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डिवाइडर पर बैठा था मगरमच्छ
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चकरनगर। जसवंत नगर के सराय भूपत के पास नेशनल हाईवे-दो के डिवाइडर पर मगरमच्छ बैठा मिला। सूचना पाकर पहुंची वन विभाग की टीम ने शनिवार सुबह आठ बजे रेस्क्यू करके मगरमच्छ को पकड़ लिया और उसे सहसो डॉल्फिन परियोजना डाक बंगले के पास चंबल नदी में छोड़ दिया गया।
सेंचुरी के चकरनगर के वन क्षेत्राधिकारी हरि किशोर शुक्ला ने बताया कि भटक कर सराय भूपत क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-दो के डिवाइडर पर मगरमच्छ आकर बैठ गया था। इसकी जानकारी होने पर बढ़पुरा और लखना वन रेंज अधिकारी रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ का रेस्क्यू किया।
इसके बाद उसे पकड़कर चंबल नदी में छोड़ दिया। पकड़ा गया मगरमच्छ नर थी। उसकी उम्र लगभग दो वर्ष से अधिक और लंबाई आठ फीट दो इंच थी। नदी में छोड़े जाने से पहले पशुपालन विभाग ने स्वास्थ्य परीक्षण किया है।
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रेस्क्यू ऑपरेशन में पर्यावरणविद् डॉ. राजीव चौहान, संजीव चौहान, वन रेंज अधिकारी लखना विवेकानंद दुबे, शिवकुमार यादव, वन दरोगा सूर्यकांत शुक्ला, सेंचुरी के वन दरोगा विष्णु पाल सिंह चौहान समेत कई लोग शामिल रहे।
सहसों गांव के पास तालाब से शुक्रवार की शाम को चंबल सेंचुरी की टीम ने दो फीट के अवयस्क मगरमच्छ को पकड़ कर चंबल नदी में प्राकृतिक वास में छोड़ा था। सेंचुरी वनरक्षक नीरज ने बताया गांव के तालाब में कई दिनों से मगरमच्छ का बच्चा दिखाई दे रहा था।
तालाब के किनारे जाल डालकर उसे पकड़ा गया। यह 6-7 माह का मादा मगरमच्छ था। कुंदौल गांव के तालाब के मगरमच्छ सेंचुरी विभाग के लिए मुश्किल बने हुए है।
सेंचुरी विभाग के स्थानीय कर्मचारी व अधिकारी तालाब से मगरमच्छ निकालने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तालाब में दलदल युक्त पानी होने से मगरमच्छ हाथ नहीं आ रहे हैं। सेंचुरी क्षेत्राधिकारी हरि किशोर शुक्ला ने बताया काफी प्रयासों के बाद मगरमच्छ तालाब से नहीं निकाले जा पा रहे हैं।
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सेंचुरी के चकरनगर के वन क्षेत्राधिकारी हरि किशोर शुक्ला ने बताया कि भटक कर सराय भूपत क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-दो के डिवाइडर पर मगरमच्छ आकर बैठ गया था। इसकी जानकारी होने पर बढ़पुरा और लखना वन रेंज अधिकारी रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ का रेस्क्यू किया।
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इसके बाद उसे पकड़कर चंबल नदी में छोड़ दिया। पकड़ा गया मगरमच्छ नर थी। उसकी उम्र लगभग दो वर्ष से अधिक और लंबाई आठ फीट दो इंच थी। नदी में छोड़े जाने से पहले पशुपालन विभाग ने स्वास्थ्य परीक्षण किया है।
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रेस्क्यू ऑपरेशन में पर्यावरणविद् डॉ. राजीव चौहान, संजीव चौहान, वन रेंज अधिकारी लखना विवेकानंद दुबे, शिवकुमार यादव, वन दरोगा सूर्यकांत शुक्ला, सेंचुरी के वन दरोगा विष्णु पाल सिंह चौहान समेत कई लोग शामिल रहे।
सहसों गांव के पास तालाब से शुक्रवार की शाम को चंबल सेंचुरी की टीम ने दो फीट के अवयस्क मगरमच्छ को पकड़ कर चंबल नदी में प्राकृतिक वास में छोड़ा था। सेंचुरी वनरक्षक नीरज ने बताया गांव के तालाब में कई दिनों से मगरमच्छ का बच्चा दिखाई दे रहा था।
तालाब के किनारे जाल डालकर उसे पकड़ा गया। यह 6-7 माह का मादा मगरमच्छ था। कुंदौल गांव के तालाब के मगरमच्छ सेंचुरी विभाग के लिए मुश्किल बने हुए है।
सेंचुरी विभाग के स्थानीय कर्मचारी व अधिकारी तालाब से मगरमच्छ निकालने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तालाब में दलदल युक्त पानी होने से मगरमच्छ हाथ नहीं आ रहे हैं। सेंचुरी क्षेत्राधिकारी हरि किशोर शुक्ला ने बताया काफी प्रयासों के बाद मगरमच्छ तालाब से नहीं निकाले जा पा रहे हैं।