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न ये जीते, न ये हारे, मुकदमा निपट गया
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लोक अदालत में कैम्प का निरीक्षण करते जिला जज विनय कुमार द्विवेदी। संवाद
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। जिला जज विनय कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में जजी परिसर में लोक अदालत लगाई गई। लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज ने दीप जलाकर किया। लोक अदालत में आपसी सुलह समझौते के आधार पर 33 हजार 753 वादों का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जसवीर सिंह यादव ने बताया कि इस बार पिछली लोक अदालतों से ज्यादा वादों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्षति पूर्ति के 33 वादों में एक करोड़ 30 लाख
60 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पीठासीन अधिकारी देवेंद्र सिंह द्वारा निर्धारित किए गए। फौजदारी के 2863 वादों का निस्तारण करते हुए 10 लाख 36 हजार 76 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विष्णु कुमार शर्मा व अतिरिक्त परिवार न्यायाधीश रेनू सिंह ने संयुक्त रूप से 22 वैवाहिक प्रकरणों का निस्तारण किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों व बैंको से संबंधित प्री लिटीगेशन के 699 वाद निस्तारित किए गए। इसमें दो करोड़ 22 लाख 74 हजार रुपये वसूल किए गए।
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प्री लिटीगेशन व लंबित वादों का निस्तारण करते हुए सकल रूप से सात करोड़ 41 लाख 28 हजार 243 रुपये के मामले निस्तारित किए गए। लोगों को बैंको के ऋण के भुगतान में अच्छी छूट दी गई। लोक अदालत में नोडल अधिकारी राम प्रताप सिंह राणा, अपर जिला जज राम मिलन सिंह, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी देवेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जसवीर सिंह यादव ने बताया कि इस बार पिछली लोक अदालतों से ज्यादा वादों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्षति पूर्ति के 33 वादों में एक करोड़ 30 लाख
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60 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पीठासीन अधिकारी देवेंद्र सिंह द्वारा निर्धारित किए गए। फौजदारी के 2863 वादों का निस्तारण करते हुए 10 लाख 36 हजार 76 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विष्णु कुमार शर्मा व अतिरिक्त परिवार न्यायाधीश रेनू सिंह ने संयुक्त रूप से 22 वैवाहिक प्रकरणों का निस्तारण किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों व बैंको से संबंधित प्री लिटीगेशन के 699 वाद निस्तारित किए गए। इसमें दो करोड़ 22 लाख 74 हजार रुपये वसूल किए गए।
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प्री लिटीगेशन व लंबित वादों का निस्तारण करते हुए सकल रूप से सात करोड़ 41 लाख 28 हजार 243 रुपये के मामले निस्तारित किए गए। लोगों को बैंको के ऋण के भुगतान में अच्छी छूट दी गई। लोक अदालत में नोडल अधिकारी राम प्रताप सिंह राणा, अपर जिला जज राम मिलन सिंह, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी देवेंद्र सिंह मौजूद रहे।