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रिजर्व बैंक से भेजी गई करेंसी की सीबीआई जांच हो
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Mon, 02 Jan 2017 11:51 PM IST
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बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में विरोध प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने सोमवार को कचहरी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि जगह-जगह जो नई करेंसी पकड़ी जा रही है। इससे साफ है कि रिजर्व बैंक से करेंसी चेस्ट पर भेजी गई रकम में कोई गड़बड़ी जरूर है। इसलिए रिजर्व बैंक से भेजी गई करेंसी की सीबीआई जांच कराई जाए।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विमल पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में कैश की किल्लत बनी है। रिजर्व बैंक से अब तक काफी नई करेंसी प्राप्त हुई है। 30 नवंबर तक के आंकड़े हैं कि आरबीआई ने जिले की करीब 19 राष्ट्रीय कृत बैंकों को सिर्फ 76 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। जिससे यह बैंक अपने खातेदारों को निर्धारित रकम मुहैया नहीं करा पा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि तमाम जगह नई करेंसी पकड़ी जा रही है। दो हजार के नोटों की सीरीज से साफ पता लगाया जा सकता है कि आरबीआई से यह रकम किस करेंसी चेस्ट पर कब और कितना भेजा गया है। नई करेंसी की हेराफेरी में जिन बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। यहीं नहीं आरबीआई यह भी साफ नहीं कर रही कि 30 नवंबर के बाद कितनी करेंसी कहां भेजी गई है। इसलिए एसोसिएशन की मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। इस विरोध प्रदर्शन में गगन यादव, पुलकित कुमार, संतोष कुमार मिश्रा, अरुण मिश्रा, ओमबाबू बाथम, पंकज कुमार, कृष्णा चौधरी, शैलेंद्र सिंह, रामचंद्र, संजीव कुमार, नीतू आदि मौजूद रहे।
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एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विमल पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में कैश की किल्लत बनी है। रिजर्व बैंक से अब तक काफी नई करेंसी प्राप्त हुई है। 30 नवंबर तक के आंकड़े हैं कि आरबीआई ने जिले की करीब 19 राष्ट्रीय कृत बैंकों को सिर्फ 76 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। जिससे यह बैंक अपने खातेदारों को निर्धारित रकम मुहैया नहीं करा पा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि तमाम जगह नई करेंसी पकड़ी जा रही है। दो हजार के नोटों की सीरीज से साफ पता लगाया जा सकता है कि आरबीआई से यह रकम किस करेंसी चेस्ट पर कब और कितना भेजा गया है। नई करेंसी की हेराफेरी में जिन बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। यहीं नहीं आरबीआई यह भी साफ नहीं कर रही कि 30 नवंबर के बाद कितनी करेंसी कहां भेजी गई है। इसलिए एसोसिएशन की मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। इस विरोध प्रदर्शन में गगन यादव, पुलकित कुमार, संतोष कुमार मिश्रा, अरुण मिश्रा, ओमबाबू बाथम, पंकज कुमार, कृष्णा चौधरी, शैलेंद्र सिंह, रामचंद्र, संजीव कुमार, नीतू आदि मौजूद रहे।
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