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Etawah News: गलत ऑपरेशन का आरोप लगाया, अस्पताल के बाहर हंगामा
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इटावा। शहर के आईटीआई चौराहा के पास एक निजी अस्पताल के बाहर मंगलवार रात मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टर पर गलत इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने डॉक्टर पर पांच लाख रुपये लेने और मरीज की हालत बिगड़ने का दावा करते हुए कार्रवाई की मांग की। लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
भरथना सरैया निवासी सोल्जर (35) चार अगस्त को सड़क हादसे में घायल हुए थे। उन्हें छह अगस्त को इसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पत्नी मंतशा ने बताया कि पति के पेट का ऑपरेशन किया गया था। करीब 20 दिन बाद ड्रेसिंग के दौरान टांके खुल गए, जिससे मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने इलाज के लिए करीब पांच लाख रुपये लिए थे और मरीज को ठीक करने की जिम्मेदारी ली थी। मरीज के पेट का ऑपरेशन दो बार किया गया, लेकिन हर बार टांके खुल गए। दोबारा अस्पताल लाने पर डॉक्टर ने कहीं और इलाज कराने को कहा। परिजनों ने बदसलूकी और फोन तोड़ने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
परिजन ने डॉक्टर के खिलाफ धरने पर बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान एक संगठन के लोग भी वहां पहुंचे और हंगामे में शामिल हो गए। अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मौके से चले गए। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अमित मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
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थाना प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि देर रात करीब डेढ़ बजे तक अस्पताल संचालक और मरीज के परिजनों के बीच बातचीत चलती रही। समझौते के बाद परिजन मरीज को अपने साथ ले गए।
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भरथना सरैया निवासी सोल्जर (35) चार अगस्त को सड़क हादसे में घायल हुए थे। उन्हें छह अगस्त को इसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पत्नी मंतशा ने बताया कि पति के पेट का ऑपरेशन किया गया था। करीब 20 दिन बाद ड्रेसिंग के दौरान टांके खुल गए, जिससे मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने इलाज के लिए करीब पांच लाख रुपये लिए थे और मरीज को ठीक करने की जिम्मेदारी ली थी। मरीज के पेट का ऑपरेशन दो बार किया गया, लेकिन हर बार टांके खुल गए। दोबारा अस्पताल लाने पर डॉक्टर ने कहीं और इलाज कराने को कहा। परिजनों ने बदसलूकी और फोन तोड़ने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
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परिजन ने डॉक्टर के खिलाफ धरने पर बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान एक संगठन के लोग भी वहां पहुंचे और हंगामे में शामिल हो गए। अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मौके से चले गए। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अमित मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
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थाना प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि देर रात करीब डेढ़ बजे तक अस्पताल संचालक और मरीज के परिजनों के बीच बातचीत चलती रही। समझौते के बाद परिजन मरीज को अपने साथ ले गए।