{"_id":"631cd86bca64860506621061","slug":"civic-etawah-news-knp717448140","type":"story","status":"publish","title_hn":"इटावाः 3700 टन डीएपी आई, किसानों को राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इटावाः 3700 टन डीएपी आई, किसानों को राहत
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इटावा। आलू और सरसों की फसलों की बुआई को देखते हुए 3702 टन डीएपी की रैक शनिवार को आ गई। इसमें से 1500 टन डीएपी औरैया भेजी जाएगी। इसके बाद समितियों और एजेंसियों को वितरण शुरू होगा।
इफ्को के गोदाम में 100 टन डीएपी और 3400 टन यूरिया का स्टाक बचा था। अगेती आलू और सरसों की बुआई को देखते हुए इफ्को की ओर से डीएपी की डिमांड भेजी गई थी। इसके बाद यह रैक आई। इफ्को के क्षेत्रीय अधिकारी सौरभ पांडेय ने बताया कि फिलहाल 15-20 दिनों तक डीएपी का संकट नहीं रहेगा। मांग बढ़ने पर डीएपी की दूसरी रैक भी मंगाई जाएगी।
इफ्को के गोदाम से अभी तक ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से खाद समितियों तक भेजी जाती थी, लेकिन तीन माह से इस पर रोक लगा दी गई है। शासन में हुई शिकायत के बाद यह सख्ती की गई है। कई समितियों तक ट्रक न पहुंच पाने के कारण समस्या होगी। चकवाबुजुर्ग और चांदनपुर समितियों में दो माह से खाद नहीं पहुंच पा रही है। एआर कोआपरेटिव ब्रजभूषण ने बताया कि ठेकेदार से ट्रक का अनुबंध है। इसलिए वह ट्रक से ही समितियों तक खाद पहुंचाएं।
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इफ्को के गोदाम में 100 टन डीएपी और 3400 टन यूरिया का स्टाक बचा था। अगेती आलू और सरसों की बुआई को देखते हुए इफ्को की ओर से डीएपी की डिमांड भेजी गई थी। इसके बाद यह रैक आई। इफ्को के क्षेत्रीय अधिकारी सौरभ पांडेय ने बताया कि फिलहाल 15-20 दिनों तक डीएपी का संकट नहीं रहेगा। मांग बढ़ने पर डीएपी की दूसरी रैक भी मंगाई जाएगी।
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इफ्को के गोदाम से अभी तक ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से खाद समितियों तक भेजी जाती थी, लेकिन तीन माह से इस पर रोक लगा दी गई है। शासन में हुई शिकायत के बाद यह सख्ती की गई है। कई समितियों तक ट्रक न पहुंच पाने के कारण समस्या होगी। चकवाबुजुर्ग और चांदनपुर समितियों में दो माह से खाद नहीं पहुंच पा रही है। एआर कोआपरेटिव ब्रजभूषण ने बताया कि ठेकेदार से ट्रक का अनुबंध है। इसलिए वह ट्रक से ही समितियों तक खाद पहुंचाएं।
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