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बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी
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ठंडी हवाओं से बचने के गर्म कपड़े पहने स्कूटर सवार युवती
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। बसंत पंचमी से दो दिन पूर्व मौसम में आए बदलाव से सरसों व आलू की पैदावार करने वाले किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बृहस्पतिवार की सुबह की शुरुआत बदली, बूंदाबांदी और ठंडी हवाएं चलने से लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। हवाओं की रफ्तार तेज होने से लोग जरूरी काम से ही घर से बाहर निकले।
पूरे दिन बदली और धूप के बीच आंख मिचौली का खेल जारी रहा। दोपहर ढाई बजे बादलों की गडगड़ाहट से बारिश होने जैसे हालात नजर आए। हालांकि तीन बजे कुछ बड़ी-बड़ी बूंदें गिरने से लोगों को फिर से सर्दी बढ़ने की चिंता सताने लगी। पांच फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व होने की वजह से शादियों का शुभ मुहूर्त है। बदली और ठंडी हवाएं चलने की वजह से बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार को 12 डिग्री की अपेक्षा न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा। हालांकि अधिकतम तापमान 22 से बढ़कर 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन इस वजह से सर्दी ने फिर से जोर पकड़ लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के फसल वैज्ञानिक इंजी.भूपेंद्र सिंह चौहान का कहना है आसपास के शहरों में बारिश से ठंडक बढ़ गई है। ऐसे में यदि बारिश हो गई तो गेहूं को तो नुकसान नहीं होगा, लेकिन देरी से बुआई वाली सरसों का फूल झड़ जाएगा। आलू की फसल को भी नुकसान होगा। आलू की पत्तियां अभी हरी हैं। आलू पकने में अभी 15 से 20 दिन और लगेंगे। उसके बाद खोदाई शुरू होगी।
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पूरे दिन बदली और धूप के बीच आंख मिचौली का खेल जारी रहा। दोपहर ढाई बजे बादलों की गडगड़ाहट से बारिश होने जैसे हालात नजर आए। हालांकि तीन बजे कुछ बड़ी-बड़ी बूंदें गिरने से लोगों को फिर से सर्दी बढ़ने की चिंता सताने लगी। पांच फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व होने की वजह से शादियों का शुभ मुहूर्त है। बदली और ठंडी हवाएं चलने की वजह से बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार को 12 डिग्री की अपेक्षा न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा। हालांकि अधिकतम तापमान 22 से बढ़कर 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन इस वजह से सर्दी ने फिर से जोर पकड़ लिया।
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कृषि विज्ञान केंद्र के फसल वैज्ञानिक इंजी.भूपेंद्र सिंह चौहान का कहना है आसपास के शहरों में बारिश से ठंडक बढ़ गई है। ऐसे में यदि बारिश हो गई तो गेहूं को तो नुकसान नहीं होगा, लेकिन देरी से बुआई वाली सरसों का फूल झड़ जाएगा। आलू की फसल को भी नुकसान होगा। आलू की पत्तियां अभी हरी हैं। आलू पकने में अभी 15 से 20 दिन और लगेंगे। उसके बाद खोदाई शुरू होगी।
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