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Etawah News: तरणताल चालू कराने के लिए फिर प्रयास
Fri, 31 Mar 2023 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 31 Mar 2023 11:38 PM IST
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सैफई। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम के तरणताल की तर्ज पर सैफई में बना अंतरराष्ट्रीय तरणताल चालू कराने के लिए फिर से प्रयास शुरू हुआ है। एसडीएम और स्पोर्टस कॉलेज के प्रधानाचार्य रामदयाल रमन की ओर से इसकी बिजली बिल भुगतान के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। जनवरी 2020 में यहां विद्युत कनेक्शन जुड़ा था और सितंबर 2020 बिल का भुगतान न होने के कारण इसे काट दिया गया था। तब से कनेक्शन कटा हुआ है। इस वजह से तरणताल को तैराकों का इंतजार है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पैतृक गांव सैफई में विश्व स्तरीय स्विमिंग पूल में पानी उपलब्ध ना होने का मुद्दा कई बार उठाया। यहां प्रवेश पाने वाले 46 में से 40 छात्र अकेले गोरखपुर के हैं। अखिलेश यादव ने ट्वीट करके तरणताल को शुरू कराने की मांग भी मुख्यमंत्री से की थी। लेकिन इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
करीब तीन हजार दर्शकों की क्षमता और एयर कंडीशन की सुविधा वाले इस तरणताल का निर्माण 207 करोड़ की लागत से कराया गया था। यहां पर तीन तरणताल बनाए गए हैं। जो अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं। इसका उद्घाटन छह अक्तूबर 2016 को किया गया था। सत्ता परिवर्तन हो जाने से इस तरणताल में बिजली का कनेक्शन नहीं हो सका था। इस कारण खेल विभाग ने तरण ताल को हस्तातंरण से इंकार कर दिया था। योगी सरकार बनने के बाद मई 2017 में खेल मंत्री चेतन चौहान ने सैफई आकर निरीक्षण कर जल्द ही तरणताल को कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम से खेल विभाग को हैंडओवर करने की बात कही थी। तीन साल बीतने के बाद सितंबर 2019 में राज्यमंत्री बनाए जाने पर उपेंद्र तिवारी ने सैफई आकर निरीक्षण के दौरान स्टेडियम निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया था। हालांकि दिसंबर 2019 में विद्युत कनेक्शन करा दिया गया।
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कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने वर्ष 2020 में खेल विभाग को हैंडओवर भी कर दिया। लेकिन अब तक तरणताल चालू नहीं हो सका। प्रदेश सरकार ने यहां तरणताल के लिए कोई स्टाफ की नियुक्ति नहीं की और न ही अभी मेंटीनेंस बजट दिया गया। फिलहाल मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कालेज के अंतर्गत इसकी देखरेख की जा रही है। इधर, एसडीएम सैफई और स्पोर्टस स्टेडियम के प्रधानाचार्य रामदयाल रमन ने बताया कि बकाया बिजली बिल के भुगतान के लिए शासन से बजट मांगा गया है। उम्मीद है कि जल्द बजट मिल जाएगा। इसी के साथ ही कनेक्शन जुड़वाकर प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पैतृक गांव सैफई में विश्व स्तरीय स्विमिंग पूल में पानी उपलब्ध ना होने का मुद्दा कई बार उठाया। यहां प्रवेश पाने वाले 46 में से 40 छात्र अकेले गोरखपुर के हैं। अखिलेश यादव ने ट्वीट करके तरणताल को शुरू कराने की मांग भी मुख्यमंत्री से की थी। लेकिन इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
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करीब तीन हजार दर्शकों की क्षमता और एयर कंडीशन की सुविधा वाले इस तरणताल का निर्माण 207 करोड़ की लागत से कराया गया था। यहां पर तीन तरणताल बनाए गए हैं। जो अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं। इसका उद्घाटन छह अक्तूबर 2016 को किया गया था। सत्ता परिवर्तन हो जाने से इस तरणताल में बिजली का कनेक्शन नहीं हो सका था। इस कारण खेल विभाग ने तरण ताल को हस्तातंरण से इंकार कर दिया था। योगी सरकार बनने के बाद मई 2017 में खेल मंत्री चेतन चौहान ने सैफई आकर निरीक्षण कर जल्द ही तरणताल को कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम से खेल विभाग को हैंडओवर करने की बात कही थी। तीन साल बीतने के बाद सितंबर 2019 में राज्यमंत्री बनाए जाने पर उपेंद्र तिवारी ने सैफई आकर निरीक्षण के दौरान स्टेडियम निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया था। हालांकि दिसंबर 2019 में विद्युत कनेक्शन करा दिया गया।
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कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने वर्ष 2020 में खेल विभाग को हैंडओवर भी कर दिया। लेकिन अब तक तरणताल चालू नहीं हो सका। प्रदेश सरकार ने यहां तरणताल के लिए कोई स्टाफ की नियुक्ति नहीं की और न ही अभी मेंटीनेंस बजट दिया गया। फिलहाल मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कालेज के अंतर्गत इसकी देखरेख की जा रही है। इधर, एसडीएम सैफई और स्पोर्टस स्टेडियम के प्रधानाचार्य रामदयाल रमन ने बताया कि बकाया बिजली बिल के भुगतान के लिए शासन से बजट मांगा गया है। उम्मीद है कि जल्द बजट मिल जाएगा। इसी के साथ ही कनेक्शन जुड़वाकर प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।