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जी हां! 287 स्कूलों में है जलभराव
Etawah
Updated Thu, 29 Aug 2013 05:35 AM IST
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इटावा। जिले के 287 परिषदीय विद्यालयों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। बच्चों को पानी मझा कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत इस मद में इस साल कोई बजट न होने से इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका है। इसे गंभीरता से लेते हुए फैसला लिया गया है कि विद्यालयों में जलभराव मनरेगा के जरिए दूर कराया जाएगा। जिले में जलभराव वाले विद्यालय चिंह्ति कर लिए गए है। जल्द ही उनकी ग्राम पंचायतों से इस बाबत प्रस्ताव पारित कराकर भेजे जाएंगे। इसके बाद जलभराव की समस्या के निदान के लिए कार्य शुरू होगा।
अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के जरिए परिषदीय विद्यालयों के निर्माण संबंधी कार्य कराए जाते रहे थे, मगर इस बार सर्व शिक्षा अभियान में इस बाबत कोई बजट ही जारी नहीं किया गया है। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों में निर्माण संबंधी कार्य बाधित हो गए। इस बार बरसात के दौरान परिषदीय विद्यालयों में जलभराव की समस्या उभरी तो शासन ने इस समस्या के निदान के लिए मनरेगा के माध्यम से कार्य कराए जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।
शासन के आए आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जलभराव वाले परिषदीय विद्यालय चिंह्ति किए गए। इसके चलते 196 प्राथमिक तथा 91 उच्च प्राथमिक विद्यालय जलभराव की समस्या से ग्रसित पाए गए। इन विद्यालयों से जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सीडीओ ने भी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने स्तर से किसी तकनीकी अधिकारियों के जरिए आकलन कराया जाए और उसी के आधार पर प्रस्ताव तैयार करके ग्राम पंचायतों से उस प्रस्ताव को पारित कराकर भेजे। इसके लिए सीडीओ ने 31 अगस्त 2013 की तिथि निर्धारित की है।
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अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के जरिए परिषदीय विद्यालयों के निर्माण संबंधी कार्य कराए जाते रहे थे, मगर इस बार सर्व शिक्षा अभियान में इस बाबत कोई बजट ही जारी नहीं किया गया है। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों में निर्माण संबंधी कार्य बाधित हो गए। इस बार बरसात के दौरान परिषदीय विद्यालयों में जलभराव की समस्या उभरी तो शासन ने इस समस्या के निदान के लिए मनरेगा के माध्यम से कार्य कराए जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।
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शासन के आए आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जलभराव वाले परिषदीय विद्यालय चिंह्ति किए गए। इसके चलते 196 प्राथमिक तथा 91 उच्च प्राथमिक विद्यालय जलभराव की समस्या से ग्रसित पाए गए। इन विद्यालयों से जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सीडीओ ने भी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने स्तर से किसी तकनीकी अधिकारियों के जरिए आकलन कराया जाए और उसी के आधार पर प्रस्ताव तैयार करके ग्राम पंचायतों से उस प्रस्ताव को पारित कराकर भेजे। इसके लिए सीडीओ ने 31 अगस्त 2013 की तिथि निर्धारित की है।
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