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घटयात्रा के साथ पंच कल्याणक महोत्सव शुरू
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 25 Feb 2016 10:49 PM IST
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गुरुवार को शहर केसरिया रंग में रंगा नजर आया। चारों ओर भगवान महावीर के जयकारे गूंज रहे थे। सिर पर कलश धारण किए हुए इंद्र-इंद्राणियों ने अनूठी छटा बिखेरी। घटयात्रा के साथ श्री मज्जिनेंद्र महावीर स्वामी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया।
घटयात्रा सुबह पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर से निकाली गई। यात्रा बड़े जैन मंदिर से शुरू होकर नन्नूमल चौराहा, महावीर पार्क, घंटाघर, जीटी रोड, रेलवे रोड, मालगोदाम रोड होती हुई कासगंज रोड स्थित वीर विमल अहिंसा क्षेत्र पर संपन्न हुई। आचार्य सुंदर सागर महाराज, मुनि प्रमुख सागर महाराज और क्षुल्लक समर्पण सागर महाराज भक्तों को आशीष प्रदान कर रहे थे। वीर विमल अहिंसा क्षेत्र में प्रतिष्ठाचार्य अजित कुमार शास्त्री और सह प्रतिष्ठाचार्य विपिन जैन स्वामी और सतीश जैन के निर्देशन में ध्वजारोहण की क्रिया संपन्न कराई गई। ध्वजारोहण पुष्पराज जैन पम्मी एवं शैलेंद्र जैन, मंडप उद्घाटन पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी, मंच का उद्घाटन रामबाबू जैन, मंगल कलश की स्थापना सुरेश चंद्र जैन, दीप प्रज्जवलन शैलेंद्र जैन, जाप्य कलश की स्थापना सतीश चंद्र जैन, चित्र अनावरण सुराज चंद्र जैन, अरिहंत प्रकाश जैन और सुरेश जैन द्वारा किया गया। ध्वजारोहण होते ही कुंडलपुर नगरी आकर्षक लाइटों से झिलमिला उठी। इसके बाद पांडाल में याग मंडल विधान और गर्भ कल्याणक की पूजा संपन्न कराई गई।
मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि गर्भ का आशय है गुप्त साधना करना जो गुप्त साधना गुप्त दान आदि करता है उसे गुप्त संपत्ति प्राप्त होती है। माता त्रिशला ने पूर्व भव में गुप्त साधना की तभी उन्हें महान पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि एक ओर तो जीव का गर्भ कल्याणक मनाते हैं। लेकिन यहीं गर्भपात जैसे जघन्य निकृष्ट पाप भी हो रहे हैं। गैरों की बेटी पर जान देते हो और स्वयं की बेटी की जान लेते हो। यह कहां का न्याय है। क्षु्ल्लक समर्पण सागर महाराज ने कहा कि जिस देश में गर्भ कल्याणक महोत्सव मनाया जाता है उस देश में गर्भपात नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम की सुरक्षा की कमान श्री दिगंबर जैन वीर मंडल के हाथ में रही। सर्वेश जैन, मुकेश चंद्र जैन, विजय चंद्र जैन, प्रदीप गुड्डू, सुनील बांदा, सुधीर जैन, पीयूष जैन, राजीव सुल्ली, सचिन जैन, बबिता जैन, नंदनबाई जैन, अनीता जैन, कांता जैन, संतोष जैन, अर्चना जैन, चित्रा जैन, ममता जैन समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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घटयात्रा सुबह पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर से निकाली गई। यात्रा बड़े जैन मंदिर से शुरू होकर नन्नूमल चौराहा, महावीर पार्क, घंटाघर, जीटी रोड, रेलवे रोड, मालगोदाम रोड होती हुई कासगंज रोड स्थित वीर विमल अहिंसा क्षेत्र पर संपन्न हुई। आचार्य सुंदर सागर महाराज, मुनि प्रमुख सागर महाराज और क्षुल्लक समर्पण सागर महाराज भक्तों को आशीष प्रदान कर रहे थे। वीर विमल अहिंसा क्षेत्र में प्रतिष्ठाचार्य अजित कुमार शास्त्री और सह प्रतिष्ठाचार्य विपिन जैन स्वामी और सतीश जैन के निर्देशन में ध्वजारोहण की क्रिया संपन्न कराई गई। ध्वजारोहण पुष्पराज जैन पम्मी एवं शैलेंद्र जैन, मंडप उद्घाटन पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी, मंच का उद्घाटन रामबाबू जैन, मंगल कलश की स्थापना सुरेश चंद्र जैन, दीप प्रज्जवलन शैलेंद्र जैन, जाप्य कलश की स्थापना सतीश चंद्र जैन, चित्र अनावरण सुराज चंद्र जैन, अरिहंत प्रकाश जैन और सुरेश जैन द्वारा किया गया। ध्वजारोहण होते ही कुंडलपुर नगरी आकर्षक लाइटों से झिलमिला उठी। इसके बाद पांडाल में याग मंडल विधान और गर्भ कल्याणक की पूजा संपन्न कराई गई।
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मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि गर्भ का आशय है गुप्त साधना करना जो गुप्त साधना गुप्त दान आदि करता है उसे गुप्त संपत्ति प्राप्त होती है। माता त्रिशला ने पूर्व भव में गुप्त साधना की तभी उन्हें महान पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि एक ओर तो जीव का गर्भ कल्याणक मनाते हैं। लेकिन यहीं गर्भपात जैसे जघन्य निकृष्ट पाप भी हो रहे हैं। गैरों की बेटी पर जान देते हो और स्वयं की बेटी की जान लेते हो। यह कहां का न्याय है। क्षु्ल्लक समर्पण सागर महाराज ने कहा कि जिस देश में गर्भ कल्याणक महोत्सव मनाया जाता है उस देश में गर्भपात नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम की सुरक्षा की कमान श्री दिगंबर जैन वीर मंडल के हाथ में रही। सर्वेश जैन, मुकेश चंद्र जैन, विजय चंद्र जैन, प्रदीप गुड्डू, सुनील बांदा, सुधीर जैन, पीयूष जैन, राजीव सुल्ली, सचिन जैन, बबिता जैन, नंदनबाई जैन, अनीता जैन, कांता जैन, संतोष जैन, अर्चना जैन, चित्रा जैन, ममता जैन समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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