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जिला अस्पताल पुरुष को मिली बड़ी उपलब्धि
Updated Fri, 27 Oct 2017 10:18 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
ई-हॉस्पीटल बनने की ओर अग्रसर जिला अस्पताल प्रदेश का ऐसा पहला पुरुष अस्पताल है जिसे भारत सरकार की ओर से नेशनल क्वालिटी एश्योेरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेट (एनक्यूएस सर्टिफिकेट) मिला है। अभी तक एनक्यूएस प्रमाण पत्र प्रदेश के दो महिला अस्तपालों को ही मिल सका है। इनमें लखनऊ का अवंतीबाई महिला अस्पताल और दूसरा गाजियाबाद का महिला जिला अस्पताल शामिल है। भारत सरकार तीन साल तक जिला पुरुष अस्पताल में प्रति बेड मरीजों के लिए दस हजार रुपये देगी।
जिला अस्पताल पुरुष के सीएमएस डॉ एके पालीवाल ने बताया कि गत 18 से 20 जुलाई तक भारत सरकार की एनक्यूएस टीम ने जिला अस्पताल आकर 11 विभागों का सर्वे किया था। एनक्यूएस प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए 70 प्रतिशत अंक की जरूरत थी। जिला अस्पताल टीम के विश्वास और भरोसे पर इस कदर खरा उतरा कि टीम ने 12 प्रतिशत अंक ज्यादा देकर कुल 82 प्रतिशत अंक दिए जो निर्धारित मानक से कहीं अधिक है। इसी के आधार पर भारत सरकार के मिशन निदेशक ने उत्तर प्रदेश के मिशन निदेशक को एनक्यूएस प्रमाणपत्र सौंपा। जिसे अब जिला अस्पताल को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल पुरुष में 230 बेड हैं। भारत सरकार से अब तीन साल तक प्रति बेड दस हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। प्रति बेड क्या-क्या सुविधाएं मरीज को दी जाएंगी इस बारे में दिशा-निर्देश मिलना बाकी है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल पुरुष को कायाकल्प योजना के तहत वर्ष 2015-16 में द्वितीय पुरस्कार जीतने पर 20 लाख रुपये एवं 2016-17 में कायाकल्प योजना के तहत प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 लाख रुपए मिल चुके हैं। नई इमरजेंसी भी शुरू हो चुकी है।
- प्रति बेड दस हजार रुपये होंगे खर्च
- जिला अस्पताल पुरुष को मिला एनक्यूएस प्रमाण पत्र
- भारत सरकार तीन साल तक देगी प्रति बेड दस हजार रु पये
फोटो नंबर 14- जिला अस्पताल को एनक्यूएस प्रमाण पत्र मिलनेे पर सीएमएस डॉ. एके पालीवाल को बधाई देते अस्पताल के कर्मचारी।
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इटावा।
ई-हॉस्पीटल बनने की ओर अग्रसर जिला अस्पताल प्रदेश का ऐसा पहला पुरुष अस्पताल है जिसे भारत सरकार की ओर से नेशनल क्वालिटी एश्योेरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेट (एनक्यूएस सर्टिफिकेट) मिला है। अभी तक एनक्यूएस प्रमाण पत्र प्रदेश के दो महिला अस्तपालों को ही मिल सका है। इनमें लखनऊ का अवंतीबाई महिला अस्पताल और दूसरा गाजियाबाद का महिला जिला अस्पताल शामिल है। भारत सरकार तीन साल तक जिला पुरुष अस्पताल में प्रति बेड मरीजों के लिए दस हजार रुपये देगी।
जिला अस्पताल पुरुष के सीएमएस डॉ एके पालीवाल ने बताया कि गत 18 से 20 जुलाई तक भारत सरकार की एनक्यूएस टीम ने जिला अस्पताल आकर 11 विभागों का सर्वे किया था। एनक्यूएस प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए 70 प्रतिशत अंक की जरूरत थी। जिला अस्पताल टीम के विश्वास और भरोसे पर इस कदर खरा उतरा कि टीम ने 12 प्रतिशत अंक ज्यादा देकर कुल 82 प्रतिशत अंक दिए जो निर्धारित मानक से कहीं अधिक है। इसी के आधार पर भारत सरकार के मिशन निदेशक ने उत्तर प्रदेश के मिशन निदेशक को एनक्यूएस प्रमाणपत्र सौंपा। जिसे अब जिला अस्पताल को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल पुरुष में 230 बेड हैं। भारत सरकार से अब तीन साल तक प्रति बेड दस हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। प्रति बेड क्या-क्या सुविधाएं मरीज को दी जाएंगी इस बारे में दिशा-निर्देश मिलना बाकी है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल पुरुष को कायाकल्प योजना के तहत वर्ष 2015-16 में द्वितीय पुरस्कार जीतने पर 20 लाख रुपये एवं 2016-17 में कायाकल्प योजना के तहत प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 लाख रुपए मिल चुके हैं। नई इमरजेंसी भी शुरू हो चुकी है।
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- प्रति बेड दस हजार रुपये होंगे खर्च
- जिला अस्पताल पुरुष को मिला एनक्यूएस प्रमाण पत्र
- भारत सरकार तीन साल तक देगी प्रति बेड दस हजार रु पये
फोटो नंबर 14- जिला अस्पताल को एनक्यूएस प्रमाण पत्र मिलनेे पर सीएमएस डॉ. एके पालीवाल को बधाई देते अस्पताल के कर्मचारी।