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दोहरे हत्याकांड में अनसुलझे कई सवाल
अमर उजाला ब्यूरो/इटावा
Updated Fri, 27 May 2016 11:56 PM IST
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हत्या
- फोटो : Getty
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क्षेत्र के ग्राम झीला में बुधवार रात हुए दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में सन्नाटा छाया है। घटना के संबंध में कोई चर्चा नहीं करना चाहता। पुलिस कई सवालों का जवाब ढूंढ़ रही है। दोनों मृतकों के घरों के बाहर ताले पड़े हैं। परिजन गांव में नहीं हैं। पुलिस नामजद कराए गए अभियुक्तों की धरपकड़ के प्रयास कर रही है। गुरुवार को दोनो मृतकों का अंतिम संस्कार भी गांव में नहीं किया गया ।
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झीला गांव में हुई दोनों हत्याओं के बाद मृतकों का अंतिम संस्कार उनके परिजनों ने गांव में न कराकर अलग-अलग जगहों पर कराया। मृतक संजू राजपूत का अंतिम संस्कार इकदिल थाना क्षेत्र के ग्राम सितौरा में उसकी ननिहाल में हुआ। इसी प्रकार मृतक प्रताप सिंह राजपूत का अंतिम संस्कार इटावा में यमुना घाट पर किया गया। उधर पुलिस क्षेत्राधिकारी विनय सिंह चौहान ने बताया कि मृतकों के घरों पर कोई भी नहीं मिल रहा है।
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नामजदों की तलाश में एसएसआई बृजेंद्र सिंह यादव एवं विष्णु दत्त के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया है। रात में भी कई स्थानों पर दबिश दी गई। गांव में पीएसी लगा दी गई है। मृतक संजू राजपूत दिल्ली से भंडारे में शामिल होने के लिए आया था। उसे यहां बुलाना ही किसी साजिश की ओर इशारा करता है। वह किसके बुलावे पर आया था यह बात अभी सामने नहीं आ पा रही है। दूसरा पहलू यह भी है कि नगला कन्हई से भंडारा खाकर लौटते समय काफी संख्या में झीला के लोग आगे पीछे चल रहे थे। उस पर हुए हमले के समय चीख पुकार सुनकर कोई उसे बचाने क्यों नहीं पहुंचा। ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब पुलिस को ढूंढ़ना है। सीओ का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं का खुलासा होगा।
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