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Etawah News: डॉक्टर व फार्मासिस्ट नदारद...टेक्नीशियन ने देखे मरीज
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फोटो : 17, 18, 19 व 20
आरोग्य मेला पड़ताल-- -- -
-35 पीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन, केंद्रों पर डॉक्टर न होने पर मरीजों को हाथ लगी निराशा
- आरोग्य मेले में 1156 मरीज इलाज कराने पहुंचे, मौसमी बीमारी के मरीज रहे अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बाद भी रविवार की छुट्टी के दिन आयोजित होने वाले आरोग्य मेले में डॉक्टर व कर्मचारियों के गायब रहने का सिलसिला जारी है। इसका खामियाजा क्षेत्रीय मरीजों व तीमारदारों को उठाना पड़ता है।
रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने जिले में आयोजित हुए आरोग्य मेले की पड़ताल की। इस दौरान कहीं डॉक्टर तो कहीं फार्मासिस्ट गायब मिले। ज्यादातर पीएचसी में लैब टेक्नीशियन ने मरीजों की नब्ज टटोली। वहीं, कई मरीज को डॉक्टर न मिलने पर उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने रविवार को छुट्टी के दिन भी लोगों को इलाज मिल सके। इसके लिए हर रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन शुरू किया लेकिन यह आरोग्य मेला अब मात्र खानापूर्ति में निपट रहा है। रविवार को जिले के 35 पीएचसी पर आरोग्य मेले में कुल 1156 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसमें 540 पुरुष, 425 महिलाएं व 192 बच्चों को देखकर दवाएं दी गईं। सबसे अधिक सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी व त्वचा रोगी रोगी शामिल रहे।
फोटो 17: पीएचसी इंधौआ पर खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
इकदिल। कस्बे के इन्धौआ सड़क पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी डॉक्टर शिवेंद्र यादव पूर्वाह्न साढ़े 11 डॉक्टर साहब अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे थे। अस्पताल स्टाफ से पूछने पर उन्होंने बताया कि डॉक्टर साहब क्षेत्र में किसी मरीज को देखने गए हैं। मौके पर मिले स्टाफ में रिहाना फार्मासिस्ट, डालचंद लैब असिस्टेंट, शिवांगी लैब टेक्नीशियन मौके पर मिले। (संवाद
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फार्मासिस्ट ने आरोग्य मेले में मरीजों को देखा
ताखा। पीएचसी ऊसराहार पर तैनात डॉक्टर सोनी कठेरिया के तीन महीने के अवकाश पर रहने के कारण मरीजों को डॉक्टर की सेवाएं नहीं मिल सकीं। ऐसे में फार्मासिस्ट नरेंद्र सिंह, वार्डबॉय जितेंद्र और लैब टेक्नीशियन अनुराग ने 21 मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं वितरित कीं। वहीं, पीएचसी खरगपुर सरैया में डॉक्टर पूर्णिमा निषाद की मौजूदगी में फार्मासिस्ट विनोद कुमार और वार्डबॉय रतनेश ने 18 मरीजों का उपचार किया। पीएचसी समथर में डॉक्टर आरपी कुशवाह व फार्मासिस्ट अखिलेश यादव ने 13 मरीजों को दवा दी। पीएचसी ताखा में डॉक्टर अमित जिंदल और फार्मासिस्ट अभिलाख सिंह ने 16 मरीजों को देखा। (संवाद)
फोटो 18: पीएचसी बलरई में मरीजों को देखते डॉ. विवेक गुप्ता। संवाद
आरोग्य मेले में 37 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण, दवाएं वितरित
जसवंतनगर। पीएचसी बलरई पर रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 37 मरीजों ने पहुंचकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते सबसे अधिक मरीज जुकाम और खांसी से संबंधित पहुंचे। करीब 12 मरीज बुखार से पीड़ित मिले, जबकि पांच मरीज नेत्र रोग से संबंधित थे। गैस की समस्या से ग्रसित कुछ मरीजों का भी उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त शुगर और लीवर संबंधी चार मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श व दवा दी गई। (संवाद)
फोटो 19: भरथना के बाहरपुर गांव में स्थित पीएचसी में मरीजों से पूछताछ करतीं डॉ. श्वेता गुप्ता। संवाद
सर्दी, जुकाम व त्वचा के सबसे अधिक मरीज पहुंचे
भरथना। क्षेत्र अंतर्गत बाहरपुर पीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेला में स्किन, खांसी व जुकाम के ज्यादातर मरीज पहुंचे। पीएचसी पर मौजूद डॉ. श्वेता गुप्ता ने अलग-अलग बीमारी से ग्रस्त रोगियों को जरूरी दवाएं व सलाह दी। दोपहर एक बजे तक 36 रोगी आए जिसमें रमेश नगला बसावन, सुमन देवी पक्काताल व छोटू गंसरा आदि मौजूद मिले। आरोग्य मेला के दौरान फार्मासिस्ट धीरज कुमार आदि स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। (संवाद)
फोटो 20: पीएचसी बहादुरपुर पर मरीज देखते डॉ. जितेंद्र सिंह। संवाद
मेले में सिर्फ छह मरीज इलाज को पहुंचे
लवेदी। पीएचसी बहादुरपुर में आरोग्य मेला में मरीजों की कमी रही। डॉ. जितेंद्र सिंह ने दोपहर 1.20 बजे तक पहुंचे सिर्फ छह मरीजों का जिक्र किया, जिनमें 4 खांसी-जुकाम के और दो हाथ-पैर दर्द के मामले शामिल थे। महेवा ब्लॉक के डॉ. सिंह ने मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की। उन्होंने मौसम परिवर्तन के कारण मच्छरों से बचाव और पंखों का कम उपयोग करने की सलाह दी। डॉ. सिंह ने बताया कि मेला में वही दवाएं दी जाती हैं, जो सामान्य दिनों में मिलती हैं, इसलिए लोग कम आते हैं। इस दौरान फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स ने भी डॉ. सिंह की सहायता की।
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फोटो : 17, 18, 19 व 20
आरोग्य मेला पड़ताल
-35 पीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन, केंद्रों पर डॉक्टर न होने पर मरीजों को हाथ लगी निराशा
- आरोग्य मेले में 1156 मरीज इलाज कराने पहुंचे, मौसमी बीमारी के मरीज रहे अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बाद भी रविवार की छुट्टी के दिन आयोजित होने वाले आरोग्य मेले में डॉक्टर व कर्मचारियों के गायब रहने का सिलसिला जारी है। इसका खामियाजा क्षेत्रीय मरीजों व तीमारदारों को उठाना पड़ता है।
रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने जिले में आयोजित हुए आरोग्य मेले की पड़ताल की। इस दौरान कहीं डॉक्टर तो कहीं फार्मासिस्ट गायब मिले। ज्यादातर पीएचसी में लैब टेक्नीशियन ने मरीजों की नब्ज टटोली। वहीं, कई मरीज को डॉक्टर न मिलने पर उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने रविवार को छुट्टी के दिन भी लोगों को इलाज मिल सके। इसके लिए हर रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन शुरू किया लेकिन यह आरोग्य मेला अब मात्र खानापूर्ति में निपट रहा है। रविवार को जिले के 35 पीएचसी पर आरोग्य मेले में कुल 1156 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसमें 540 पुरुष, 425 महिलाएं व 192 बच्चों को देखकर दवाएं दी गईं। सबसे अधिक सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी व त्वचा रोगी रोगी शामिल रहे।
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फोटो 17: पीएचसी इंधौआ पर खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
इकदिल। कस्बे के इन्धौआ सड़क पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी डॉक्टर शिवेंद्र यादव पूर्वाह्न साढ़े 11 डॉक्टर साहब अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे थे। अस्पताल स्टाफ से पूछने पर उन्होंने बताया कि डॉक्टर साहब क्षेत्र में किसी मरीज को देखने गए हैं। मौके पर मिले स्टाफ में रिहाना फार्मासिस्ट, डालचंद लैब असिस्टेंट, शिवांगी लैब टेक्नीशियन मौके पर मिले। (संवाद
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फार्मासिस्ट ने आरोग्य मेले में मरीजों को देखा
ताखा। पीएचसी ऊसराहार पर तैनात डॉक्टर सोनी कठेरिया के तीन महीने के अवकाश पर रहने के कारण मरीजों को डॉक्टर की सेवाएं नहीं मिल सकीं। ऐसे में फार्मासिस्ट नरेंद्र सिंह, वार्डबॉय जितेंद्र और लैब टेक्नीशियन अनुराग ने 21 मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं वितरित कीं। वहीं, पीएचसी खरगपुर सरैया में डॉक्टर पूर्णिमा निषाद की मौजूदगी में फार्मासिस्ट विनोद कुमार और वार्डबॉय रतनेश ने 18 मरीजों का उपचार किया। पीएचसी समथर में डॉक्टर आरपी कुशवाह व फार्मासिस्ट अखिलेश यादव ने 13 मरीजों को दवा दी। पीएचसी ताखा में डॉक्टर अमित जिंदल और फार्मासिस्ट अभिलाख सिंह ने 16 मरीजों को देखा। (संवाद)
फोटो 18: पीएचसी बलरई में मरीजों को देखते डॉ. विवेक गुप्ता। संवाद
आरोग्य मेले में 37 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण, दवाएं वितरित
जसवंतनगर। पीएचसी बलरई पर रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 37 मरीजों ने पहुंचकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते सबसे अधिक मरीज जुकाम और खांसी से संबंधित पहुंचे। करीब 12 मरीज बुखार से पीड़ित मिले, जबकि पांच मरीज नेत्र रोग से संबंधित थे। गैस की समस्या से ग्रसित कुछ मरीजों का भी उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त शुगर और लीवर संबंधी चार मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श व दवा दी गई। (संवाद)
फोटो 19: भरथना के बाहरपुर गांव में स्थित पीएचसी में मरीजों से पूछताछ करतीं डॉ. श्वेता गुप्ता। संवाद
सर्दी, जुकाम व त्वचा के सबसे अधिक मरीज पहुंचे
भरथना। क्षेत्र अंतर्गत बाहरपुर पीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेला में स्किन, खांसी व जुकाम के ज्यादातर मरीज पहुंचे। पीएचसी पर मौजूद डॉ. श्वेता गुप्ता ने अलग-अलग बीमारी से ग्रस्त रोगियों को जरूरी दवाएं व सलाह दी। दोपहर एक बजे तक 36 रोगी आए जिसमें रमेश नगला बसावन, सुमन देवी पक्काताल व छोटू गंसरा आदि मौजूद मिले। आरोग्य मेला के दौरान फार्मासिस्ट धीरज कुमार आदि स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। (संवाद)
फोटो 20: पीएचसी बहादुरपुर पर मरीज देखते डॉ. जितेंद्र सिंह। संवाद
मेले में सिर्फ छह मरीज इलाज को पहुंचे
लवेदी। पीएचसी बहादुरपुर में आरोग्य मेला में मरीजों की कमी रही। डॉ. जितेंद्र सिंह ने दोपहर 1.20 बजे तक पहुंचे सिर्फ छह मरीजों का जिक्र किया, जिनमें 4 खांसी-जुकाम के और दो हाथ-पैर दर्द के मामले शामिल थे। महेवा ब्लॉक के डॉ. सिंह ने मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की। उन्होंने मौसम परिवर्तन के कारण मच्छरों से बचाव और पंखों का कम उपयोग करने की सलाह दी। डॉ. सिंह ने बताया कि मेला में वही दवाएं दी जाती हैं, जो सामान्य दिनों में मिलती हैं, इसलिए लोग कम आते हैं। इस दौरान फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स ने भी डॉ. सिंह की सहायता की।