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बड़ी संख्या में मिले घड़ियाल और मगरमच्छ
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चंबल में किनारों पर धूप सेंकते जलीय जीव।
- फोटो : ETAWAH
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चकरनगर। चंबल सेंचुरी में जलीय जीवों की गणना का दूसरा चरण गुरुवार को पूरा हो गया। नदी में घड़ियाल और मगरमच्छों की संख्या बढ़ रही है। दूसरे चरण का पहला चक्र मंगलवार को पूरा हुआ था। मौसम खराब होने से बुधवार को गणना नहीं हुई। गुरुवार को मौसम की अनुकूलता होने पर सहसो डाल्फिन परियोजना सेंटर से पचनद कुंड तक जलीय जीवों की गणना पूरी की गई।
चंबल सेंचुरी वन क्षेत्राधिकारी हर किशोर शुक्ला ने बताया कि गुरुवार को 10 बजे मौसम साफ होने पर नदी के शेष भाग में 50 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में जलीय जीवों की गणना का काम पूरा किया गया। चंबल नदी के प्रदूषण मुक्त होने के कारण जलीय जीवों की संख्या बढ़ रही है।
नदी के सारे जीव घड़ियाल, मगरमच्छ (व्यस्क, अव्यस्क) पानी से निकल कर धूप सेंकते मिले। इससे गणना करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई।
चंबल सेंचुरी डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि दिसंबर व फरवरी दोनों गणनाओं की रिपोर्ट आगरा सेंचुरी कार्यालय के माध्यम से वन मंत्रालय दिल्ली को भेजी जाएगी। चंबल अभ्यारण का प्राकृतिक भाग जलीय जीवों के संरक्षण के लिए बढ़ती संख्या में जल्द अपना रिकार्ड बनाएगा।
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चंबल सेंचुरी वन क्षेत्राधिकारी हर किशोर शुक्ला ने बताया कि गुरुवार को 10 बजे मौसम साफ होने पर नदी के शेष भाग में 50 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में जलीय जीवों की गणना का काम पूरा किया गया। चंबल नदी के प्रदूषण मुक्त होने के कारण जलीय जीवों की संख्या बढ़ रही है।
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नदी के सारे जीव घड़ियाल, मगरमच्छ (व्यस्क, अव्यस्क) पानी से निकल कर धूप सेंकते मिले। इससे गणना करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई।
चंबल सेंचुरी डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि दिसंबर व फरवरी दोनों गणनाओं की रिपोर्ट आगरा सेंचुरी कार्यालय के माध्यम से वन मंत्रालय दिल्ली को भेजी जाएगी। चंबल अभ्यारण का प्राकृतिक भाग जलीय जीवों के संरक्षण के लिए बढ़ती संख्या में जल्द अपना रिकार्ड बनाएगा।
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