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मनमानी : मरीजों को दो की जगह एक समय मिल रहा भोजन
Wed, 14 Oct 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 14 Oct 2026 11:58 PM IST
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फोटो 36: वार्ड में भर्ती मरीजों को खाना बांटती महिलाएं। संवाद
इटावा। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य को दिए जाने वाले भोजन में भी मनमानी बरती जा रही है। इसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग मानक के अनुसार, वार्ड में भर्ती मरीजों को सुबह नाश्ता के बाद दोपहर व रात में भोजन देने का नियम है। इससे मरीज जल्द ही ठीक होकर जल्द घर जा सके। मरीजों को दिए जाने वाले दो समय के खाने में कटौती कर एक समय दिया जा रहा है। इसमें सबसे मजे बात यह है कि जिम्मेदारों को इसकी भनक नहीं है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में कई वार्ड बने हैं। इसमें प्रमुख रूप से प्रथम तल पर महिला वार्ड, पुरुष सर्जिकल वार्ड, द्वितीय तल पर महिला व शिशु वार्ड, एनआरसी वार्ड, आपदा-डेंगू वार्ड व तीसरे तल पर वृद्ध वार्ड बना हुआ है। वर्तमान समय में जिला अस्पताल में 128 से अधिक मरीज विभिन्न वार्ड में भर्ती हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों को नाश्ता, दोपहर का खाना व रात का खाना देने का नियम है। इस खाना देने का मुख्य वजह यह है कि एक तो मरीज को संतुलित आहार मिल सके।
इससे भर्ती मरीज जल्द ही ठीक होकर घर जा सके। वहीं, जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुबह का नाश्ता व दोपहर का भोजन तो दिया जा रहा है जबकि रात के खाने में कटौती की जा रही है। इसकी मरीजों शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर चल रही है।
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वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए ये है निर्धारित मेन्यू
-सुबह के नाश्ता में- ब्रेड, दलिया, दूध, बिस्किट व अंडा।
-दोपहर का भोजन- दाल, मौसमी सब्जी व चार रोटी।
-रात के भोजन- दाल, सब्जी व चार रोटी।
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रात का नहीं मिलता खाना, बाहर से लाते
फफूंद निवासी मंजू देवी ने बताया कि उनकी जेठानी तीन दिन से जिला अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने बताया कि सुबह नाश्ता व दोपहर का खाना मिलता है। रात का भोजन नहीं मिलता है। इसकी वजह से बाहर से खाना मंगवाना पड़ता है। घर से कोई देखने आता है तो वह घर से खाना ले आता है। नियम के तहत दोनों समय खाना मिलना चाहिए।
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दो दिन से रात का नहीं मिला खाना
लवेदी निवासी नीता देवी ने बताया कि उनकी सास राधा को दो दिन से जिला अस्पताल में भर्ती है। सुबह दलिया मिला था। दोपहर में दाल, सब्जी व चार रोटी मिलती है। रात का भोजन नहीं मिलता है। उन्हें समेत वार्ड में भर्ती अन्य किसी मरीज को रात का खाना नहीं मिला है। सास की बीमारी की वजह से घर से खाना मंगवाना पड़ता है।
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जिला अस्पताल में वार्ड में भर्ती मरीजों को नाश्ता, दोपहर व रात का खाना देने का नियम है। रात का खाना अगर मरीजों को नहीं दिया जा रहा है तो यह बड़ी लापरवाही है। इस मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस, पुरुष जिला अस्पताल।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में कई वार्ड बने हैं। इसमें प्रमुख रूप से प्रथम तल पर महिला वार्ड, पुरुष सर्जिकल वार्ड, द्वितीय तल पर महिला व शिशु वार्ड, एनआरसी वार्ड, आपदा-डेंगू वार्ड व तीसरे तल पर वृद्ध वार्ड बना हुआ है। वर्तमान समय में जिला अस्पताल में 128 से अधिक मरीज विभिन्न वार्ड में भर्ती हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों को नाश्ता, दोपहर का खाना व रात का खाना देने का नियम है। इस खाना देने का मुख्य वजह यह है कि एक तो मरीज को संतुलित आहार मिल सके।
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इससे भर्ती मरीज जल्द ही ठीक होकर घर जा सके। वहीं, जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुबह का नाश्ता व दोपहर का भोजन तो दिया जा रहा है जबकि रात के खाने में कटौती की जा रही है। इसकी मरीजों शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर चल रही है।
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वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए ये है निर्धारित मेन्यू
-सुबह के नाश्ता में- ब्रेड, दलिया, दूध, बिस्किट व अंडा।
-दोपहर का भोजन- दाल, मौसमी सब्जी व चार रोटी।
-रात के भोजन- दाल, सब्जी व चार रोटी।
रात का नहीं मिलता खाना, बाहर से लाते
फफूंद निवासी मंजू देवी ने बताया कि उनकी जेठानी तीन दिन से जिला अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने बताया कि सुबह नाश्ता व दोपहर का खाना मिलता है। रात का भोजन नहीं मिलता है। इसकी वजह से बाहर से खाना मंगवाना पड़ता है। घर से कोई देखने आता है तो वह घर से खाना ले आता है। नियम के तहत दोनों समय खाना मिलना चाहिए।
दो दिन से रात का नहीं मिला खाना
लवेदी निवासी नीता देवी ने बताया कि उनकी सास राधा को दो दिन से जिला अस्पताल में भर्ती है। सुबह दलिया मिला था। दोपहर में दाल, सब्जी व चार रोटी मिलती है। रात का भोजन नहीं मिलता है। उन्हें समेत वार्ड में भर्ती अन्य किसी मरीज को रात का खाना नहीं मिला है। सास की बीमारी की वजह से घर से खाना मंगवाना पड़ता है।
जिला अस्पताल में वार्ड में भर्ती मरीजों को नाश्ता, दोपहर व रात का खाना देने का नियम है। रात का खाना अगर मरीजों को नहीं दिया जा रहा है तो यह बड़ी लापरवाही है। इस मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस, पुरुष जिला अस्पताल।

फोटो 36: वार्ड में भर्ती मरीजों को खाना बांटती महिलाएं। संवाद

फोटो 36: वार्ड में भर्ती मरीजों को खाना बांटती महिलाएं। संवाद

फोटो 36: वार्ड में भर्ती मरीजों को खाना बांटती महिलाएं। संवाद