{"_id":"60b529568ebc3e59ab431bb8","slug":"corona-etawha-news-knp631481256","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर भी लगे हैं कोरोना रोगियों की सेवा में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर भी लगे हैं कोरोना रोगियों की सेवा में
विज्ञापन
सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करके इंटर्नशिप कर रहे चिकित्सक भी कोरोना महामारी में चिकित्सा सेवा में लगे हैं। एमबीबीएस इंटर्न डॉ. विष्णु गुप्ता ने बताया संक्रमण की दर में कमी आई है लेकिन अभी भी सावधानी बरतने में ढिलाई और लापरवाही न करें।
डॉ. संत बहादुर यादव ने बताया कि पूरे प्रदेश के इंटर्न चिकित्सक कोरोना से डटकर मुकाबला कर रहे हैं। कहा कि कोविड तथा नॉन कोविड में कार्यरत सभी इंटर्न चिकित्सकों को 500 रुपये रोज प्रोत्साहन राशि मिलना चाहिए। संक्रमण का खतरा सबको है।
डॉ.अर्पित द्विवेदी ने बताया बीमारी के लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेकर जांच और इलाज शुरू करें। अपनी बारी आने पर वैक्सीन अवश्य लगवाएं। सरकार की ओर से बताए गए नियमों का पालन करें।
विज्ञापन
डॉ. मुकुल मिश्रा ने बताया महामारी में सभी हेल्थ वर्कर्स की तरह इंटर्न चिकित्सकों का योगदान भी अतुलनीय है। सभी साथियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन अपनी पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ किया है। डॉ. शिवम सिंह ने बताया कोविड महामारी के नियंत्रण में हमारे संस्थान ने अहम भूमिका निभाई है। समस्त इंटर्न चिकित्सकों का योगदान अहम रहा है।
विज्ञापन
डॉ. संत बहादुर यादव ने बताया कि पूरे प्रदेश के इंटर्न चिकित्सक कोरोना से डटकर मुकाबला कर रहे हैं। कहा कि कोविड तथा नॉन कोविड में कार्यरत सभी इंटर्न चिकित्सकों को 500 रुपये रोज प्रोत्साहन राशि मिलना चाहिए। संक्रमण का खतरा सबको है।
विज्ञापन
डॉ.अर्पित द्विवेदी ने बताया बीमारी के लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेकर जांच और इलाज शुरू करें। अपनी बारी आने पर वैक्सीन अवश्य लगवाएं। सरकार की ओर से बताए गए नियमों का पालन करें।
विज्ञापन
डॉ. मुकुल मिश्रा ने बताया महामारी में सभी हेल्थ वर्कर्स की तरह इंटर्न चिकित्सकों का योगदान भी अतुलनीय है। सभी साथियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन अपनी पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ किया है। डॉ. शिवम सिंह ने बताया कोविड महामारी के नियंत्रण में हमारे संस्थान ने अहम भूमिका निभाई है। समस्त इंटर्न चिकित्सकों का योगदान अहम रहा है।