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Etah News: नगला टोड़ी में मिट्टी डालने के मांग पत्र पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा था रिश्वतखोर
Sun, 15 Sep 2024 01:43 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 15 Sep 2024 01:43 AM IST
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एटा। ब्लॉक जैथरा से रिश्वत के 10 हजार लेने वाले रोजगार सेवक को पूछताछ के बाद जेल भेजा गया है। रिश्वतखोर नगला टोड़ी में मिट्टी का कार्य कराने के लिए तैयार मांग पत्र पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा था। इसके लिए ही 10000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उसे भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने शुक्रवार को पकड़ा था।
ग्राम पंचायत धरौली की प्रधान संगीता यादव के पति नरेश सिंह ने बताया कि गांव नगला टोड़ी में दलदल होने के चलते मिट्टी डलवाने के लिए कार्ययोजना भेजी गई थी। मांग पत्र तैयार कर पत्रावली रोजगार सेवक राम सुधाकर के पास भेजी गई थी। यह कार्य मनरेगा से होना था। इसके लिए रोजगार सेवक ने 10 हजार रुपये की मांग की थी। पहले ही सारी रकम देने का दबाव बना रहा था, ऐसा संभव नहीं था। इसको लेकर कई बार समझाया भी गया। बताया कि मांग पत्र पर सबसे पहले रोजगार सेवक के हस्ताक्षर होते हैं, इसके बाद पंचायत सचिव व अन्य के हस्ताक्षर से फाइल विकास कार्याें के लिए आगे बढ़ती है। रोजगार सेवक की वजह से कार्य अब तक अटका पड़ा है और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
भेजा गया मेरठ जेल
भ्रष्टाचार निवारण टीम अलीगढ़ के निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी राम सुधाकर के खिलाफ मामला बागवाला थाने में दर्ज कराया गया है। भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई के लिए मेरठ में कोर्ट है और वहां पर ही जेल बनाई गई है। शनिवार की सुबह स्थानीय पुलिस के माध्यम से आरोपी को मेरठ जेल भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण टीम के निरीक्षक मनीष कुमार चौहान करेंगे और मेरठ कोर्ट में ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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ग्राम पंचायत धरौली की प्रधान संगीता यादव के पति नरेश सिंह ने बताया कि गांव नगला टोड़ी में दलदल होने के चलते मिट्टी डलवाने के लिए कार्ययोजना भेजी गई थी। मांग पत्र तैयार कर पत्रावली रोजगार सेवक राम सुधाकर के पास भेजी गई थी। यह कार्य मनरेगा से होना था। इसके लिए रोजगार सेवक ने 10 हजार रुपये की मांग की थी। पहले ही सारी रकम देने का दबाव बना रहा था, ऐसा संभव नहीं था। इसको लेकर कई बार समझाया भी गया। बताया कि मांग पत्र पर सबसे पहले रोजगार सेवक के हस्ताक्षर होते हैं, इसके बाद पंचायत सचिव व अन्य के हस्ताक्षर से फाइल विकास कार्याें के लिए आगे बढ़ती है। रोजगार सेवक की वजह से कार्य अब तक अटका पड़ा है और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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भेजा गया मेरठ जेल
भ्रष्टाचार निवारण टीम अलीगढ़ के निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी राम सुधाकर के खिलाफ मामला बागवाला थाने में दर्ज कराया गया है। भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई के लिए मेरठ में कोर्ट है और वहां पर ही जेल बनाई गई है। शनिवार की सुबह स्थानीय पुलिस के माध्यम से आरोपी को मेरठ जेल भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण टीम के निरीक्षक मनीष कुमार चौहान करेंगे और मेरठ कोर्ट में ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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