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93.65 करोड़ के विकास कार्य को मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Mon, 05 Jan 2015 12:04 AM IST
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चालू वित्तीय वर्ष का एक चौथाई समय शेष बचा है। तब जाकर जिले के विकास के लिए बनी योजनाओं को मंजूरी मिल पाई। विलंब से सही रविवार को जिला योजना की बैठक विकास भवन ने नवनिर्मित सभागार में हुई। बैठक में 93.65 करोड़ रुपये की योजनाएं सर्वसम्मति से पारित हुईं। बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री/ परिवहन मंत्री दुर्गाप्रसाद के अलावा पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद रहे।
वित्तीय वर्ष 2014-15 की इस जिला योजना की बैठक में करीब आधा सैकड़ा विभागों ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रस्ताव रखे। जिन्हें जिला पंचायत सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने चर्चा करके सर्वसम्मति से पास किया।
कुल प्रस्तावित 93.65 करोड़ रुपये के परिव्यय में प्रमुख रूप से इंदिरा व लोहिया आवास के लिए 1246.70 लाख रुपये, ग्रामीण पेयजल के लिए 1156.82 लाख रुपये, सड़क एवं पुल के लिए 990 लाख रुपये, नाली-इंटरलॉकिंग मार्ग पंचायतीराज के लिए 685.68 लाख रुपये, समाज कल्याण की पेंशन आदि योजनाओं के लिए 710 लाख रुपये, महिला एवं बाल कल्याण के लिए 439.45 लाख रुपये, ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए 341.24 लाख रुपये के प्रस्ताव शामिल रहे। जिन्हें मंजूरी मिली।
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चूंकि इस बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री मौजूद रहे, लिहाजा जनप्रतिनिधि खासे उत्साहित दिखे। अधिकारियों की भी उम्मीदें रहीं कि सर्व सम्मति से पारित प्रस्तावों को शासन से भी हरी झंडी मिल जाएगी। इस बैठक के विलंब से होने को लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री की व्यस्तता के कारण ऐसा हुआ।
इस बात पर उन्होंने संतोष जताया कि सभी सदस्यों के सुझावों को तसल्ली से सुना गया। साथ ही कहा कि अब अगली बैठक में विलंब नहीं होगा। वहीं प्रभारी मंत्री दुर्गाप्रसाद ने कहा कि बैठक पहले होनी चाहिए थी, मगर देरी से हो पाई। जिले के विकास से जुड़ी योजनाओं पर खुलकर चर्चा हुई और सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए।
इस दौरान सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य, सुखदेवी वर्मा, एमएलसी असीम यादव, सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, नामित सदस्य आशीष राजपूत, ब्लाक प्रमुख महिपाल सिंह यादव, अरविंद यादव, खन्ना यादव, डीएम नितिन बंसल, सीडीओ डॉ. अशोक चंद्र, एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह आदि अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन डीडीओ अनिल कुमार सिंह ने किया।
नलकूप बोरिंग की जांच होगी
बैठक में नलकूपों के खराब रहने की शिकायतें सुनने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जितने नलकूप यहां लगे हैं, शायद ही कहीं और लगे होंगे। कमीशनखोरी की वजह से जो गड़बड़ियां हुई हैं, उसकी जांच होगी। जिसने भी अनियमितता बरती होगी, उसे सजा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यदि घटिया पाइप लगाए जाएंगे तो बोरिंग कभी सफल नहीं होगी। पैसे की कमी नहीं है और पैसा भी मिल सकता है। जल्दबाजी में योजना नहीं बनानी चाहिए। सही योजना बने और क्वालिटी पर खर्च हो। सभी को अपनी ड्यूटी सही ढंग से निभानी होगी। तभी आम जनता का भला कर सकेंगे।
बाद में मीडिया से बातचीत में शिवपाल ने शासन से जिला योजना के तहत मिलनी वाली धनराशि में देरी के सवाल पर कहा कि अब सरकार ने निर्णय लिया है कि नए साल का बजट समय से पास किया जाएगा। अब अगली मीटिंग से सब कुछ समयबद्ध ढंग से होगा।
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वित्तीय वर्ष 2014-15 की इस जिला योजना की बैठक में करीब आधा सैकड़ा विभागों ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रस्ताव रखे। जिन्हें जिला पंचायत सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने चर्चा करके सर्वसम्मति से पास किया।
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कुल प्रस्तावित 93.65 करोड़ रुपये के परिव्यय में प्रमुख रूप से इंदिरा व लोहिया आवास के लिए 1246.70 लाख रुपये, ग्रामीण पेयजल के लिए 1156.82 लाख रुपये, सड़क एवं पुल के लिए 990 लाख रुपये, नाली-इंटरलॉकिंग मार्ग पंचायतीराज के लिए 685.68 लाख रुपये, समाज कल्याण की पेंशन आदि योजनाओं के लिए 710 लाख रुपये, महिला एवं बाल कल्याण के लिए 439.45 लाख रुपये, ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए 341.24 लाख रुपये के प्रस्ताव शामिल रहे। जिन्हें मंजूरी मिली।
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चूंकि इस बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री मौजूद रहे, लिहाजा जनप्रतिनिधि खासे उत्साहित दिखे। अधिकारियों की भी उम्मीदें रहीं कि सर्व सम्मति से पारित प्रस्तावों को शासन से भी हरी झंडी मिल जाएगी। इस बैठक के विलंब से होने को लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री की व्यस्तता के कारण ऐसा हुआ।
इस बात पर उन्होंने संतोष जताया कि सभी सदस्यों के सुझावों को तसल्ली से सुना गया। साथ ही कहा कि अब अगली बैठक में विलंब नहीं होगा। वहीं प्रभारी मंत्री दुर्गाप्रसाद ने कहा कि बैठक पहले होनी चाहिए थी, मगर देरी से हो पाई। जिले के विकास से जुड़ी योजनाओं पर खुलकर चर्चा हुई और सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए।
इस दौरान सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य, सुखदेवी वर्मा, एमएलसी असीम यादव, सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, नामित सदस्य आशीष राजपूत, ब्लाक प्रमुख महिपाल सिंह यादव, अरविंद यादव, खन्ना यादव, डीएम नितिन बंसल, सीडीओ डॉ. अशोक चंद्र, एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह आदि अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन डीडीओ अनिल कुमार सिंह ने किया।
नलकूप बोरिंग की जांच होगी
बैठक में नलकूपों के खराब रहने की शिकायतें सुनने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जितने नलकूप यहां लगे हैं, शायद ही कहीं और लगे होंगे। कमीशनखोरी की वजह से जो गड़बड़ियां हुई हैं, उसकी जांच होगी। जिसने भी अनियमितता बरती होगी, उसे सजा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यदि घटिया पाइप लगाए जाएंगे तो बोरिंग कभी सफल नहीं होगी। पैसे की कमी नहीं है और पैसा भी मिल सकता है। जल्दबाजी में योजना नहीं बनानी चाहिए। सही योजना बने और क्वालिटी पर खर्च हो। सभी को अपनी ड्यूटी सही ढंग से निभानी होगी। तभी आम जनता का भला कर सकेंगे।
बाद में मीडिया से बातचीत में शिवपाल ने शासन से जिला योजना के तहत मिलनी वाली धनराशि में देरी के सवाल पर कहा कि अब सरकार ने निर्णय लिया है कि नए साल का बजट समय से पास किया जाएगा। अब अगली मीटिंग से सब कुछ समयबद्ध ढंग से होगा।