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युवक के अपहरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी
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इटावा। लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरीपुरा से आठ माह पूर्व अपहृत युवक के मामले की विवेचना अब क्राइम ब्रांच करेगी। एसएसपी के आदेश पर मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर की गई है।
लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरीपुरा निवासी युवक गजेंद्र तिवारी पुत्र वेदप्रकाश तिवारी आठ माह पूर्व लापता हो गया था। गजेंद्र की मां नीलम तिवारी ने पांच लोगों के विरुद्ध बहाने से अपहरण ले जाने का मामला दर्ज कराया था। मामले के पांच आरोपियों में से चार हिस्ट्रीशीटर हैं जिनमें एक लवेदी थाने व तीन सिविल लाइन थाने के हैं। बताया गया कि गजेंद्र तिवारी गुरुग्राम में परिजनों के साथ ही रहता था। नीलम तिवारी ने दर्ज कराए मामले में बताया कि 29 दिसम्बर 2019 को गजेंद्र गुरुग्राम से यहां आया था और 6 जनवरी 2020 तक लवेदी थाने के ही ग्राम जैतपुरा में अपने मित्र के यहां रुका था। छह जनवरी को ही वह अपने परिचित अंशू चौहान नवादा से उसके बुलाने पर गया था। उसके बाद से ही गजेंद्र का कोई पता नहीं है। नीलम ने लवेदी थाने में 13 फरवरी 2020 को पुत्तन तिवारी निवासी लवेदी, अंशू चौहान निवासी नवादा तथा रामवीर तिवारी, रघुवीर तिवारी, श्यामवीर तिवारी निवासी ग्राम लुहन्ना के विरुद्ध गजेंद्र का अपहरण व जान से मारने की धमकी देने के तहत मामला दर्ज कराया था। मामले की विवेचना थानाध्यक्ष अमान सिंह कर रहे थे।
पुलिस ने गजेंद्र के फोन नंबर की डिटेल से उसका सुराग लगाने का प्रयास किया, लेकिन डिटेल 6 जनवरी तक ही मिली। आगे की कोई डिटेल नहीं निकलने से पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा। आठ माह बीत जाने के बाद भी पुलिस गजेंद्र का कोई सुराग नहीं लगा सकी और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार कर सकी। अब इस मामले की विवेचना एसएसपी के आदेश से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है। इस बारे जानकारी करने पर सीओ भरथना चंद्रपाल सिंह ने बताया कि इस महीने ही मामले की विवेचना अपराध शाखा क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित हो गई है।
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लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरीपुरा निवासी युवक गजेंद्र तिवारी पुत्र वेदप्रकाश तिवारी आठ माह पूर्व लापता हो गया था। गजेंद्र की मां नीलम तिवारी ने पांच लोगों के विरुद्ध बहाने से अपहरण ले जाने का मामला दर्ज कराया था। मामले के पांच आरोपियों में से चार हिस्ट्रीशीटर हैं जिनमें एक लवेदी थाने व तीन सिविल लाइन थाने के हैं। बताया गया कि गजेंद्र तिवारी गुरुग्राम में परिजनों के साथ ही रहता था। नीलम तिवारी ने दर्ज कराए मामले में बताया कि 29 दिसम्बर 2019 को गजेंद्र गुरुग्राम से यहां आया था और 6 जनवरी 2020 तक लवेदी थाने के ही ग्राम जैतपुरा में अपने मित्र के यहां रुका था। छह जनवरी को ही वह अपने परिचित अंशू चौहान नवादा से उसके बुलाने पर गया था। उसके बाद से ही गजेंद्र का कोई पता नहीं है। नीलम ने लवेदी थाने में 13 फरवरी 2020 को पुत्तन तिवारी निवासी लवेदी, अंशू चौहान निवासी नवादा तथा रामवीर तिवारी, रघुवीर तिवारी, श्यामवीर तिवारी निवासी ग्राम लुहन्ना के विरुद्ध गजेंद्र का अपहरण व जान से मारने की धमकी देने के तहत मामला दर्ज कराया था। मामले की विवेचना थानाध्यक्ष अमान सिंह कर रहे थे।
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पुलिस ने गजेंद्र के फोन नंबर की डिटेल से उसका सुराग लगाने का प्रयास किया, लेकिन डिटेल 6 जनवरी तक ही मिली। आगे की कोई डिटेल नहीं निकलने से पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा। आठ माह बीत जाने के बाद भी पुलिस गजेंद्र का कोई सुराग नहीं लगा सकी और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार कर सकी। अब इस मामले की विवेचना एसएसपी के आदेश से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है। इस बारे जानकारी करने पर सीओ भरथना चंद्रपाल सिंह ने बताया कि इस महीने ही मामले की विवेचना अपराध शाखा क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित हो गई है।
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