारी चकरनगर सत्य प्रकाश ने बताया कि नदियों का जलस्तर काम हो रहा है। प्रशासनिक मशीनरी निरंतर रात काम में जुटी हुई है।
भाजपा सांसद पहुंचे बाढ़ प्रभावितों से मिलने
चकरनगर संवाद के अनुसार बरसात ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मुसीबत दोगुनी कर दी है। देर शाम से शुरू हुई बरसात के कारण मदद पहुंचाने के लिए समस्या आ रही है। भाजपा सांसद डा.राम शंकर कठेरिया ने शुक्रवार को बाढ़ग्रस्त गांव का दौरा किया। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर तत्काल प्रशासनिक अमले को राहत कार्य पहुंचाने के लिए कहा। सांसद गांव के मुख्य मार्ग में भरे चंबल नदी के पानी से होते हुए लोगों ने उनकी समस्याएं जानने पहुंचे। बाढ़ में फंसे लोगों के लिए क्षेत्रीय समाजसेवियों ने व्यापारियों ने खाना पानी लंच पैकेट पहुंचाना शुरू कर दिया है। सिडौस ग्राम प्रधान सज्जन सिंह राजावत ने गुरु भेली गांव में बाढ़ में फंसे लोगों को फल नमकीन बिस्कुट लंच पैकेट आदि खाने पीने की चीजें घर घर जातक वितरित कीं। बिठौली के कतरौली गांव में हनुमंत पुरा बाजार के व्यापारी राजकुमार दुबे, राजेश सिंह परिहार, सेवा पोरवाल बाढ़ में फंसे लोगों मदद पहुंचा रहे हैं।
यमुना की धार का रुख सीधा होने से मिल सकती है राहत
बकेवर संवाद के अनुसार यमुना के जलस्तर ने अब नीचे की तरफ बहना शुरू किया है। जिससे लोगों ने राहत महसूस की। शुक्रवार शाम 4 बजे दो सेमी पानी यमुना में कम हुआ है। देर रात तक और अधिक रफ्तार से पानी कम होने की संभावना हैं।
तहसील के किसी अधिकारी ने नहीं ली सुध
लवेदी संवाद के अनुसार यमुना के बढ़ते जलस्तर से लवेदी क्षेत्र के ग्राम चिंडौली में खेतों पर बने सात घरों में पानी भर गया। गांव ऊंचाई पर बसा होने के चलते पानी ने गांव को चारों ओर से घेर लिया। ग्रामीण जयवीर सिंह, कृपान सिंह, छोटे सिंह, बृजेश तोमर, रविन्द्र सिंह, शाटर सिंह, लाली सिंह, धीरज सिंह अपने घरों को खाली करके सुरक्षित स्थान पर चले गए। ग्राम प्रधान अनुपम पाल व समाजसेवी बडे़ सिंह परिहार, मुकेश चौहान व लवेदी थाने के उपनिरीक्षक जगपाल सिंह ने गांव की हालात का जायजा लिया। ग्राम मुचाई में ग्राम प्रधान मुरारी लाल ने दो नावों को लगवाकर घरों को खाली कराकर लोगों को दूसरे स्थान पर रखा। इस समस्या को चकरनगर तहसील प्रशासन को अवगत कराने के बाद किसी अधिकारी ने पहुंचकर सुध नहीं ली।
विधायक मोटरबोट से प्रभावितों से मिलने पहुंची
उदी संवाद के अनुसार चंबल नदी से बाढ़ग्रस्त गांवों का सदर विधायक सरिता भदौरिया ने दौरा कर पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बढपुरा क्षेत्र के ग्राम मडै़या बढ़पुरा व मड़ैया पछांयगाव में बाढ़ पीड़ित लोगों को राशन, दवाएं, आदि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा। ग्राम मडै़या पछांयगाव में सदर विधायक ने एनडीआरएफ की मोटरबोट से गांव का किया भ्रमण। इस दौरान सदर एसडीएम सिद्धार्थ, सदर तहसीलदार गजराज सिंह, बढपुरा थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार शर्मा, पछांयगाव थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह आदि रहे।
विज्ञापन
यमुना का जलस्तर अभी धीमी गति से कम हो रहा है। एहतियात के तौर पर यमुना पुल पर भारी वाहनों का यातायात रोक दिया गया है। यमुना में बाढ़ का असर इटावा शहर के नजदीक तक आ गया है। शुक्रवार को शमशान घाट, इटावा ग्वालियर रोड, ऐतिहासिक काली बांह मंदिर और कालीघाट स्थित धूत पापेश्वरम मंदिर में पानी भर गाय। शमशान घाट में पानी भरा होने के कारण इटावा ग्वालियर रोड पर रेडियो टावर के समीप वन विभाग की जमीन पर वैकल्पिक तौर पर शमशान घाट तैयार किया गया है।
विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थानीय पुलिस प्रशासन के अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव के काम में जुटी हैं। चंबल व यमुना से सटे कई गांवों में पांच दिन से बिजली नहीं है। यहां की करीब 60 हजार की आबादी अंधेरे मेें रह रही है। अब पानी कम होने के बाद ही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठीक हो सकेगी। बाढ़ प्रभावित कई गांवों में पीड़ितों के पास भोजन नहीं पहुंच पा रहा है। प्रशासन ने प्रधानों के साथ ही राशन कोटेदारों को यह व्यवस्था सौंप दी है।
विज्ञापन
पांच मोटर बोटों से चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान
चकरनगर संवाद के अनुसार प्रशासन ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए पीएसी बल के बाद एनडीआरएफ का सहारा लिया है। एनडीआरएफ का विशेष दल लखनऊ से आया है। 25 लोगों की टुकड़ी में 5 बोटों से पेट्रोलिंग कर वह बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। एनडीआरएफ लखनऊ 11 वाहिनी निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को निरंतर रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। स्थिति गंभीर लेकिन नियंत्रण में है। उप जिलाधिकारी चकरनगर सत्य प्रकाश ने बताया कि नदियों का जलस्तर काम हो रहा है। प्रशासनिक मशीनरी निरंतर रात काम में जुटी हुई है।
भाजपा सांसद पहुंचे बाढ़ प्रभावितों से मिलने
चकरनगर संवाद के अनुसार बरसात ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मुसीबत दोगुनी कर दी है। देर शाम से शुरू हुई बरसात के कारण मदद पहुंचाने के लिए समस्या आ रही है। भाजपा सांसद डा.राम शंकर कठेरिया ने शुक्रवार को बाढ़ग्रस्त गांव का दौरा किया। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर तत्काल प्रशासनिक अमले को राहत कार्य पहुंचाने के लिए कहा। सांसद गांव के मुख्य मार्ग में भरे चंबल नदी के पानी से होते हुए लोगों ने उनकी समस्याएं जानने पहुंचे। बाढ़ में फंसे लोगों के लिए क्षेत्रीय समाजसेवियों ने व्यापारियों ने खाना पानी लंच पैकेट पहुंचाना शुरू कर दिया है। सिडौस ग्राम प्रधान सज्जन सिंह राजावत ने गुरु भेली गांव में बाढ़ में फंसे लोगों को फल नमकीन बिस्कुट लंच पैकेट आदि खाने पीने की चीजें घर घर जातक वितरित कीं। बिठौली के कतरौली गांव में हनुमंत पुरा बाजार के व्यापारी राजकुमार दुबे, राजेश सिंह परिहार, सेवा पोरवाल बाढ़ में फंसे लोगों मदद पहुंचा रहे हैं।
यमुना की धार का रुख सीधा होने से मिल सकती है राहत
बकेवर संवाद के अनुसार यमुना के जलस्तर ने अब नीचे की तरफ बहना शुरू किया है। जिससे लोगों ने राहत महसूस की। शुक्रवार शाम 4 बजे दो सेमी पानी यमुना में कम हुआ है। देर रात तक और अधिक रफ्तार से पानी कम होने की संभावना हैं।
तहसील के किसी अधिकारी ने नहीं ली सुध
लवेदी संवाद के अनुसार यमुना के बढ़ते जलस्तर से लवेदी क्षेत्र के ग्राम चिंडौली में खेतों पर बने सात घरों में पानी भर गया। गांव ऊंचाई पर बसा होने के चलते पानी ने गांव को चारों ओर से घेर लिया। ग्रामीण जयवीर सिंह, कृपान सिंह, छोटे सिंह, बृजेश तोमर, रविन्द्र सिंह, शाटर सिंह, लाली सिंह, धीरज सिंह अपने घरों को खाली करके सुरक्षित स्थान पर चले गए। ग्राम प्रधान अनुपम पाल व समाजसेवी बडे़ सिंह परिहार, मुकेश चौहान व लवेदी थाने के उपनिरीक्षक जगपाल सिंह ने गांव की हालात का जायजा लिया। ग्राम मुचाई में ग्राम प्रधान मुरारी लाल ने दो नावों को लगवाकर घरों को खाली कराकर लोगों को दूसरे स्थान पर रखा। इस समस्या को चकरनगर तहसील प्रशासन को अवगत कराने के बाद किसी अधिकारी ने पहुंचकर सुध नहीं ली।
विधायक मोटरबोट से प्रभावितों से मिलने पहुंची
उदी संवाद के अनुसार चंबल नदी से बाढ़ग्रस्त गांवों का सदर विधायक सरिता भदौरिया ने दौरा कर पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बढपुरा क्षेत्र के ग्राम मडै़या बढ़पुरा व मड़ैया पछांयगाव में बाढ़ पीड़ित लोगों को राशन, दवाएं, आदि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा। ग्राम मडै़या पछांयगाव में सदर विधायक ने एनडीआरएफ की मोटरबोट से गांव का किया भ्रमण। इस दौरान सदर एसडीएम सिद्धार्थ, सदर तहसीलदार गजराज सिंह, बढपुरा थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार शर्मा, पछांयगाव थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह आदि रहे।