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खुद लाइसेंस बनाकर बंदूक खरीदी, धरे गए
Etawah
Updated Sun, 13 Apr 2014 05:31 AM IST
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इटावा। एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से खुद ही अपना लाइसेंस बनाकर उस पर बंदूक खरीद ली। बंदूक खरीदने के बाद गार्ड की नौकरी भी कर ली। बाद में उन्हें पुलिस के हत्थे चढ़ना पड़ा। पुलिस ने उसके पास से अधिकारियों की तमाम मोहरें भी बरामद की हैं।
भरथना थाना क्षेत्र के गांव गंगौरा निवासी सुदीप यादव पुत्र विश्वनाथ ने खुद ही फर्जी तरीके से अपना लाइसेंस बना लिया और बंदूक खरीद ली। इस बात की किसी को भी भनक तक नहीं लगी। लाइसेंस होने के कारण उसकी पूना में गार्ड के पद पर नौकरी भी लग गई। शुक्रवार की शाम को वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एसओ सिविल लाइन जसवीर सिंह को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि एक व्यक्ति विजयनगर चौराहा के पास रेलवे लाइन किनारे जा रहा है। उसके पास फर्जी लाइसेंस है। इसी सूचना पर उन्होंने दरोगा रोहित तिवारी व हमराह फोर्स के साथ घेराबंदी करके उसे दबोच लिया। उसके पास से एक एसबीबीएल बंदूक व कारतूस बरामद हुए। तलाशी में उसके पास से अलग-अलग अधिकारियों की 13 मोहरें भी मिलीं।
एसओ जसवीर सिंह ने बताया कि सुदीप ने वर्ष 2009 में खुद ही फर्जी तरीके से लाइसेंस बना लिया और बाद में उसका नवीनीकरण भी कर लिया। उन्होंने बताया कि उसने वैद्यता भी पूरे भारत वर्ष की करके पूना में नौकरी कर ली। पकड़े गए सुदीप के पास से इटावा औरैया के वरिष्ठ अधिकारियों की मोहरें बरामद हुई हैं। पुलिस ने आवाश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया।
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भरथना थाना क्षेत्र के गांव गंगौरा निवासी सुदीप यादव पुत्र विश्वनाथ ने खुद ही फर्जी तरीके से अपना लाइसेंस बना लिया और बंदूक खरीद ली। इस बात की किसी को भी भनक तक नहीं लगी। लाइसेंस होने के कारण उसकी पूना में गार्ड के पद पर नौकरी भी लग गई। शुक्रवार की शाम को वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एसओ सिविल लाइन जसवीर सिंह को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि एक व्यक्ति विजयनगर चौराहा के पास रेलवे लाइन किनारे जा रहा है। उसके पास फर्जी लाइसेंस है। इसी सूचना पर उन्होंने दरोगा रोहित तिवारी व हमराह फोर्स के साथ घेराबंदी करके उसे दबोच लिया। उसके पास से एक एसबीबीएल बंदूक व कारतूस बरामद हुए। तलाशी में उसके पास से अलग-अलग अधिकारियों की 13 मोहरें भी मिलीं।
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एसओ जसवीर सिंह ने बताया कि सुदीप ने वर्ष 2009 में खुद ही फर्जी तरीके से लाइसेंस बना लिया और बाद में उसका नवीनीकरण भी कर लिया। उन्होंने बताया कि उसने वैद्यता भी पूरे भारत वर्ष की करके पूना में नौकरी कर ली। पकड़े गए सुदीप के पास से इटावा औरैया के वरिष्ठ अधिकारियों की मोहरें बरामद हुई हैं। पुलिस ने आवाश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया।
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