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ढकरा की पुलिया बनेगी मुद्दा
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चकरनगर। ढकरा पुलिया इस विधानसभा चुनाव में बीहड़ क्षेत्र की जनता का अहम मुद्दा बनेगी। बाढ़ के दौरान पुलिया धसकने से दो बार मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त हो हुआ।
बीहड क्षेत्र का मुख्य लखना सिंडोस मार्ग सीधे मध्य प्रदेश के ग्वालियर भिंड़ के कई मार्गों को जुड़ता है। चकरनगर कस्बा और हनुमंतपुरा चौराहे के बीच सहसों चंबल नदी के पास ढकरा पुलिया आज कई दशकों से क्षेत्र के लिए समस्या बनी हुई है।
पक्के पुल का निर्माण होने के समय लोगों ने सोचा था कि अब नदी में बाढ़ आने के समय कोई समस्या नहीं होगी। वर्ष 2015 में बाढ़ के दौरान पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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विभाग ने जुगाड़ू से काम चलाकर आवागमन चालू रखा। 2019 में आई भीषण बाढ़ के दौरान पुलिया पूरी तरह से धराशाई हो गई। वर्ष 2021 में आई भीषण बाढ़ से यह पुलिया चंबल नदी की बाढ़ की चपेट में आ गई और मुख्य रास्ता दो भागों में बंट गया।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पुलिया के कारण निरस्त हुआ। बरसात होने के समय पुलिया से निकलने वाले वाहनों को बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है। चिकनी मिट्टी होने के कारण जरा सी बरसात में हादसा हो जाता है।
बीहड़ क्षेत्र के 50 से अधिक गांव कस्बा चकरनगर इसी पुल से तहसील मुख्यालय के कार्यों के लिए आते हैं। उदी चंबल पुल क्षतिग्रस्त होने पर मध्य प्रदेश की ओर से आने वाले वाहन इसी रास्ते से होते हुए बकेवर हाईवे पहुंचते हैं।
ढकरा पुलिया बीहड़ी बाशिंदों के आवागमन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्षेत्रीय लोगों ने चुनावी साल में इस पुलिया को चुनावी मुद्दा बनाने की ठानी है। कहा कि जो पुलिया बनवाएगा वही सपोर्ट पाएगा।
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बीहड क्षेत्र का मुख्य लखना सिंडोस मार्ग सीधे मध्य प्रदेश के ग्वालियर भिंड़ के कई मार्गों को जुड़ता है। चकरनगर कस्बा और हनुमंतपुरा चौराहे के बीच सहसों चंबल नदी के पास ढकरा पुलिया आज कई दशकों से क्षेत्र के लिए समस्या बनी हुई है।
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पक्के पुल का निर्माण होने के समय लोगों ने सोचा था कि अब नदी में बाढ़ आने के समय कोई समस्या नहीं होगी। वर्ष 2015 में बाढ़ के दौरान पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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विभाग ने जुगाड़ू से काम चलाकर आवागमन चालू रखा। 2019 में आई भीषण बाढ़ के दौरान पुलिया पूरी तरह से धराशाई हो गई। वर्ष 2021 में आई भीषण बाढ़ से यह पुलिया चंबल नदी की बाढ़ की चपेट में आ गई और मुख्य रास्ता दो भागों में बंट गया।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पुलिया के कारण निरस्त हुआ। बरसात होने के समय पुलिया से निकलने वाले वाहनों को बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है। चिकनी मिट्टी होने के कारण जरा सी बरसात में हादसा हो जाता है।
बीहड़ क्षेत्र के 50 से अधिक गांव कस्बा चकरनगर इसी पुल से तहसील मुख्यालय के कार्यों के लिए आते हैं। उदी चंबल पुल क्षतिग्रस्त होने पर मध्य प्रदेश की ओर से आने वाले वाहन इसी रास्ते से होते हुए बकेवर हाईवे पहुंचते हैं।
ढकरा पुलिया बीहड़ी बाशिंदों के आवागमन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्षेत्रीय लोगों ने चुनावी साल में इस पुलिया को चुनावी मुद्दा बनाने की ठानी है। कहा कि जो पुलिया बनवाएगा वही सपोर्ट पाएगा।