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Etawah News: सहालग में कॉस्मेटिक दुकानों पर भीड़ भी बढ़ी
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इटावा। सहालग के वक्त महिलाओं के सौंदर्य उत्पादों की दुकानों पर भीड़ दिख रही है। इन उत्पादों में पिछले एक वर्ष में 10 से 15 प्रतिशत की महंगाई बढ़ी है लेकिन इसका असर इनकी बिक्री पर कोई खास पड़ता नहीं दिख रहा है। गर्मी को देखते हुए वाटरप्रूफ मेकअप उत्पाद और प्राकृतिक सौंदर्यता देने वाले उत्पादों पर उनका रुझान ज्यादा देखा जा रहा है।
शहर के नौरंगाबाद, पक्का तालाब और सराफा बाजार स्थित कॉस्मेटिक दुकानों पर सुबह से शाम तक पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। कास्मेटिक व्यापारी पवन शर्मा ने बताया कि इस सीजन में सॉफ्ट ग्लैम और ग्लास स्किन लुक का क्रेज सबसे ज्यादा है। इसके चलते हाईलाइटर, फेस सीरम और वाटरप्रूफ फाउंडेशन की बिक्री बढ़ी है। विशेष रूप से ब्रांडेड लिपस्टिक और क्लासिक रेड शेड्स, मस्कारा और आईशैडो पैलेट की मांग सबसे अधिक बनी हुई है।
व्यापारी सुनील कुमार ने बताया कि बढ़ती इनपुट लागत और ट्रांसपोर्टेशन खर्च के कारण प्रसाधनों की कीमतों ने बजट बिगाड़ा है। इस वजह से फाउंडेशन और कॉम्पैक्ट में प्रीमियम ब्रांड्स के दाम में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जो उत्पाद पहले 500 रुपये के करीब थे अब वे 560 रुपये के पार हैं। लिपस्टिक और आईलाइनर में 10, इस वजह से ब्यूटी पार्लर और मेकअप सर्विस भी 2000 से 5000 रुपये तक महंगे हुए हैं। हालांकि सहालग में इसका असर बिक्री पर उतना नहीं दिख रहा है।
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शहर के नौरंगाबाद, पक्का तालाब और सराफा बाजार स्थित कॉस्मेटिक दुकानों पर सुबह से शाम तक पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। कास्मेटिक व्यापारी पवन शर्मा ने बताया कि इस सीजन में सॉफ्ट ग्लैम और ग्लास स्किन लुक का क्रेज सबसे ज्यादा है। इसके चलते हाईलाइटर, फेस सीरम और वाटरप्रूफ फाउंडेशन की बिक्री बढ़ी है। विशेष रूप से ब्रांडेड लिपस्टिक और क्लासिक रेड शेड्स, मस्कारा और आईशैडो पैलेट की मांग सबसे अधिक बनी हुई है।
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व्यापारी सुनील कुमार ने बताया कि बढ़ती इनपुट लागत और ट्रांसपोर्टेशन खर्च के कारण प्रसाधनों की कीमतों ने बजट बिगाड़ा है। इस वजह से फाउंडेशन और कॉम्पैक्ट में प्रीमियम ब्रांड्स के दाम में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जो उत्पाद पहले 500 रुपये के करीब थे अब वे 560 रुपये के पार हैं। लिपस्टिक और आईलाइनर में 10, इस वजह से ब्यूटी पार्लर और मेकअप सर्विस भी 2000 से 5000 रुपये तक महंगे हुए हैं। हालांकि सहालग में इसका असर बिक्री पर उतना नहीं दिख रहा है।
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