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हुजुर, 20 पटरे जुड़वा दें तो चालू हो जाए पुल
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पांटून पुल का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम।
- फोटो : ETAWAH
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चकरनगर। इटावा व औरैया दो जनपदों को जोड़ने वाले भरेह संगम स्थित यमुना नदी के धर्मपुरा कैथौली घाट पर बने पीपा पुल का निरीक्षण करने गुरुवार को एसडीएम पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि पीपा पुल तोड़ने के साथ विभाग के कर्मचारी नाव भी ले गए हैं। पीपा पुल पर जुगाड़ कर आवागमन में बड़ा जोखिम है। मात्र 20 पटरे जुड़ने से पुल चालू हो जाएगा। एसडीएम ने कहा कि यह लापरवाही है, इसकी रिपोर्ट वह जिलाधिकारी को देंगे। उन्होंने फोन पर ही लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से बात कर काम शुरू कराने के लिए कहा।
यमुना का जलस्तर बढ़ने पर पिछले सप्ताह धर्मपुरा कैथौली घाट पर बने पीपा पुल के दोनों तरफ से पटरे हटा दिए गए थे। उसके बाद जलस्तर सामान्य हो गया लेकिन इस पुल पर पटरे नहीं लगाए गए। ग्रामीणों को इस वजह से 40 से अधिक किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। अमर उजाला ने ग्रामीणों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। उसके बाद गुरुवार को उप जिलाधिकारी चकरनगर मलखान सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश वशिष्ठ, नायब तहसीलदार संदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मिले विभाग के चौकीदार ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से पुल की मिट्टी पानी से कट गई है जिसके कारण पुल चालू नहीं किया जा सका है। अधिकारियों की टीम ने ग्रामीणों की समस्या को भी सुना।
ग्रामीणों ने बताया कि नदी के उस पार हमारी खेती है, नदी पार करने का कोई साधन नहीं है। 50 से अधिक गांव के लोग प्रभावित हैं। पुल के दोनों तरफ मात्र बीस पटरे जोड़ने से यह पुल चालू हो जाएगा। विभाग अपनी हठधर्मिता के चलते पुल का कार्य शुरू नहीं कर रहा है। उपजिलाधिकारी ने इसे लापरवाही कहा और ग्रामीणों के सामने ही संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को फोन कर पुल बनाने के निर्देश दिए। दौरान ग्राम प्रधान भरेह राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर, विनोद सेंगर, चंद्रभान सिंह, कृष्णा पांडे मौजूद रहे।
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यमुना का जलस्तर बढ़ने पर पिछले सप्ताह धर्मपुरा कैथौली घाट पर बने पीपा पुल के दोनों तरफ से पटरे हटा दिए गए थे। उसके बाद जलस्तर सामान्य हो गया लेकिन इस पुल पर पटरे नहीं लगाए गए। ग्रामीणों को इस वजह से 40 से अधिक किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। अमर उजाला ने ग्रामीणों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। उसके बाद गुरुवार को उप जिलाधिकारी चकरनगर मलखान सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश वशिष्ठ, नायब तहसीलदार संदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मिले विभाग के चौकीदार ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से पुल की मिट्टी पानी से कट गई है जिसके कारण पुल चालू नहीं किया जा सका है। अधिकारियों की टीम ने ग्रामीणों की समस्या को भी सुना।
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ग्रामीणों ने बताया कि नदी के उस पार हमारी खेती है, नदी पार करने का कोई साधन नहीं है। 50 से अधिक गांव के लोग प्रभावित हैं। पुल के दोनों तरफ मात्र बीस पटरे जोड़ने से यह पुल चालू हो जाएगा। विभाग अपनी हठधर्मिता के चलते पुल का कार्य शुरू नहीं कर रहा है। उपजिलाधिकारी ने इसे लापरवाही कहा और ग्रामीणों के सामने ही संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को फोन कर पुल बनाने के निर्देश दिए। दौरान ग्राम प्रधान भरेह राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर, विनोद सेंगर, चंद्रभान सिंह, कृष्णा पांडे मौजूद रहे।
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