अखिलेश के प्रति कठोर नहीं हुए मुलायम
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इटावा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘मुलायम के लोग’ संगठन की ओर से प्रदर्शनी पंडाल में आयोजित जनसभा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव के प्रति पूरी तरह से मुलायमियत बरती। अपने पूरे भाषण में उन्होंने शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच चल रही जंग का जिक्र तक नहीं किया। मान, अपमान के सवाल के पर भी नहीं बोले। उनका भाषण सिर्फ आजादी के नाम रहा। उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान से भारत को खतरा है। पाक और चीन गठबंधन करके भारत पर हमले की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में भारत को दोनों देशों से सतर्क रहने की जरूरत है।मुलायम सिंह यादव ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा जब वह रक्षा मंत्री थे तो उन्होंने पाकिस्तान को देश की सीमा को बचाने के लिए करारा जवाब दिया था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में लोहिया, जय प्रकाश नारायण के योगदान को गिनाया और कहा कि देश के सामने भुखमरी, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार जैसे समस्याएं खड़ी हैं। समाजवादी पार्टी की नीतियों को सही ठहराते हुए उसकी कथनी करनी में कोई अंतर नहीं बताया। नौजवानों को संकल्प दिलाया कि वह सब अन्याय का विरोध करें और न्याय का साथ दें।
मालूम हो कि प्रदर्शनी पंडाल में हर साल समाजवादी पार्टी की ओ से आयोजन होता था, लेकिन इस बार इसकी कमान मुलायम के लोग संगठन के हाथ में थी। इस कार्यक्रम से अखिलेश खेमे के लोग दूर रहे। सपा संरक्षक को बतौर मुख्य अतिथि बुलाए जाने से उम्मीद लगाई जा रही थी कि वह परिवार का विवाद थामने की दिशा में पहल करेंगे। कुछ इसी उम्मीद के साथ यहां इटावा ही नहीं आसपास के जिलों के वरिष्ठ नेता भी पहुंचे थे लेकिन, उन्होंने देश-विदेश की चर्चा करते हुए सपा संगठनात्मक रूप से मजबूत करने का आह्वान किया। अपने करीब आधे घंटे के भाषण में मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला। शिवपाल ने अपने भाषण में कहा भी कि ये भीड़ नेताजी के पीछे है। नेताजी का एक जनवरी को अपमान हुआ है। इसलिए नेताजी अब फैसला लें। शिवपाल की बातें सुनकर मुलायम सिंह यादव मुस्कुराते रहे। पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी को नेताजी ने अपने संघर्ष से बनाया, लेकिन कुछ लोग पार्टी को तोड़ने का काम कर रहे हैं। नेताजी का अपमान हुआ इसीलिए लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों के दौरे में यह बात सामने आई कि अब युवा, नौजवान, किसान, मुसलमान सभी नेताजी के संरक्षण में फिर से संघर्ष के लिए तैयार हैं। नेताजी का आदेश होगा तो इटावा से ही मुलायम के लोग सड़कों पर उतर कर संघर्ष करेंगे। इस बात पर भी मुलायम सिंह ने कोई टिप्पणी नहीं की।
मंच पर दिखे समाजवादी
इटावा। मुलायम के लोग संगठन की इस सभा में मुलायम सिंह के साथी पुराने समाजवादी नेता मंच पर दिखाई दिए। पूर्व मंत्री रामसेवक यादव गंगापुरा, पूर्व एमएलसी रामनरेश यादव मिनी, ठाकुर भोला सिंह, पूर्व मंत्री चौ रामबाबू यादव, पूर्व मंत्री उमेश दीक्षित, पूर्व विधायक रघुराज सिंह शाक्य, सुखदेवी वर्मा, समाजवादी चिंतक दीपक मिश्रा, कृष्ण मुरारी गुप्ता, आशीष राजपूत, पंकज दीक्षित, अजय भदौरिया, कार्यक्रम संयोजक सुनील यादव, रामनाथ सिंह यादव सहित कई प्रमुख नेता शामिल रहे।
सिर्फ अभयराम ही आए मंच पर
इटावा। मुलायम के लोग संगठन की इस सभा में सैफई परिवार के सिर्फ मुलायम सिंह के भाई अभयराम सिंह यादव एवं प्रोफेसर रामगोपाल यादव के भाई अतर सिंह यादव मंच पर मौजूद रहे। बसरेहर ब्लाक प्रमुख एवं मुलायम सिंह के बहनोई डॉ. अजंट सिंह यादव भी सभा समाप्त होने से पहले मंच पर पहुंच गए। इसके अलावा परिवार के बाकी सदस्यों ने मंच से दूरी बनाए रखी। छोटे भाई राजपाल सिंह यादव सिविल लाइन स्थित आवास पर मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे। परंतु प्रदर्शनी पंडाल के मंच पर नहीं पहुंचे।
जनसभा में उमड़ी भारी भीड़
इटावा। मुलायम के लोग नाम के इस संगठन की ओर से पहली बार जनसभा का आयोजन किया गया था। जनसभा को शिवपाल सिंह यादव समर्थकों ने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। इटावा ही नहीं आसपास के जिलों से रैली में लोगों को आमंत्रित किया गया। भीड़ के लिहाज से यह जनसभा बेहद सफल मानी गई। प्रदर्शनी पंडाल खचाखच भरा रहा। इसके अलावा पंडाल के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। शिवपाल सिंह यादव समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन सफल रहा।