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चंबल पुल फिर क्षतिग्रस्त, चार दिन रहेगा यातायात प्रभावित
Sun, 07 Apr 2019 11:52 PM IST
प्रतीक दुबे
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
Published by: प्रतीक दुबे
Updated Sun, 07 Apr 2019 11:52 PM IST
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चंबल पुल की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करते मिस्त्री।
- फोटो : amar ujala
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इटावा को मध्यप्रदेश के भिंड जिले से जोड़ने वाले एनएच 92 पर स्थित चंबल पुल के डेक स्लैब यानी सड़क पर बड़ा सा गड्ढा हो गया है। इससे भारी वाहनों पर प्रभाव पड़ रहा है। मरम्मत का काम शुरू हो गया, लेकिन चार दिन तक भारी वाहनों की आवाजाही पुल पर बंद रहेगी। करीब साल भर पहले भी पुल की बेयरिंग खराब हुई थी। उससे पहले भी सड़क डेमेज हो चुकी है।
चंबल पुल के दक्षिण से तीसरे एवं उत्तर से आठवें पिलर के ऊपर की डेक स्लैब पर पूर्व से बना मामूली छेद अत्यधिक भार वाहनों के दबाव के चलते शनिवार की रात को एक बड़े गड्ढे में बदल गया। खतरे की आशंका को देखते हुए कुछ वाहन चालकों ने मध्यप्रदेश सीमा में स्थित टोल प्लाजा के माध्यम से संबंधित एनएच 92 के इटावा कार्यालय को सूचना पहुंचाई। रविवार को एनएच के अधिकारियों ने पुल की स्थिति का जायजा लिया।
एनएच 92 के अवर अभियंता जोशी ने बताया कि उत्तर से पिलर संख्या आठ के ऊपर डेक स्लैब क्षतिग्रस्त होने के साथ लगभग एक मीटर का गड्डा हो गया है। मरम्मत का कार्य चालू कर दिया गया है। बड़े भार वाहनों का आवागमन सोमवार शाम तक रोकने के लिए प्रशासन से मांग की गई है। सब कुछ ठीक रहा तो सोमवार शाम तक सभी वाहनों के लिए पूर्व की तरह पुल को खोल दिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से होल के आसपास ईंट की दीवार लगाई जा रही है ताकि मरम्मत में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो सके।
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बार बार पुल के क्षतिग्रस्त होने के सवाल पर अवर अभियंता ने बताया कि पुल पुरानी तकनीक से बना होने के साथ सीमेंट का जीवनकाल लगभग पूरा हो चुका है। इससे सीमेंट एवं सरिया की पकड़ कमजोर होती जा रही है। अत्यधिक दबाव पड़ने पर क्षतिग्रस्त की स्थिति पैदा हो रही है।उन्होंने बताया कि चंबल नदी पर नये पुल के निर्माण के साथ यमुना नदी पुल तक के फ़ोरलेन का प्रस्ताव मंत्रालय में विचाराधीन है।
क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य देख रहे पीएनसी कंपनी के सीनियर इंजीनयर अशोक मिश्रा ने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से का काम दो दिन में पूरा हो जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के एक्सईएन एमसी शर्मा ने बताया कि चंबल पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर कार्य शुरू हो चुका है।
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चंबल पुल के दक्षिण से तीसरे एवं उत्तर से आठवें पिलर के ऊपर की डेक स्लैब पर पूर्व से बना मामूली छेद अत्यधिक भार वाहनों के दबाव के चलते शनिवार की रात को एक बड़े गड्ढे में बदल गया। खतरे की आशंका को देखते हुए कुछ वाहन चालकों ने मध्यप्रदेश सीमा में स्थित टोल प्लाजा के माध्यम से संबंधित एनएच 92 के इटावा कार्यालय को सूचना पहुंचाई। रविवार को एनएच के अधिकारियों ने पुल की स्थिति का जायजा लिया।
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एनएच 92 के अवर अभियंता जोशी ने बताया कि उत्तर से पिलर संख्या आठ के ऊपर डेक स्लैब क्षतिग्रस्त होने के साथ लगभग एक मीटर का गड्डा हो गया है। मरम्मत का कार्य चालू कर दिया गया है। बड़े भार वाहनों का आवागमन सोमवार शाम तक रोकने के लिए प्रशासन से मांग की गई है। सब कुछ ठीक रहा तो सोमवार शाम तक सभी वाहनों के लिए पूर्व की तरह पुल को खोल दिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से होल के आसपास ईंट की दीवार लगाई जा रही है ताकि मरम्मत में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो सके।
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बार बार पुल के क्षतिग्रस्त होने के सवाल पर अवर अभियंता ने बताया कि पुल पुरानी तकनीक से बना होने के साथ सीमेंट का जीवनकाल लगभग पूरा हो चुका है। इससे सीमेंट एवं सरिया की पकड़ कमजोर होती जा रही है। अत्यधिक दबाव पड़ने पर क्षतिग्रस्त की स्थिति पैदा हो रही है।उन्होंने बताया कि चंबल नदी पर नये पुल के निर्माण के साथ यमुना नदी पुल तक के फ़ोरलेन का प्रस्ताव मंत्रालय में विचाराधीन है।
क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य देख रहे पीएनसी कंपनी के सीनियर इंजीनयर अशोक मिश्रा ने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से का काम दो दिन में पूरा हो जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के एक्सईएन एमसी शर्मा ने बताया कि चंबल पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर कार्य शुरू हो चुका है।