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गेहूं के भाव में 30 रुपये गिरावट आई
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मंडी में आढ़ती दुकान के बाहर लगा गेहूं का ढेर। संवाद
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने का आदेश खुले बाजार में दिखने लगा है। शनिवार को मंडियों में गेहूं की खरीद में 30 रुपये तक गिरावट दर्ज की गई। गेहूं का भाव अभी और नीचे गिरने की संभावना जताई जा रही है।
पहली बार गेहूं की सरकारी खरीद से अधिक खुले बाजार में आढ़ती किसानों को दाम दे रहे थे। कई प्रयासों के बावजूद किसान सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं आ रहे थे। केंद्र सरकार के निर्यात पर रोक के आदेश के बाद जिले में इसका असर देखने को मिला। पहले ही दिन 30 रुपये की गिरावट आई है।
मंडी के प्रमुख आढ़ती सतीश यादव ने कहा कि मंडी में शुक्रवार को गेहूं का भाव 2100 रुपये था। शनिवार को इसमें 30 रुपये की कमी आई है। गेहूं के निर्यात पर रोक का असर मंडी में दिखने लगा है। गेहूं की बंपर खरीद करने वाले व्यापारियों को नुकसान होगा।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनंत अग्रवाल ने कहा कि सरकार को एक जनपद और एक प्रदेश के निर्यात पर भी रोक लगानी चाहिए। खुले बाजार में 2000 रुपये क्विंटल गेहूं बेचने पर भी किसान को फायदा है। एक महीने में नई मंडी में 60 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इस दौरान भाव 2100 से 2150 तक रहा।
खुले बाजार में गेहूं का भाव सरकारी मूल्य से अधिक होने का असर क्रय केंद्रों पर पड़ा है। एक अप्रैल से अब तक 125 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। 58 में से 12 केंद्रों पर 34 किसानों ने क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचा है।
-संतोष कुमार पटेल, जिला कृषि विपणन अधिकारी
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पहली बार गेहूं की सरकारी खरीद से अधिक खुले बाजार में आढ़ती किसानों को दाम दे रहे थे। कई प्रयासों के बावजूद किसान सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं आ रहे थे। केंद्र सरकार के निर्यात पर रोक के आदेश के बाद जिले में इसका असर देखने को मिला। पहले ही दिन 30 रुपये की गिरावट आई है।
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मंडी के प्रमुख आढ़ती सतीश यादव ने कहा कि मंडी में शुक्रवार को गेहूं का भाव 2100 रुपये था। शनिवार को इसमें 30 रुपये की कमी आई है। गेहूं के निर्यात पर रोक का असर मंडी में दिखने लगा है। गेहूं की बंपर खरीद करने वाले व्यापारियों को नुकसान होगा।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनंत अग्रवाल ने कहा कि सरकार को एक जनपद और एक प्रदेश के निर्यात पर भी रोक लगानी चाहिए। खुले बाजार में 2000 रुपये क्विंटल गेहूं बेचने पर भी किसान को फायदा है। एक महीने में नई मंडी में 60 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इस दौरान भाव 2100 से 2150 तक रहा।
खुले बाजार में गेहूं का भाव सरकारी मूल्य से अधिक होने का असर क्रय केंद्रों पर पड़ा है। एक अप्रैल से अब तक 125 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। 58 में से 12 केंद्रों पर 34 किसानों ने क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचा है।
-संतोष कुमार पटेल, जिला कृषि विपणन अधिकारी