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आर्थिक तंगी से परेशान फैक्टरी कर्मी ने जान दी
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जसवंतनगर। खेड़ा बुजुर्ग गांव में आर्थिक तंगी से परेशान धर्मवीर उर्फ कल्लू राजपूत (50) ने खुद को आग लगाकर जान दे दी। तीन दिन से उसका सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में उपचार चल रहा था।
खेड़ा बुजुर्ग गांव निवासी धर्मवीर राजस्थान के भीलवाड़ा में एक कपड़ा फैक्टरी में नौकरी करता था। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान फैक्टरी बंद हो गई और वह बेरोजगार हो गया। कई दिनों तक उसने फैक्टरी खुलने का भीलवाड़ा में रहकर इंतजार किया। जब रोजगार की व्यवस्था नहीं हुई तो वह 20 दिन पहले घर लौट आया।
यहां परिवार के लिए दो जून की रोटी का बंदोबस्त नहीं कर सका तो घर में कलह शुरू हो गई। इसी तनाव के चलते वह शराब पीने लगा। धर्मवीर ने शुक्रवार को घरेलू कलह से परेशान होकर खुद को आग लगा ली। परिजनों ने गंभीर हालत में उसे मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया। वहां सोमवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। धर्मवीर की मौत से पत्नी, दो बेटे व बेटी का बुरा हाल है।
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खेड़ा बुजुर्ग गांव निवासी धर्मवीर राजस्थान के भीलवाड़ा में एक कपड़ा फैक्टरी में नौकरी करता था। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान फैक्टरी बंद हो गई और वह बेरोजगार हो गया। कई दिनों तक उसने फैक्टरी खुलने का भीलवाड़ा में रहकर इंतजार किया। जब रोजगार की व्यवस्था नहीं हुई तो वह 20 दिन पहले घर लौट आया।
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यहां परिवार के लिए दो जून की रोटी का बंदोबस्त नहीं कर सका तो घर में कलह शुरू हो गई। इसी तनाव के चलते वह शराब पीने लगा। धर्मवीर ने शुक्रवार को घरेलू कलह से परेशान होकर खुद को आग लगा ली। परिजनों ने गंभीर हालत में उसे मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया। वहां सोमवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। धर्मवीर की मौत से पत्नी, दो बेटे व बेटी का बुरा हाल है।
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