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Etawah News: निजी अस्पतालों से सेवा का दम, पर एंबुलेंस ही कम

Mon, 24 Apr 2023 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Mon, 24 Apr 2023 12:41 AM IST
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ambulence service from private hospital is full of chalenge
इटावा। निजी अस्पतालों से मरीज के रेफर होने पर उन्हें सरकारी एंबुलेंस की सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। लेकिन जिले में एंबुलेंस की संख्या कम होने की वजह से मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती जैसा होगा। सरकारी अस्पताल तक जाने के लिए 108 नंबर पर फोन करना होगा।
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अभी तक घायल हो या बीमार व्यक्ति, सरकारी एंबुलेंस सरकारी अस्पताल से ही दूसरे सरकारी अस्पताल पहुंचाती थीं। लोगों की परेशानी को देखते हुए अब निजी अस्पतालों से भी सरकारी एंबुलेंस की सेवा मिल सकेगी। लोगों का कहना है कि अस्पतालों के बाहर खड़ीं एंबुलेंस के चालक मनमाने दाम वसूलते हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि इस आदेश के बाद जल्द ही एंबुलेंसों की संख्या बढ़ने की भी उम्मीद है।
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163 निजी अस्पताल, 108 एंबुलेंस 21
जनपद में इस समय पंजीकृत 163 निजी अस्पताल हैं। जबकि 108 नंबर की एंबुलेंसों की संख्या 21 हैं। अभी यह एंबुलेंस सरकारी अस्पतालों के पास खड़ी होती हैं। शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र, कॉल आने पर एंबुलेंस के 15 मिनट में मरीज के पास पहुंचने का दावा किया जाता है, लेकिन एंबुलेंस चालकों की कार्यशैली को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। कई मामलों में फोन करने के बावजूद एंबुलेंस जब तक पहुंचती है, तब तक मरीज अन्य संसाधनों से अस्पताल पहुंच जाते हैं।
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काफी देर तक नहीं पहुंची थी एंबुलेंस
एक मार्च को औरैया के कुदरकोट निवासी युवक पिंटू यादव बहन पूजा को बाइक से लेकर जा रहे थे। भरथना में आजाद रोड पर बंदर को बचाने में बाइक फिसलने से पूजा अचेत हो गई थी। तत्काल एंबुलेंस को फोन किया लेकिन काफी देर तक एंबुुलेंस के नहीं आने पर निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा था।

26 अगस्त को गांव लोहा निवासी व पंचायत सचिव पंकज यादव को घर में सांप ने डंस लिया था। एंबुलेंस को फोन किया। करीब पौन घंटा बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर उन्हें निजी वाहन से सीएचसी बसरेहर ले जाया गया। जिला अस्पताल रेफर करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली। परिजन उन्हें निजी वाहन से ले गए।

निजी एंबुलेंस लेती हैं 500 से 700 रुपये
निजी एंबुलेंस से मरीजों को सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए चालक 500 से 700 रुपये लेते हैं। जबकि कानपुर जाने के लिए तीन से पांच हजार, आगरा व ग्वालियर जाने के लिए दो से चार हजार रुपये देने पड़ते हैं। अभी तक एंबुलेंस घटनास्थल से मरीजों को सरकारी अस्पताल ले जाने का काम करतीं थीं। लेकिन अब सरकारी फरमान के कारण उन्हें निजी अस्पताल से मरीज को सरकारी अस्पताल पहुंचाना पड़ेगा।
यह सुविधा रहती है उपलब्ध

एंबुलेंस में ऑक्सीजन, पल्स ऑक्सोमीटर, बीपी और शुगर नापने की मशीन, स्पाइन कोड, सी कॉलर, नेबुलाइजर, सेक्शन डिवाइस के अलावा नार्मल थर्मामीटर की सुविधा उपलब्ध रहती है। जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसईनावर में तीन-तीन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेवा, भरथना, जसवंतनगर, उदी, सैफई में दो- दो, बसरेहर, राजपुर (चकरनगर) के अलावा लखना, बकेवर, बिजौली में एक-एक 108 एंबुलेंस उपलब्ध है। फोन आते ही एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचती है।


वर्जन
सीएमओ डॉ. गीताराम ने बताया कि पत्र प्राप्त हुआ है। उसमें निजी अस्पतालों से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पहुंचाने की व्यवस्था कराने के निर्देश हैं। सभी एंबुलेंस संचालकों को इसके लिए निर्देशित कर दिया जाएगा।
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