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स्कूलों में लौटी रौनक, छात्र खुश
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निवाड़ीकला। महीनों बाद खुले स्कूलों में फिर से रौनक लौट आई है। ऑनलाइन पढ़ाई से ऊब चुके विद्यार्थी स्कूल खुलने से काफी खुश हैं। छात्रों का कहना है कि ऑफलाइन पढ़ाई का मजा ही कुछ अलग है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में छात्रों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है।
कोरोना संक्रमण के कारण महीनों से बंद हुए विद्यालय अब खुल गए हैं। हालांकि कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय अभी तक नहीं खोले गए है। रामअवतार इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनुज शुक्ला ने बताया कि छात्रों की संख्या काफी कम है। सिर्फ 20 फीसदी छात्र ही कॉलेज पहुंच रहे है। रमेश चंद्र इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद दुबे ने बताया कि संक्रमण के बाद खुले विद्यालय में छात्रों की संख्या काफी कम आ रही है। हालांकि शासन से जारी की गई गाइडलाइन का अनुपालन किया जा रहा है।
हाईस्कूल के छात्र अभिमन्यु ऋषीश्वर का कहना है कि उनकी परीक्षा आगामी महीनों में प्रस्तावित है। ऐसे में ऑफलाइन पढ़ाई ही एक बेहतर विकल्प है। अब कॉलेज खुल गये है तो पढ़ाई भी सही ढंग से होगी। कक्षा नौ के छात्र रुद्रांश तिवारी का कहना है कि स्कूल बंद होने से पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है लेकिन कोविड से भी बचना जरूरी थी। अब साथियों के साथ ऑफलाइन पढ़ाई में मजा आ रहा है। ध्रुव शुक्ला का कहना है कि विद्यालय खुलने से काफी सहूलियत मिली है। अब स्कूल पहुंचकर अच्छे से पढ़ाई हो सकेगी। ऑनलाइन पढ़ाई मजबूरी बस करनी पड़ती है।
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कोरोना संक्रमण के कारण महीनों से बंद हुए विद्यालय अब खुल गए हैं। हालांकि कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय अभी तक नहीं खोले गए है। रामअवतार इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनुज शुक्ला ने बताया कि छात्रों की संख्या काफी कम है। सिर्फ 20 फीसदी छात्र ही कॉलेज पहुंच रहे है। रमेश चंद्र इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद दुबे ने बताया कि संक्रमण के बाद खुले विद्यालय में छात्रों की संख्या काफी कम आ रही है। हालांकि शासन से जारी की गई गाइडलाइन का अनुपालन किया जा रहा है।
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हाईस्कूल के छात्र अभिमन्यु ऋषीश्वर का कहना है कि उनकी परीक्षा आगामी महीनों में प्रस्तावित है। ऐसे में ऑफलाइन पढ़ाई ही एक बेहतर विकल्प है। अब कॉलेज खुल गये है तो पढ़ाई भी सही ढंग से होगी। कक्षा नौ के छात्र रुद्रांश तिवारी का कहना है कि स्कूल बंद होने से पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है लेकिन कोविड से भी बचना जरूरी थी। अब साथियों के साथ ऑफलाइन पढ़ाई में मजा आ रहा है। ध्रुव शुक्ला का कहना है कि विद्यालय खुलने से काफी सहूलियत मिली है। अब स्कूल पहुंचकर अच्छे से पढ़ाई हो सकेगी। ऑनलाइन पढ़ाई मजबूरी बस करनी पड़ती है।
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