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भाई के लिए चुनावी रणनीति बना रहे हैं आर्यन
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आर्यन यादव
- फोटो : ETAWHA
इटावा। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के एक और भतीजे की पंचायत चुनाव में चहल कदमी ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। मुलायम के छोटे भाई राजपाल सिंह के छोटे बेटे आर्यन यादव आस्ट्रेलिया से पढ़ाई पूरी करके अपने गृह जनपद इटावा में हैं। उन्होंने बड़े भाई निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक उर्फ अंशुल यादव के चुनाव की कमान संभाल ली है।
मुलायम के भाई राजपाल सिंह यादव की पत्नी प्रेमलता यादव दो बार इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकीं हैं। उनके बेटे अभिषेक यादव उर्फ अंशुल की जब राजनीति में इंट्री हुई तो प्रेमलता ने बेटे के लिए सीट छोड़ दी थी। अंशुल यादव लगातार दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। अब एक बार फिर सपा से इस पद के लिए वे ही दावेदार हैं। जिला पंचायत की यहां 24 सीटें हैं। इन सीटों पर उम्मीदवारों को लड़ाना और अध्यक्ष पद की रणनीति बनाने में इस बार अंशुल यादव ने अपने भाई आर्यन को भी जिम्मेदारी सौंपी है।
आर्यन की प्रारंभिक शिक्षा गृह जनपद में हुई है। इसके बाद कक्षा सात से 12 तक की पढ़ाई उन्होंने डीपीएस नोएडा से की। कुछ समय तक दिल्ली यूनीवर्सिटी में बीकॉम आनर्स की पढ़ाई की। यहां पढ़ाई में उनका मन नहीं लगा तो बीएससी इन बिजनेस करने के लिए कारडिफ यूनिवर्सिटी, यूके चले गए। वर्ष 2015 से 2018 तक की पढ़ाई इंग्लैंड में पूरी की। इसके बाद 2019 में आस्ट्रेलिया की यूूनीवर्सिटी ऑफ सिडनी से मास्टर ऑफ कॉमर्स की डिग्री हासिल की। इसी यूनीवर्सिटी में उनके चचेरे भाई और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी पढ़ाई कर चुके हैं।
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आर्यन ने अपने बड़े भाई की मदद के लिए पंचायत चुनाव की कमान अपने हाथ में ली है। गांव-गांव जाना, लोगों से संपर्क, प्रत्याशियों के चयन आदि के मुद्दों पर संगठन से संपर्क कर रहे हैं। पंचायत चुनावों में उनकी सक्रियता देख कयास लग रहे हैं कि आर्यन जल्द ही सक्रिय राजनीति में इंट्री कर सकते हैं।
बोले, मैं सिर्फ भाई की मदद कर रहा हूं
इटावा। आर्यन यादव का कहना है कि वे सिर्फ अपने भाई अंशुल यादव को चुनाव लड़वाने के लिए आए हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ पंचायत चुनाव है। राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं है। वे बिजनेस की पढ़ाई कर चुके हैं। इसी क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाएंगे। फिलहाल वे पंचायत चुनावों में पूरी तरह से व्यस्त हैं।
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मुलायम के भाई राजपाल सिंह यादव की पत्नी प्रेमलता यादव दो बार इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकीं हैं। उनके बेटे अभिषेक यादव उर्फ अंशुल की जब राजनीति में इंट्री हुई तो प्रेमलता ने बेटे के लिए सीट छोड़ दी थी। अंशुल यादव लगातार दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। अब एक बार फिर सपा से इस पद के लिए वे ही दावेदार हैं। जिला पंचायत की यहां 24 सीटें हैं। इन सीटों पर उम्मीदवारों को लड़ाना और अध्यक्ष पद की रणनीति बनाने में इस बार अंशुल यादव ने अपने भाई आर्यन को भी जिम्मेदारी सौंपी है।
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आर्यन की प्रारंभिक शिक्षा गृह जनपद में हुई है। इसके बाद कक्षा सात से 12 तक की पढ़ाई उन्होंने डीपीएस नोएडा से की। कुछ समय तक दिल्ली यूनीवर्सिटी में बीकॉम आनर्स की पढ़ाई की। यहां पढ़ाई में उनका मन नहीं लगा तो बीएससी इन बिजनेस करने के लिए कारडिफ यूनिवर्सिटी, यूके चले गए। वर्ष 2015 से 2018 तक की पढ़ाई इंग्लैंड में पूरी की। इसके बाद 2019 में आस्ट्रेलिया की यूूनीवर्सिटी ऑफ सिडनी से मास्टर ऑफ कॉमर्स की डिग्री हासिल की। इसी यूनीवर्सिटी में उनके चचेरे भाई और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी पढ़ाई कर चुके हैं।
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आर्यन ने अपने बड़े भाई की मदद के लिए पंचायत चुनाव की कमान अपने हाथ में ली है। गांव-गांव जाना, लोगों से संपर्क, प्रत्याशियों के चयन आदि के मुद्दों पर संगठन से संपर्क कर रहे हैं। पंचायत चुनावों में उनकी सक्रियता देख कयास लग रहे हैं कि आर्यन जल्द ही सक्रिय राजनीति में इंट्री कर सकते हैं।
बोले, मैं सिर्फ भाई की मदद कर रहा हूं
इटावा। आर्यन यादव का कहना है कि वे सिर्फ अपने भाई अंशुल यादव को चुनाव लड़वाने के लिए आए हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ पंचायत चुनाव है। राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं है। वे बिजनेस की पढ़ाई कर चुके हैं। इसी क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाएंगे। फिलहाल वे पंचायत चुनावों में पूरी तरह से व्यस्त हैं।