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Etawah News: हल्की बारिश में ढह गया 10 लाख से बना नाला, गुणवत्ता की खुली पोल
Mon, 28 Sep 2026 12:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:46 AM IST
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फोटो:17 मजरा खोड़न में गिरी नाले की दीवार। संवाद
चकरनगर। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिंड़ौस के मजरा खोड़न में क्षेत्र पंचायत निधि से करीब एक साल पहले 10 लाख रुपये की लागत से बनाया गया नाला शनिवार रात हुई बारिश में जगह-जगह से ढह गया। दूसरी बार नाला क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। यही कारण है कि नाला हल्की बारिश में ही ढह गया।
खोड़न गांव में वर्षों से पानी निकासी की समस्या थी। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए ब्लॉक प्रमुख राधा यादव की पहल पर क्षेत्र पंचायत निधि से नाला निर्माण कराया गया था। नाले के निर्माण शिलान्यास पत्थर पर मेवाराम प्रजापति के घर से राठौर के खेत तक करीब 130 मीटर लंबाई का नाला दिखाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर नाला मेवाराम प्रजापति के घर से शुरू न कर पांडरी मंदिर से शुरू किया गया। वहीं राठौर के खेत तक पहुंचने से पहले ही निर्माण कार्य छोड़ दिया गया।
ग्रामीण गंभीर कुशवाहा, प्रेम सिंह, लज्जाराम सिंह, जगदीश सिंह कुशवाहा और आशीष सिंह राजावत ने बताया कि नाला निर्माण के समय ही गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। नाला एक साल के भीतर ही दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गया। कई स्थानों पर नाले में दरारें भी पड़ गई हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
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ग्रामीणों की शिकायत को ध्यान में रखते हुए नाला निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त हुए नाले की मरम्मत कराए जाने के निर्देश ठेकेदार को दिए जाएंगे।
-यदुवीर सिंह, बीडीओ चकरनगर
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खोड़न गांव में वर्षों से पानी निकासी की समस्या थी। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए ब्लॉक प्रमुख राधा यादव की पहल पर क्षेत्र पंचायत निधि से नाला निर्माण कराया गया था। नाले के निर्माण शिलान्यास पत्थर पर मेवाराम प्रजापति के घर से राठौर के खेत तक करीब 130 मीटर लंबाई का नाला दिखाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर नाला मेवाराम प्रजापति के घर से शुरू न कर पांडरी मंदिर से शुरू किया गया। वहीं राठौर के खेत तक पहुंचने से पहले ही निर्माण कार्य छोड़ दिया गया।
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ग्रामीण गंभीर कुशवाहा, प्रेम सिंह, लज्जाराम सिंह, जगदीश सिंह कुशवाहा और आशीष सिंह राजावत ने बताया कि नाला निर्माण के समय ही गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। नाला एक साल के भीतर ही दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गया। कई स्थानों पर नाले में दरारें भी पड़ गई हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
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ग्रामीणों की शिकायत को ध्यान में रखते हुए नाला निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त हुए नाले की मरम्मत कराए जाने के निर्देश ठेकेदार को दिए जाएंगे।
-यदुवीर सिंह, बीडीओ चकरनगर