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करोड़ों की संपत्ति फिर भी बदहाली का शिकार मंदिर

Mon, 08 Feb 2021 11:26 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 11:26 PM IST
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Crores of property still haunt the temple
लखना के मुहाल ठाकुरान में स्थित श्रीरामजानकी मंदिर - फोटो : ETAWHA
लबेदी (इटावा)। कस्बा लखना के मुहाल ठाकुरान में स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में हर तरफ बदहाली है। प्रशासनिक उपेक्षा के चलते यहां के सेवादार को पूजा-पाठ करने तक के रुपये नहीं मिल रहे हैं। जबकि मंदिर के नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन और दुकानें है जिसका किराया प्रशासन वसूल रहा है। 1996 से यहां तहसीलदार को रिसीवर नियुक्त किया गया जिन्हें व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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इस मंदिर की करीब 165 बीघा खेती जिसमें दो बाग लखना कस्बा में स्थित हैं। एक बाग नौदा ग्राउंड के बगल में जिसे हाल में ही सामाजिक वानिकी लखना ने पौधशाला के लिए लीज पर लिया है। और एक बाग बंदर बाला बाग के नाम से प्रख्यात है। इसके अलावा बकेवर के पास पिलखना व ब्यासपुरा में भी खेती होने के साथ-साथ बाग स्थित हैं। लखना कस्बा में सात दुकानें मुख्य बाजार में स्थित हैं।
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1996 से पूर्व स्व. बाबा प्रेमदास के द्वारा अपना मालिकाना हक का मुकदमा दायर किया गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी रणवीर सिंह ने विवाद को देखते तहसीलदार भरथना को यहां का रिसीवर नियुक्त कर दिया था। तभी से यह व्यवस्था लागू है। अब इस मंदिर की व्यवस्था रमेश चंद्र पाल द्वारा संभाली जा रही है। उनका कहना है कि रिसीवर की ओर से मंदिर के देखरेख के लिए कोई रकम नहीं दी जा रही है। भरथना तहसीलदार हरिश्चंद्र का कहना है कि हाल ही में चार्ज संभाला है। इसकी जानकारी नहीं थी। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त करवाई जाएगी।
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