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अवैध शराब बनाने के गढ़ टपुआ और एटा में छापे
अमर उजाला ब्यूरो एटा।
Updated Wed, 20 Jul 2016 11:29 PM IST
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अवैध शराब बनाने के गढ़ टपुआ और एटा में छापे
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में जहरीली शराब से 44 मौतों के बाद प्रशासन ने पुलिस और पीएसी के साथ अवैध शराब माफिया के गढ़ गांव टपुआ में कार्रवाई की। भारी संख्या में पुलिस और पीएसी को देख गांव में भगदड़ मच गई। यहां से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं, 28 के खिलाफ थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। भारी मात्रा में मिथाइल एल्कोहल, देशी शराब, यूरिया, नौसादर बरामद किया गया। घरों और खेतों में बने भूमिगत टैंक, शराब की भट्ठियां और कच्ची शराब से भरे प्लास्टिक के ड्रमों को नष्ट कर दिया है। शहर में भी जीटी रोड स्थित सैनिक पड़ाव मैदान में डेरा डाले लोेगों को पुलिस और पालिका अधिकारियों ने खदेड़ दिया व उनका सामान जब्त कर लिया। इस बस्ती में भी अवैध रूप से कच्ची शराब भी बनाकर बेचने का धंधा चल रहा था।
टपुआ पूर्व मंत्री अवध पाल सिंह यादव का गांव है। विरोध की आशंका के चलते बुधवार को सीडीओ राजेंद्र कुमार, एडीएम महेश चंद्र, आबकारी अधिकारी वीके शर्मा, जिले भर के थानों की पुलिस और पीएसी के साथ गांव टपुआ में पहुंचे। पुलिस को देख यहां भगदड़ मच गई, गांव में सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही बचे थे। एसएसपी अजय कुमार राय ने बताया कि मौके से 1200 लीटर अवैध शराब और 1000 लीटर मिथाइल अल्कोहल, 750 किग्रा यूरिया, भारी मात्रा में नौसादर बरामद हुआ है। तीन दर्जन से अधिक शराब से भरे टैंक नष्ट कर दिए। पुलिस ने करीब चार लाख लीटर लहन नष्ट करते हुए अधबनी शराब नष्ट की है। जिन 28 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, उनमें अधिकांश वे हैं, जिनके घरों और खेत में अवैध शराब के टैंकर और भट्टियां मिलीं हैं।
प्रशासन ने की एटा में 33 की मौत की पुष्टि,
तीन का नहीं हुआ पोस्टमार्टम, जांच के बाद शामिल होंगे सूची में
बुधवार को कोई मौत न होने से ली प्रशासन राहत की सांस
गुरुवार से मृतकों के परिवारीजनों को दिए जाएंगे सहायता राशि के चेक
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। जहरीली शराब पीने हालत बिगड़ने पर जिन लोगों को उपचार के लिए सैफई और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, उनकी हालत में अब सुधार है। अधिकांश को घर भेज दिया गया। पांच लोगों का ही सैफई में उपचार चल रहा है। वे भी आईसीयू से बाहर आ गए हैं। बुधवार को कोई मौत नहीं होने के कारण प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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बता दें, जहरीली शराब पीने से एटा और फर्रुखाबाद में 44 लोगों की मौत हुई हैं, इनमें 36 की मौत एटा और आठ की फर्रुखाबाद में मौत हुई है। प्रशासन जिले में 33 की मौत होने की ही पुष्टि कर रहा है। उन तीन लोगों के नाम प्रशासन के रिकार्ड में शामिल नहीं हैं, जिनके शवों का परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया था। जांच के बाद इनके नाम सूची में शामिल किए जाएंगे। गुरुवार से मृतकों के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता राशि के चेक दिए जाएंगे।
कलक्ट्रेट स्थित सभागार में डीएम अजय यादव ने कहा बताया कि बुधवार को जहरीली शराब पीने से जिले में कोई मौत नहीं हुई है। इस घटना में 33 की मौत हुई, 152 लोगों को जहरीली शराब पीने के कारण सीएचसी में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 94 को सैफई और आगरा रेफर किया गया था। डीएम ने बताया कि 20 लोगों की एटा में मौत हो गई थीं, जबकि 12 ने सैफई में उपचार के दौरान और एक व्यक्ति ने आगरा में दम तोड़ा है। पहले दिन पांच मौतें होने के बाद अलीगंज तहसील क्षेत्र के 63 सेक्टर में बांटकर जिला प्रशासन और चिकित्सकों की टीमें ने गांव-गांव पहुंचीं और जिस पर भी जहरीली शराब पीने का संदेह हुआ उसे सीएचसी अलीगंज में भर्ती कराया गया। जहरीली शराब से अलीगंज नगर पालिका क्षेत्र के चार मोहल्लों समेत आधा दर्जन गांव प्रभावित थे। शराब माफिया के खिलाफ जिले भर में चले अभियान के दौरान अब तक 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि पांच से छह लाख लीटर शराब नष्ट कराई गई है। एसएसपी अजय शंकर राय ने बताया कि सैफई अस्पताल में अब केवल पांच लोग भर्ती हैं, आईसीयू में अब कोई नहीं है। लगातार लोगों को जहरीली शराब नहीं पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को टपुआ समेत आसपास गांवों में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और पीएसी बल के साथ शराब के अवैध अड्डों को ध्वस्त किया है। शराब के अवैध अड्डों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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टपुआ पूर्व मंत्री अवध पाल सिंह यादव का गांव है। विरोध की आशंका के चलते बुधवार को सीडीओ राजेंद्र कुमार, एडीएम महेश चंद्र, आबकारी अधिकारी वीके शर्मा, जिले भर के थानों की पुलिस और पीएसी के साथ गांव टपुआ में पहुंचे। पुलिस को देख यहां भगदड़ मच गई, गांव में सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही बचे थे। एसएसपी अजय कुमार राय ने बताया कि मौके से 1200 लीटर अवैध शराब और 1000 लीटर मिथाइल अल्कोहल, 750 किग्रा यूरिया, भारी मात्रा में नौसादर बरामद हुआ है। तीन दर्जन से अधिक शराब से भरे टैंक नष्ट कर दिए। पुलिस ने करीब चार लाख लीटर लहन नष्ट करते हुए अधबनी शराब नष्ट की है। जिन 28 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, उनमें अधिकांश वे हैं, जिनके घरों और खेत में अवैध शराब के टैंकर और भट्टियां मिलीं हैं।
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प्रशासन ने की एटा में 33 की मौत की पुष्टि,
तीन का नहीं हुआ पोस्टमार्टम, जांच के बाद शामिल होंगे सूची में
बुधवार को कोई मौत न होने से ली प्रशासन राहत की सांस
गुरुवार से मृतकों के परिवारीजनों को दिए जाएंगे सहायता राशि के चेक
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। जहरीली शराब पीने हालत बिगड़ने पर जिन लोगों को उपचार के लिए सैफई और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, उनकी हालत में अब सुधार है। अधिकांश को घर भेज दिया गया। पांच लोगों का ही सैफई में उपचार चल रहा है। वे भी आईसीयू से बाहर आ गए हैं। बुधवार को कोई मौत नहीं होने के कारण प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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बता दें, जहरीली शराब पीने से एटा और फर्रुखाबाद में 44 लोगों की मौत हुई हैं, इनमें 36 की मौत एटा और आठ की फर्रुखाबाद में मौत हुई है। प्रशासन जिले में 33 की मौत होने की ही पुष्टि कर रहा है। उन तीन लोगों के नाम प्रशासन के रिकार्ड में शामिल नहीं हैं, जिनके शवों का परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया था। जांच के बाद इनके नाम सूची में शामिल किए जाएंगे। गुरुवार से मृतकों के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता राशि के चेक दिए जाएंगे।
कलक्ट्रेट स्थित सभागार में डीएम अजय यादव ने कहा बताया कि बुधवार को जहरीली शराब पीने से जिले में कोई मौत नहीं हुई है। इस घटना में 33 की मौत हुई, 152 लोगों को जहरीली शराब पीने के कारण सीएचसी में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 94 को सैफई और आगरा रेफर किया गया था। डीएम ने बताया कि 20 लोगों की एटा में मौत हो गई थीं, जबकि 12 ने सैफई में उपचार के दौरान और एक व्यक्ति ने आगरा में दम तोड़ा है। पहले दिन पांच मौतें होने के बाद अलीगंज तहसील क्षेत्र के 63 सेक्टर में बांटकर जिला प्रशासन और चिकित्सकों की टीमें ने गांव-गांव पहुंचीं और जिस पर भी जहरीली शराब पीने का संदेह हुआ उसे सीएचसी अलीगंज में भर्ती कराया गया। जहरीली शराब से अलीगंज नगर पालिका क्षेत्र के चार मोहल्लों समेत आधा दर्जन गांव प्रभावित थे। शराब माफिया के खिलाफ जिले भर में चले अभियान के दौरान अब तक 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि पांच से छह लाख लीटर शराब नष्ट कराई गई है। एसएसपी अजय शंकर राय ने बताया कि सैफई अस्पताल में अब केवल पांच लोग भर्ती हैं, आईसीयू में अब कोई नहीं है। लगातार लोगों को जहरीली शराब नहीं पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को टपुआ समेत आसपास गांवों में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और पीएसी बल के साथ शराब के अवैध अड्डों को ध्वस्त किया है। शराब के अवैध अड्डों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।