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दिं की पुस्तक नहीं पढ़ सके कक्षा तीन के बच्चे

Sat, 02 Mar 2019 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Mar 2019 11:18 PM IST
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दिं की पुस्तक नहीं पढ़ सके कक्षा तीन के बच्चे
उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डा साक्षी बैजल ने शनिवार को नगला हीरालाल स्थित पं दीन दयाल आश्रम पद्घति विद्यालय समेत दो अन्य विद्यालयों का निरीक्षण किया। सभी विद्यालयों में तमाम खामियां मिली।
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नगला हीरालाल विद्यालय में साफ सफाई का अभाव दिखा। जिस पर उन्होंने नियमित सफाई करवाने के निर्देश दिए। बच्चे हिंदी की पुस्तक नहीं पढ़ सके।


डा0 साक्षी बैजल ने शनिवार को पं. दीन दयाल आश्रम पद्धति विद्यालय नगला हीरा लाल के अलावा प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटगांव एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नगर क्षेत्र का भी भ्रमण किया।
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आश्रम पद्धति निरीक्षण के निरीक्षण के दौरान विद्यालय में संचालित परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष के अंदर प्रकाश व्यवस्था होने के बावजूद लाइट बंद मिली। विद्यालय में साफ सफाई का अभाव दिखा। कक्षा की मेजों पर धूल जमा मिली।
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एक शौचालय साफ मिला जबकि बगल का शौचालय चोक पाया। जिसमें गंदगी व्याप्त थी। इस पर उन्होंने पर्याप्त साफ सफाई कराने के निर्देश दिए।

इसके पश्चात उन्होंने प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटगांव व आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय में 70 पंजीकृत में 53 बच्चे मिले। उन्होंने कक्षा तीन के छात्रों से हिन्दी की पुस्तक पढ़वायी।

बच्चे उसे ठीक से नहीं पढ़ सके। इस पर उन्होंने विद्यालय की प्रधानाचार्य से पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर में ही संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के स्टोर का भी निरीक्षण किया।

स्टोर में एक बोरी में दलिया के पैकेट रखे मिले। जो कटे फटे थे। जिस पर उन्होंने एतराज जताया। पूर्व माध्यामिक विद्यालय परिसर की चहारदीवारी नहीं होने पर उन्होंने स्टीमेट बनाकर भेजे जाने को कहा।

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां राशन के स्टोर की दशा काफी खराब पायी। सामान अस्त व्यस्त अवस्था में पड़ा मिला। बच्चो का सामान वितरण रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला।

तकिया गंदे पाए गए। बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष में सामान क्रय नहीं किया गया। इसलिए तकियों के कवर फट गए हैं। बायोमैट्रिक मशीन खराब हो गई। उसे ठीक कराया जा रहा है।

यहां 100 बच्चों के लिए एक मात्र कम्यूटर उपलब्ध मिला। बताया गया कि एक दिन में एक साथ 10 छात्रों को कंप्यूटर सिखाया जाता है। इस पर उन्होंने 10 कंप्यूटर की मांग करने को कहा।


उन्होंने भोजन को चखकर उसकी गुणवत्ता परखी। जो सही मिली। कमरों में बल्व की जगह ट्यूबलाइट लगाने को कहा। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी शिशु पाल सिंह आदि स्टाफ के लोग मौजूद रहे।
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