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भाई और उसके परिवार के हत्यारे टिल्लू को फांसी की सजा
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18 बीघा जमीन के लिए सगे भाई, भाभी, तीन भतीजियों और भतीजे की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने वाले इकदिल के पिलखर गांव के रामप्रताप उर्फ टिल्लू को न्यायालय ने बृहस्पतिवार को फांसी की सजा सुनाई है।
हत्यारे पर पांच लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। एक आरोपी को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया जबकि, दूसरे के खिलाफ सुनवाई चल रही है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दंड देवेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि 27 मई 2012 को इकदिल थाना क्षेत्र के पिलखर गांव निवासी सुरेश चंद्र यादव, उनकी पत्नी विमला देवी, बेटा अवनीश और तीन बेटियों रश्मि, सुरभि व श्वेता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी।
मृतक के भरथना थाना क्षेत्र के निनावा बंधारा गांव निवासी साले होमसिंह पुत्र महाराज सिंह ने सुरेश के भाई रामप्रताप उर्फ टिल्लू और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना अधिकारी ने 18 मार्च 2013 को टिल्लू के अलावा पिलखर निवासी वरुणराज उर्फ विक्कू पुत्र राजवीर सिंह के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तत्कालीन सदर तहसीलदार व 11 अन्य गवाह कोर्ट में पेश हुए हैं।
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या आठ डॉ. विजय कुमार ने 21 मार्च 2020 को साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर रामप्रताप उर्फ टिल्लू को दोषी करार दिया था। न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में वरुणराज को दोषमुक्त कर दिया। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सजा के प्रश्न पर सुनवाई की। रामप्रताप उर्फ टिल्लू को धारा 302 के तहत मृत्
युदंड की सजा सुनाई गई। न्यायाधीश ने हत्यारे पर पांच लाख रुपये के जुर्माना भी लाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने के आदेश दिए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी दिलीप के खिलाफ बाद में आरोपपत्र प्रस्तुत किया था। दिलीप के खिलाफ इसी न्यायालय में अलग से सुनवाई चल रही है।
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हत्यारे पर पांच लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। एक आरोपी को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया जबकि, दूसरे के खिलाफ सुनवाई चल रही है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दंड देवेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि 27 मई 2012 को इकदिल थाना क्षेत्र के पिलखर गांव निवासी सुरेश चंद्र यादव, उनकी पत्नी विमला देवी, बेटा अवनीश और तीन बेटियों रश्मि, सुरभि व श्वेता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी।
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मृतक के भरथना थाना क्षेत्र के निनावा बंधारा गांव निवासी साले होमसिंह पुत्र महाराज सिंह ने सुरेश के भाई रामप्रताप उर्फ टिल्लू और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना अधिकारी ने 18 मार्च 2013 को टिल्लू के अलावा पिलखर निवासी वरुणराज उर्फ विक्कू पुत्र राजवीर सिंह के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तत्कालीन सदर तहसीलदार व 11 अन्य गवाह कोर्ट में पेश हुए हैं।
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या आठ डॉ. विजय कुमार ने 21 मार्च 2020 को साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर रामप्रताप उर्फ टिल्लू को दोषी करार दिया था। न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में वरुणराज को दोषमुक्त कर दिया। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सजा के प्रश्न पर सुनवाई की। रामप्रताप उर्फ टिल्लू को धारा 302 के तहत मृत्
युदंड की सजा सुनाई गई। न्यायाधीश ने हत्यारे पर पांच लाख रुपये के जुर्माना भी लाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने के आदेश दिए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी दिलीप के खिलाफ बाद में आरोपपत्र प्रस्तुत किया था। दिलीप के खिलाफ इसी न्यायालय में अलग से सुनवाई चल रही है।
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