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नाबालिग से छेड़छाड़ में सात साल की सजा
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इटावा। नाबालिग से छेड़छाड़ करने के दोषी युवक को कोर्ट ने सात साल का कारावास सुनाया है। उसे कुल 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
यह मामला बसरेहर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जिसमें सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो दशरथ सिंह चौहान एडवोकेट ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 जुलाई 2018 को सुबह साढ़े 9 बजे उसकी 12 साल की बेटी को चकवाखुर्द गांव निवासी रिश्तेदार मनीष पुत्र अनोखेलाल मोटरसाइकिल से उसके घर पर ला रहा था। इकदिल के एसएस इंटरनेशनल कालेज के पास उसने बुरी नीयत से बाइक रोकी और बेटी के साथ छेड़छाड़ की। बेटी ने एतराज किया तो उसने जान से मारने की धमकी दी। घर आकर बेटी ने उसे पूरी बात बताई। इस पर मनीष ने गाली गलौज की।
पुलिस ने 30 जुलाई 2018 को मामला दर्ज कर जांच की और मनीष के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/ अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार चौरसिया ने दोनों पक्षों के साक्ष्य और गवाहों को सुनने के बाद मुनीष को दोषी पाया। कोर्ट ने गत गुरुवार को धारा 376/511 के अपराध में सात वर्ष कठिन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किए जाने की सजा सुनाई। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी उसे दोषी पाया गया। इस पर कोर्ट ने सजा व जुर्माना से दंडित किया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिए कि दोष सिद्ध से वसूल की जाने वाली धनराशि में से 10 हजार रुपये पीड़िता को दिया जाए।
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यह मामला बसरेहर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जिसमें सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो दशरथ सिंह चौहान एडवोकेट ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 जुलाई 2018 को सुबह साढ़े 9 बजे उसकी 12 साल की बेटी को चकवाखुर्द गांव निवासी रिश्तेदार मनीष पुत्र अनोखेलाल मोटरसाइकिल से उसके घर पर ला रहा था। इकदिल के एसएस इंटरनेशनल कालेज के पास उसने बुरी नीयत से बाइक रोकी और बेटी के साथ छेड़छाड़ की। बेटी ने एतराज किया तो उसने जान से मारने की धमकी दी। घर आकर बेटी ने उसे पूरी बात बताई। इस पर मनीष ने गाली गलौज की।
पुलिस ने 30 जुलाई 2018 को मामला दर्ज कर जांच की और मनीष के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/ अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार चौरसिया ने दोनों पक्षों के साक्ष्य और गवाहों को सुनने के बाद मुनीष को दोषी पाया। कोर्ट ने गत गुरुवार को धारा 376/511 के अपराध में सात वर्ष कठिन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किए जाने की सजा सुनाई। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी उसे दोषी पाया गया। इस पर कोर्ट ने सजा व जुर्माना से दंडित किया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिए कि दोष सिद्ध से वसूल की जाने वाली धनराशि में से 10 हजार रुपये पीड़िता को दिया जाए।
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