{"_id":"33-207639","slug":"Etawah-207639-33","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिहरे हत्याकांड का खुलासाः भाई ने उजाड़ा भाई का परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तिहरे हत्याकांड का खुलासाः भाई ने उजाड़ा भाई का परिवार
Etawah
Updated Wed, 26 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। चौदह दिन पूर्व ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव इकघरा में तिहरे हत्याकांड को किसी और ने नहीं बल्कि सगे भाई ने ही सुपारी किलर के साथ मिलकर अंजाम दिया था। फिल्मी अंदाज में रची गई हत्या की साजिश का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी भाई के साथ ही एक सुपारी किलर को भी गिरफ्तार किया है। जबकि दूसरे सुपारी किलर की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा व देसी रायफल भी बरामद कर ली है। पुलिस हिरासत में खुद भाई ने हत्याकांड की बात कबूल की है।
पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने तिहरे हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इकघरा गांव में 11 नवंबर की रात को परशुराम उसकी पत्नी विमला तथा तीन वर्ष की बेटी हिमांशु की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतक के भाई जयराम पुत्र हुकुम सिंह ने विमला के पूर्व पति रामकिशन निवासी गंगापुरा, उसके पुत्र धर्मेंद्र सहित दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब छानबीन तो मामला संदिग्ध नजर आया। जिनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी तो वह घर पर ही मिले। विवेचना के दौरान पाया या कि तीनों की हत्या जमीन हड़पने के लालच में तथा विमला की चरित्रहीनता को लेकर की गई थी। शक के आधार पर पुलिस ने मृतक के भाई की सुरागकशी की तो तस्वीर साफ होती चली गई।
पुलिस ने मृतक के भाई जयराम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात कुबूल की। उसने बताया कि उसने सुंदरा गांव निवासी जर्मन सिंह उर्फ प्रेम सिंह पुत्र रामस्नेही यादव व मुकेश यादव पुत्र लाल सिंह को पचास हजार की सुपारी देकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। जयराम ने इस अपराध से बचने के लिए झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसकी निशानदेही पर देसी रायफल व हत्या में प्रयुक्त तमंचा घर के घूरे से बरामद किया गया। पूछताछ में जयराम ने बताया कि उसके भाई परशुराम ने बहन की देवरानी विमला से दूसरी शादी कर ली थी। इस शादी के बाद उसकी क्षेत्र में काफी बदनामी हो रही थी। उसने उसे काफी समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। उसके घर पर काफी लोगों का आना जाना रहता था। इसी के चलते उसने हत्या की साजिश रची। मासूम बेटी की हत्या के संबंध में जयराम ने पुलिस को बताया कि बेटी के बड़े होने पर जब वह शादी के लिए जाता तो बेटी किसकी है, इसको लेकर क्या जवाब देता। इसीलिए परशुराम और विमला के साथ उसने मासूम हिमांशु की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
एसएसपी ने बताया कि जयराम को घर से तथा सुपारी किलर को कर्री पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। दूसरे सुपारी किलर को भी गिरफ्तार करने के प्रयास में पुलिस जुटी हुई है। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी सर्वानंद यादव, सीओ भरथना राघवेंद्र सिंह राठौर उपस्थित रहे। एसएसपी ने पुलिस पार्टी को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
--
हत्या से पहले जयराम के घर में पी गई थी शराब
इटावा। पुलिस हिरासत में सुपारी किलर जर्मन सिंह ने बताया कि जयराम ने वारदात के आठ-दस दिन पहले भाई की हत्या की साजिश रची थी। सौदा पचास हजार रुपये में तय हुआ। उसने अपने साथी मुकेश को भी साथ लिया। 11 नवंबर को उसने मुकेश के साथ गांव में शराब पी। फिर रात करीब साढ़े नौ बजे दोनाें जयराम के घर पहुंचे। यहां जयराम के कमरे में बैठकर टीवी देखते रहे। जब जयराम की पत्नी और बच्चे सो गए तो फिर तीनों ने जमकर शराब पी। जयराम ने वारदात में कोई अड़चन न आए इसके लिए पूजा भी की। फिर तीनों पड़ोस में रह रहे परशुराम के घर जा पहुंचे। जिस वक्त वह तीनों परशुराम के घर पहुंचे उस वक्त विमला दूध में रोटी भीगो रही थी। पहली गोली उसी ने विमला पर चलाई। वह गिर पड़ी। जयराम ने अपनी देसी रायफल परशुराम पर तानी तो उसने रायफल पकड़ ली। इसके बाद मुकेश ने तमंचे से परशुराम को गोली मार दी। बकौल जर्मन इसके बाद वह मुकेश के साथ वहां से भाग निकला। बाद में जो फायरिंग हुई वह जयराम के द्वारा की गई थी। जयराम ने ही हिमांशु को मारा। परशुराम व विमला जिंदा न रह जाएं इसके लिए उन पर और गोलियां बरसाईं।
विज्ञापन
पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने तिहरे हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इकघरा गांव में 11 नवंबर की रात को परशुराम उसकी पत्नी विमला तथा तीन वर्ष की बेटी हिमांशु की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतक के भाई जयराम पुत्र हुकुम सिंह ने विमला के पूर्व पति रामकिशन निवासी गंगापुरा, उसके पुत्र धर्मेंद्र सहित दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब छानबीन तो मामला संदिग्ध नजर आया। जिनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी तो वह घर पर ही मिले। विवेचना के दौरान पाया या कि तीनों की हत्या जमीन हड़पने के लालच में तथा विमला की चरित्रहीनता को लेकर की गई थी। शक के आधार पर पुलिस ने मृतक के भाई की सुरागकशी की तो तस्वीर साफ होती चली गई।
विज्ञापन
पुलिस ने मृतक के भाई जयराम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात कुबूल की। उसने बताया कि उसने सुंदरा गांव निवासी जर्मन सिंह उर्फ प्रेम सिंह पुत्र रामस्नेही यादव व मुकेश यादव पुत्र लाल सिंह को पचास हजार की सुपारी देकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। जयराम ने इस अपराध से बचने के लिए झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसकी निशानदेही पर देसी रायफल व हत्या में प्रयुक्त तमंचा घर के घूरे से बरामद किया गया। पूछताछ में जयराम ने बताया कि उसके भाई परशुराम ने बहन की देवरानी विमला से दूसरी शादी कर ली थी। इस शादी के बाद उसकी क्षेत्र में काफी बदनामी हो रही थी। उसने उसे काफी समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। उसके घर पर काफी लोगों का आना जाना रहता था। इसी के चलते उसने हत्या की साजिश रची। मासूम बेटी की हत्या के संबंध में जयराम ने पुलिस को बताया कि बेटी के बड़े होने पर जब वह शादी के लिए जाता तो बेटी किसकी है, इसको लेकर क्या जवाब देता। इसीलिए परशुराम और विमला के साथ उसने मासूम हिमांशु की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
एसएसपी ने बताया कि जयराम को घर से तथा सुपारी किलर को कर्री पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। दूसरे सुपारी किलर को भी गिरफ्तार करने के प्रयास में पुलिस जुटी हुई है। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी सर्वानंद यादव, सीओ भरथना राघवेंद्र सिंह राठौर उपस्थित रहे। एसएसपी ने पुलिस पार्टी को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
--
हत्या से पहले जयराम के घर में पी गई थी शराब
इटावा। पुलिस हिरासत में सुपारी किलर जर्मन सिंह ने बताया कि जयराम ने वारदात के आठ-दस दिन पहले भाई की हत्या की साजिश रची थी। सौदा पचास हजार रुपये में तय हुआ। उसने अपने साथी मुकेश को भी साथ लिया। 11 नवंबर को उसने मुकेश के साथ गांव में शराब पी। फिर रात करीब साढ़े नौ बजे दोनाें जयराम के घर पहुंचे। यहां जयराम के कमरे में बैठकर टीवी देखते रहे। जब जयराम की पत्नी और बच्चे सो गए तो फिर तीनों ने जमकर शराब पी। जयराम ने वारदात में कोई अड़चन न आए इसके लिए पूजा भी की। फिर तीनों पड़ोस में रह रहे परशुराम के घर जा पहुंचे। जिस वक्त वह तीनों परशुराम के घर पहुंचे उस वक्त विमला दूध में रोटी भीगो रही थी। पहली गोली उसी ने विमला पर चलाई। वह गिर पड़ी। जयराम ने अपनी देसी रायफल परशुराम पर तानी तो उसने रायफल पकड़ ली। इसके बाद मुकेश ने तमंचे से परशुराम को गोली मार दी। बकौल जर्मन इसके बाद वह मुकेश के साथ वहां से भाग निकला। बाद में जो फायरिंग हुई वह जयराम के द्वारा की गई थी। जयराम ने ही हिमांशु को मारा। परशुराम व विमला जिंदा न रह जाएं इसके लिए उन पर और गोलियां बरसाईं।