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नृत्य के बलबूते मुकाम बनाने में लगी हैं प्रतिभाएं
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:05 PM IST
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नृत्य के बलबूते मुकाम बनाने में लगी हैं प्रतिभाएं
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में कई ऐसी प्रतिभाएं हैं जो अपने हुनर के बलबूते पर अपनी पहचान बना चुकी है। जब वह घुंघरू बांध कर स्टेज पर उतरती हैं तो अपनी नृत्य प्रतिभा से सभी को चमत्कृत कर देती हैं। ये प्रतिभाएं देश के कई हिस्सों में अपनी प्रतिभा का करिश्मा दिखा चुकी हैं।
हिमांशी
नृत्य कला की प्रतिभाओं में हिमंाशी द्विवेदी का नाम पहली पंक्ति में आता है। वह अपने को कासगंज से बाहर भी स्थापित कर चुकी है। हिमांशी एलआईसी में कार्यरत सीबी द्विवेदी की पुत्री हैं। तीन साल की उम्र से ही उन्होंने नृत्य करना शुरू कर दिया। पहली बार मंच पर प्रतिभा दिखाने का मौका मिला, तो आ तक पीछे मुड़कर नहीं देखा। 14 साल की अपने नृत्य कला के सफर में जिले के बाहर एटा महोत्सव, आगरा के ताज महोत्सव, अलीगढ़, बरेली, बदायूं, बनारस आजमगढ, गोवा, पुणे, मुंबई, दिल्ली, सहित अन्य स्थानों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। पिछले दिनों कल्चरल प्रोग्राम में कत्थक की 36000 प्रतिभाओं के बीच प्रदेश की एकमात्र प्रतिभागी के रूप में शामिल हुई। जुलाई माह में विशाखापट्टम में आयोजित होने वाले कल्चर प्रोगाम में शामिल होने के लिए भी निमंत्रण मिला है। कत्थक के अलावा वह भरत नाट्यम, उड़िया नृत्य, मोहिनी अट्टम सहित अन्य नृत्य कलाओं में अपनी प्रदर्शन कर चुकी हैं।
मां से संगीत विरासत में मिला तान्या को
तान्या सक्सेना को संगीत अपनी मां से विरासत में मिला है। वह अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन जिले के बाहर कई अन्य शहरों में भी कर चुकी है।
वह गली बोहरान क्षेत्र में रहने वाले राकेश सक्सेना की पुत्री है। उनकी मां अर्चना सक्सेना संगीत की शिक्षिका है। मां के संगीत शिक्षक होने से उन्हें अपनी नृत्य कला में निखार लाने में काफी मदद मिली। उन्होंने सात वर्ष की आयु में नगला पट्टी मिनी स्टेडियम से अपनी नृत्य कला का सफर आरंभ किया। यहां पर आयोजित कार्यक्रम में प्रथम स्थान मिलने के बाद वह आगे बढ़ती गई। सोनी टीबी के कुछ भी करेगा कार्यक्रम में प्रतिभाग कर चुकी हैं। कासगंज महोत्सव में कई बार प्रदर्शन करने के अलावा अलावा एटा महोत्सव, दिल्ली, अलीगढ़ आदि स्थानों पर प्रदर्शन किया है। वह इस समय अपनी शिक्षा के लिए दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं।
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क्लासिक नृत्य में शुभि ने जीते हैं कई इनाम
नगर की शुभि माहेश्वरी क्लासिक नृत्य की कलाकार है। शहर और बाहर कई कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर चुकी हैं।
पिता कारोबारी विपिन माहेश्वरी और मां संगीता माहेश्वरी ने बेटी इस हुनर को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। बचपन में टीबी पर आने वाले कार्यक्रमों को देखकर जब वह थिरकती तो उनकी छिपी नृत्य प्रतिभा को आगे लाने में माता-पिता ने सहयोग किया। कासगंज महोत्सव के अलावा इटावा में आयोजित आस्था चैनल के कार्यक्रम, फर्रुखाबाद, छर्रा अलीगढ़ के महेश नवमी महोत्सव में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी है।
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हिमांशी
नृत्य कला की प्रतिभाओं में हिमंाशी द्विवेदी का नाम पहली पंक्ति में आता है। वह अपने को कासगंज से बाहर भी स्थापित कर चुकी है। हिमांशी एलआईसी में कार्यरत सीबी द्विवेदी की पुत्री हैं। तीन साल की उम्र से ही उन्होंने नृत्य करना शुरू कर दिया। पहली बार मंच पर प्रतिभा दिखाने का मौका मिला, तो आ तक पीछे मुड़कर नहीं देखा। 14 साल की अपने नृत्य कला के सफर में जिले के बाहर एटा महोत्सव, आगरा के ताज महोत्सव, अलीगढ़, बरेली, बदायूं, बनारस आजमगढ, गोवा, पुणे, मुंबई, दिल्ली, सहित अन्य स्थानों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। पिछले दिनों कल्चरल प्रोग्राम में कत्थक की 36000 प्रतिभाओं के बीच प्रदेश की एकमात्र प्रतिभागी के रूप में शामिल हुई। जुलाई माह में विशाखापट्टम में आयोजित होने वाले कल्चर प्रोगाम में शामिल होने के लिए भी निमंत्रण मिला है। कत्थक के अलावा वह भरत नाट्यम, उड़िया नृत्य, मोहिनी अट्टम सहित अन्य नृत्य कलाओं में अपनी प्रदर्शन कर चुकी हैं।
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मां से संगीत विरासत में मिला तान्या को
तान्या सक्सेना को संगीत अपनी मां से विरासत में मिला है। वह अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन जिले के बाहर कई अन्य शहरों में भी कर चुकी है।
वह गली बोहरान क्षेत्र में रहने वाले राकेश सक्सेना की पुत्री है। उनकी मां अर्चना सक्सेना संगीत की शिक्षिका है। मां के संगीत शिक्षक होने से उन्हें अपनी नृत्य कला में निखार लाने में काफी मदद मिली। उन्होंने सात वर्ष की आयु में नगला पट्टी मिनी स्टेडियम से अपनी नृत्य कला का सफर आरंभ किया। यहां पर आयोजित कार्यक्रम में प्रथम स्थान मिलने के बाद वह आगे बढ़ती गई। सोनी टीबी के कुछ भी करेगा कार्यक्रम में प्रतिभाग कर चुकी हैं। कासगंज महोत्सव में कई बार प्रदर्शन करने के अलावा अलावा एटा महोत्सव, दिल्ली, अलीगढ़ आदि स्थानों पर प्रदर्शन किया है। वह इस समय अपनी शिक्षा के लिए दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं।
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क्लासिक नृत्य में शुभि ने जीते हैं कई इनाम
नगर की शुभि माहेश्वरी क्लासिक नृत्य की कलाकार है। शहर और बाहर कई कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर चुकी हैं।
पिता कारोबारी विपिन माहेश्वरी और मां संगीता माहेश्वरी ने बेटी इस हुनर को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। बचपन में टीबी पर आने वाले कार्यक्रमों को देखकर जब वह थिरकती तो उनकी छिपी नृत्य प्रतिभा को आगे लाने में माता-पिता ने सहयोग किया। कासगंज महोत्सव के अलावा इटावा में आयोजित आस्था चैनल के कार्यक्रम, फर्रुखाबाद, छर्रा अलीगढ़ के महेश नवमी महोत्सव में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी है।