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20.88 करोड़ के बजट को मिली बोर्ड की मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:52 AM IST
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बैठक में मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को पंचायत सभागार में हुई। बैठक में वर्ष 2015-16 का 26 करोड़ 53 लाख 42 हजार रुपये का संशोधित और वर्ष 2016-17 के लिए 20 करोड़ 88 लाख 74 हजार रुपये का अनुमानित आय-व्यय बजट पेश हुआ। इसे बोर्ड सदस्यों ने सर्व सम्मति से अनुमोदित किया। बैठक में जिला पंचायत की आमदनी बढ़ाने के लिए उदी, हैंवरा, बिजौली व जसवंतनगर कस्बा में दुकानें बनाकर किराए पर उठाने का प्रस्ताव भी मंजूर कर लिया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव उर्फ अंशुल की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में अपर मुख्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार वर्मा ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। इसके बाद चालू वित्तीय वर्ष का पुनरीक्षित आय व्यय बजट पेश हुआ। अपर मुख्य अधिकारी ने बजट पेश करते हुए बताया कि जिला पंचायत को राज्य सरकार से करीब 7 करोड़ रुपये इसी महीने प्राप्त हो जाएंगे। राज्य सरकार से कुल 18 करोड़ 60 लाख रुपये मिलने का अनुमान है। लिहाजा 31 मार्च तक जिला पंचायत की अनुमानित आय 22 करोड़ 80 हजार 500 रुपये होना संभावित है।
इस आय में से 21 करोड़ 62 लाख 59 हजार 100 रुपये निर्माण कार्यों पर व्यय होने की संभावना है। इसके बाद उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए अनुमानित बजट पेश किया। इसे 15 फीसदी वृद्धि करके तैयार किया गया। इस बजट में राज्य सरकार से 16 करोड़ 20 लाख रुपये एवं निजी स्त्रोतों से 3 करोड़ 80 हजार 500 रुपये मिलाकर कुल 19 करोड़ 20 लाख 80 हजार 500 रुपये का अनुमानित आय का बजट पेश किया गया।
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आने वाले वर्ष में सर्वाधिक 16 करोड़ 30 लाख रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च करने का प्रावधान किया गया है। बोर्ड की बैठक में दोनों बजट सदस्यों ने सर्व सम्मति से अनुमोदित किए।
एएमए श्री वर्मा ने कहा कि ग्राम व क्षेत्र पंचायतों से 157 करोड़ 85 लाख 27 हजार रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। जिन्हें इसमें यथावत शामिल किया गया है। लेकिन इनमें जिला पंचायत का अंश सिर्फ 19 करोड़ 90 लाख 10 हजार रुपये का है। शेष धनराशि राज्य सरकार से अपेक्षित है।
प्रभारी सीडीओ/ डीडीओ अनिल कुमार सिंह ने मनरेगा को लेबर बजट भी इस बैठक में पेश कर अनुमोदित कराया। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2016-17 में श्रम व सामग्री के लिए कुल 33 करोड़ 38 लाख 70 हजार व्यय किया जाना प्रस्तावित है। इसमें लेबर यानि मजदूरी पर 21 करोड़ 69 लाख 16 हजार रुपये और सामग्री पर 11 करोड़ 69 लाख 55 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। श्रम व सामग्री पर कुल खर्च का क्रमश: 60-40 के अनुपात में खर्च किया जाता है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव उर्फ अंशुल की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में अपर मुख्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार वर्मा ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। इसके बाद चालू वित्तीय वर्ष का पुनरीक्षित आय व्यय बजट पेश हुआ। अपर मुख्य अधिकारी ने बजट पेश करते हुए बताया कि जिला पंचायत को राज्य सरकार से करीब 7 करोड़ रुपये इसी महीने प्राप्त हो जाएंगे। राज्य सरकार से कुल 18 करोड़ 60 लाख रुपये मिलने का अनुमान है। लिहाजा 31 मार्च तक जिला पंचायत की अनुमानित आय 22 करोड़ 80 हजार 500 रुपये होना संभावित है।
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इस आय में से 21 करोड़ 62 लाख 59 हजार 100 रुपये निर्माण कार्यों पर व्यय होने की संभावना है। इसके बाद उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए अनुमानित बजट पेश किया। इसे 15 फीसदी वृद्धि करके तैयार किया गया। इस बजट में राज्य सरकार से 16 करोड़ 20 लाख रुपये एवं निजी स्त्रोतों से 3 करोड़ 80 हजार 500 रुपये मिलाकर कुल 19 करोड़ 20 लाख 80 हजार 500 रुपये का अनुमानित आय का बजट पेश किया गया।
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आने वाले वर्ष में सर्वाधिक 16 करोड़ 30 लाख रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च करने का प्रावधान किया गया है। बोर्ड की बैठक में दोनों बजट सदस्यों ने सर्व सम्मति से अनुमोदित किए।
एएमए श्री वर्मा ने कहा कि ग्राम व क्षेत्र पंचायतों से 157 करोड़ 85 लाख 27 हजार रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। जिन्हें इसमें यथावत शामिल किया गया है। लेकिन इनमें जिला पंचायत का अंश सिर्फ 19 करोड़ 90 लाख 10 हजार रुपये का है। शेष धनराशि राज्य सरकार से अपेक्षित है।
प्रभारी सीडीओ/ डीडीओ अनिल कुमार सिंह ने मनरेगा को लेबर बजट भी इस बैठक में पेश कर अनुमोदित कराया। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2016-17 में श्रम व सामग्री के लिए कुल 33 करोड़ 38 लाख 70 हजार व्यय किया जाना प्रस्तावित है। इसमें लेबर यानि मजदूरी पर 21 करोड़ 69 लाख 16 हजार रुपये और सामग्री पर 11 करोड़ 69 लाख 55 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। श्रम व सामग्री पर कुल खर्च का क्रमश: 60-40 के अनुपात में खर्च किया जाता है।