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धुंध से हुई सुबह की शुरुआत, रेल व सड़क यातायात पर पड़ा असर
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चकरनगर में सड़क पर धुंध के बीच से निकलता ऑटो
- फोटो : ETAWHA
इटावा। शुक्रवार की सुबह की शुरुआत धुंध से हुई जरूर, लेकिन कोहरा न होने की वजह से ठंड का नाम मात्र भी अहसास नहीं हुआ। धुंध की वजह से ट्रेनों की रफ्तार पर असर पड़ा, जबकि वाहन चालकों को भी धीमी गति से हेडलाइट जलाकर निकलना पड़ा। धुंध का असर शहर की बजाए ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिला।
दिसंबर का महीना होने की वजह से सुबह की सर्दी में घर के बाहर लोग आग जलाकर हाथ सेकते रहे। कोहरा न पड़ने और सुबह से धूप निकलने की वजह से दिसंबर में पड़ने वाली सर्दी का अहसास लोगों को अभी उतना नहीं है जितना होना चाहिए था। ऐसी स्थिति में अभी सुबह और रात में ही सर्दी का अहसास हो रहा है। अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा।
अभी कोहरा नहीं धुंध है, सर्दी फसलों के लिए फायदेमंद
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक एमके सिंह के अनुसार अभी कोहरा नहीं पड़ रहा है। यह धुंध है। कोहरा पड़ने से तापमान में गिरावट आने से सर्दी का अहसास होता है। सर्दी का पड़ना गेहूं, सरसों इत्यादि फसल के लिए काफी फायदेमंद है। हालांकि सर्दी ज्यादा पड़ जाए तो इसका सबसे ज्यादा असर आलू की फसल पर पड़ता है। अभी तक सर्दी और कोहरा न पड़ने से ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली है।
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दोपहर तीन बजे के बाद हुए सूर्य के दर्शन
चकरनगर क्षेत्र में भी धुंध की वजह से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। हालांकि इस वजह से पूरे दिन धूप छांव की स्थिति रही। लोगों को दोपहर तीन बजे के बाद धूप के दर्शन हुए। धुंध और बदली होने से किसान बूंदाबांदी होने का अनुमान लगा रहे हैं। कहा कि बरसात होने से सर्दी तो बढ़ेगी, लेकिन यह फसलों के लिए अमृत समान होगी। इस समय गेहूं, सरसों की फसल को पानी की सख्त जरूरत है। किसानों का कहना है अभी तक ईश्वर की मेहरबानी से मौसम इतना अनुकूल है कि फसलों को लाभ मिल रहा है।
इनसेट
सर्दी से बचाव को शेल्टर होम ने किए विशेष प्रबंध
अधिशाषी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि उनके पास स्थायी और बेहतर शेल्टर होम हैं। इस वजह से इस बार अस्थायी रैन बसेरा नहीं बनाएंगे। इतना जरूर है कि रात के समय जरूरतमंदों को शेल्टर होम में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन के पास ऑटो लगाए जाएंगे। जिस पर बैनर लगा होने से लोग आसानी से पहुंच सकें और उन्हें किराया भी नहीं देना पड़ेगा। सुबह होने पर लोगों को रेलवे स्टेशन अथवा बस स्टेशन छुड़वा दिया जाएगा। इनके अलावा जिन स्थानों पर लोग खुले में पड़े रहते हैं उन्हें भी शेल्टर होम में लाया जाएगा। इससे उनकी सर्दी बची रहे। हालांकि यहां आने वालों के लिए आधार कार्ड दिखाना जरूरी होता है।
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दिसंबर का महीना होने की वजह से सुबह की सर्दी में घर के बाहर लोग आग जलाकर हाथ सेकते रहे। कोहरा न पड़ने और सुबह से धूप निकलने की वजह से दिसंबर में पड़ने वाली सर्दी का अहसास लोगों को अभी उतना नहीं है जितना होना चाहिए था। ऐसी स्थिति में अभी सुबह और रात में ही सर्दी का अहसास हो रहा है। अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा।
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अभी कोहरा नहीं धुंध है, सर्दी फसलों के लिए फायदेमंद
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक एमके सिंह के अनुसार अभी कोहरा नहीं पड़ रहा है। यह धुंध है। कोहरा पड़ने से तापमान में गिरावट आने से सर्दी का अहसास होता है। सर्दी का पड़ना गेहूं, सरसों इत्यादि फसल के लिए काफी फायदेमंद है। हालांकि सर्दी ज्यादा पड़ जाए तो इसका सबसे ज्यादा असर आलू की फसल पर पड़ता है। अभी तक सर्दी और कोहरा न पड़ने से ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली है।
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दोपहर तीन बजे के बाद हुए सूर्य के दर्शन
चकरनगर क्षेत्र में भी धुंध की वजह से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। हालांकि इस वजह से पूरे दिन धूप छांव की स्थिति रही। लोगों को दोपहर तीन बजे के बाद धूप के दर्शन हुए। धुंध और बदली होने से किसान बूंदाबांदी होने का अनुमान लगा रहे हैं। कहा कि बरसात होने से सर्दी तो बढ़ेगी, लेकिन यह फसलों के लिए अमृत समान होगी। इस समय गेहूं, सरसों की फसल को पानी की सख्त जरूरत है। किसानों का कहना है अभी तक ईश्वर की मेहरबानी से मौसम इतना अनुकूल है कि फसलों को लाभ मिल रहा है।
इनसेट
सर्दी से बचाव को शेल्टर होम ने किए विशेष प्रबंध
अधिशाषी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि उनके पास स्थायी और बेहतर शेल्टर होम हैं। इस वजह से इस बार अस्थायी रैन बसेरा नहीं बनाएंगे। इतना जरूर है कि रात के समय जरूरतमंदों को शेल्टर होम में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन के पास ऑटो लगाए जाएंगे। जिस पर बैनर लगा होने से लोग आसानी से पहुंच सकें और उन्हें किराया भी नहीं देना पड़ेगा। सुबह होने पर लोगों को रेलवे स्टेशन अथवा बस स्टेशन छुड़वा दिया जाएगा। इनके अलावा जिन स्थानों पर लोग खुले में पड़े रहते हैं उन्हें भी शेल्टर होम में लाया जाएगा। इससे उनकी सर्दी बची रहे। हालांकि यहां आने वालों के लिए आधार कार्ड दिखाना जरूरी होता है।