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Etah News: हैंडपंपों के गोलमाल में फंसे दो पूर्व प्रधान
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हैंडपंपों के गोलमाल में फंसे दो पूर्व प्रधान
धनराशि वसूली की होगी कार्रवाई, जारी किए गए नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। हैंडपंपों के गोलमाल में दो पूर्व प्रधान फंस गए हैं। इन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। जिनमें सरकारी धनराशि वसूलने की हिदायत दी गई है।
डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने अलीगंज ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत अकबरपुर कोट की पूर्व प्रधान ममता और इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत जटौराभान के ग्राम प्रधान अरिजीत सिंह को नोटिस जारी किए हैं। जटौराभान के पूर्व प्रधान ने 2011-12 में हैंडपंपों की मरम्मत पर 83300 रुपये का खर्चा दिखाकर सरकारी पैसा निकाला। आरोप है कि जो बिल लगाए गए है वो बिना टिन नंबर के थे, जो अमान्य हो गए। ऑडिट के दौरान यह भी आपत्ति जताई गई कि हैंडपंपों की मरम्मत में 50 प्रतिशत धनराशि जनसहभागिता की होनी चाहिए। जबकि जो पैसा निकाला गया, उसमें जनसहभागिता का कोई अंश नहीं था। ऐसे में माना गया है कि सरकारी धनराशि 83300 का दुरुपयोग किया गया है।
इसी से मिलता जुलता मामला अकबरपुर कोट का है। यहां की पूर्व प्रधान ने 2011-12 में हैंडपंप मरम्मत में 45 हजार रुपये खर्च दिखाकर निकाले। साथ ही 30 हजार रुपये का एक हैंडपंप भी लगा दिखाया। जबकि ग्राम पंचायत केवल पेयजल योजना, हैंडपंप आदि के संचालन और रखरखाव पर ही खर्च कर सकती है। नया हैंडपंप नहीं लगा सकती। ऐसे में यहां 75 हजार रुपये का दुरुपयोग माना गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह चौहान ने बताया कि पहले से इन मामलों में शिकायतें रही थीं, जिन पर जांच कराई जा चुकी है।
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धनराशि वसूली की होगी कार्रवाई, जारी किए गए नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। हैंडपंपों के गोलमाल में दो पूर्व प्रधान फंस गए हैं। इन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। जिनमें सरकारी धनराशि वसूलने की हिदायत दी गई है।
डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने अलीगंज ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत अकबरपुर कोट की पूर्व प्रधान ममता और इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत जटौराभान के ग्राम प्रधान अरिजीत सिंह को नोटिस जारी किए हैं। जटौराभान के पूर्व प्रधान ने 2011-12 में हैंडपंपों की मरम्मत पर 83300 रुपये का खर्चा दिखाकर सरकारी पैसा निकाला। आरोप है कि जो बिल लगाए गए है वो बिना टिन नंबर के थे, जो अमान्य हो गए। ऑडिट के दौरान यह भी आपत्ति जताई गई कि हैंडपंपों की मरम्मत में 50 प्रतिशत धनराशि जनसहभागिता की होनी चाहिए। जबकि जो पैसा निकाला गया, उसमें जनसहभागिता का कोई अंश नहीं था। ऐसे में माना गया है कि सरकारी धनराशि 83300 का दुरुपयोग किया गया है।
इसी से मिलता जुलता मामला अकबरपुर कोट का है। यहां की पूर्व प्रधान ने 2011-12 में हैंडपंप मरम्मत में 45 हजार रुपये खर्च दिखाकर निकाले। साथ ही 30 हजार रुपये का एक हैंडपंप भी लगा दिखाया। जबकि ग्राम पंचायत केवल पेयजल योजना, हैंडपंप आदि के संचालन और रखरखाव पर ही खर्च कर सकती है। नया हैंडपंप नहीं लगा सकती। ऐसे में यहां 75 हजार रुपये का दुरुपयोग माना गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह चौहान ने बताया कि पहले से इन मामलों में शिकायतें रही थीं, जिन पर जांच कराई जा चुकी है।
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