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सफारी के बाहर और अंदर से आती रहीं तेंदुआ की आवाजें
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। इटावा सफारी पार्क में घुसा तेंदुआ अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है। वहीं उसकी मादा तेंदुआ यमुना के किनारे बीहड़ में उसकी तलाश में भटक रही है। रविवार की रात सफारी के अंदर और बाहर से दोनों तेंदुए की आवाजें सफारी कर्मियों ने सुनीं। आसपास के क्षेत्र में तेंदुआ के विचरण से दहशत बनी हुई है। दोनों तेंदुआ एक दूसरे को खोज रहे हैं।
10 जनवरी को एक नर तेंदुआ जुहाना गांव की तरफ से इटावा सफारी पार्क के बफर (ब्रीडिंग) क्षेत्र में अंदर आ गया था। उसकी साथी मादा तेंदुआ अपने बच्चे के साथ उससे बिछड़ गई। सफारी पार्क में तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में दो बार देखा जा चुका हैं पर पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुआ को पकड़ने के लिए सफारी कर्मी गश्त तो कर रहे हैं वहीं तीन पिजड़े भी अंदर बनाए गए हैं। बाहर मादा तेंदुआ कभी फिशर वन क्षेत्र में तो कभी बलरई के बीहड़ में विचरण करते देखी गई। वन विभाग के कर्मचारी बाहरी क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। उसके पगमार्क भी कई जगह मिल चुके हैं। वहीं रविवार की रात एंटीलोप सफारी के पीछे मादा तेंदुआ के पहुंचने के पगमार्क पाए गए।
आसपास के किसानों ने बताया कि रात में सफारी के बाहर और अंदर दोनों स्थानों से तेंदुआ की आवाजें सुनाई देती रहीं। वन कर्मी रात में ही उधर पहुंचे। परंतु मादा तेंदुआ जंगल में कहीं छिप गई।
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इटावा। इटावा सफारी पार्क में घुसा तेंदुआ अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है। वहीं उसकी मादा तेंदुआ यमुना के किनारे बीहड़ में उसकी तलाश में भटक रही है। रविवार की रात सफारी के अंदर और बाहर से दोनों तेंदुए की आवाजें सफारी कर्मियों ने सुनीं। आसपास के क्षेत्र में तेंदुआ के विचरण से दहशत बनी हुई है। दोनों तेंदुआ एक दूसरे को खोज रहे हैं।
10 जनवरी को एक नर तेंदुआ जुहाना गांव की तरफ से इटावा सफारी पार्क के बफर (ब्रीडिंग) क्षेत्र में अंदर आ गया था। उसकी साथी मादा तेंदुआ अपने बच्चे के साथ उससे बिछड़ गई। सफारी पार्क में तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में दो बार देखा जा चुका हैं पर पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुआ को पकड़ने के लिए सफारी कर्मी गश्त तो कर रहे हैं वहीं तीन पिजड़े भी अंदर बनाए गए हैं। बाहर मादा तेंदुआ कभी फिशर वन क्षेत्र में तो कभी बलरई के बीहड़ में विचरण करते देखी गई। वन विभाग के कर्मचारी बाहरी क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। उसके पगमार्क भी कई जगह मिल चुके हैं। वहीं रविवार की रात एंटीलोप सफारी के पीछे मादा तेंदुआ के पहुंचने के पगमार्क पाए गए।
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आसपास के किसानों ने बताया कि रात में सफारी के बाहर और अंदर दोनों स्थानों से तेंदुआ की आवाजें सुनाई देती रहीं। वन कर्मी रात में ही उधर पहुंचे। परंतु मादा तेंदुआ जंगल में कहीं छिप गई।
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